हम सब पर्यटक है...सफर करते हैं पीछे निशां छोड़ जाते हैं: लक्ष्यराजसिंह

- राजस्थान विद्यापीठ में विश्व पयर्टन दिवस पर आयोजन

By: bhuvanesh pandya

Published: 04 Oct 2021, 09:46 AM IST

भुवनेश पंड्या
उदयपुर. हम सब पर्यटक है। सफ र करते है और निशां छोड़ जाते है। हमें इस बात को समझना होगा कि हम ऐसे क्या काम करके जाएंगे, जिनकी वजह से हमें याद रखा जाए, क्योंकि संसार में सिर्फ सोच ही जीवित है। हम क्या सोच छोडकऱ जाते हैं, क्या काम करके जाते हैं, जिससे आने वाली पीढिय़ां हमें याद करती है। मेवाड़ ने यह बात जनार्दनराय नागर राजस्थान विद्यापीठ डीम्ड टू बी विश्वविद्यालय में एचआरएच ग्रुप के एक्जीक्यूटिव डायरेक्टर लक्ष्यराज सिंह मेवाड़ ने बतौर मुख्य अतिथि कही। सोमवार को डिपार्टमेंट ऑफ ट्रेवल, ट्यूरिज्म एण्ड हॉस्पिटलिटी की ओर से विश्व पर्यटन दिवस पर ‘पर्यटन पर कोविड 19 महामारी का प्रभाव, अपराध व पर्यटन’ विषय पर कार्यक्रम में मेवाड़ ने कहा कि उन्हें जन सेवा, महिला स्वच्छता प्रबंधन, शिक्षा और पर्यावरण संरक्षण के क्षेत्र में मेवाड़वासियों की मदद से जो चार गिनीज बुक ऑफ वल्र्ड रिकॉड्र्स मिले और यूके में सातवें भारत गौरव से नवाजा गया, उससे खुशी तो मिली, लेकिन उस पर यदि भारत लिखा हो तो ज्यादा खुशी होती है। उन्होंने कहा कि आदमी को मेवाड़ से बाहर निकाल सकते हैं, लेकिन क्या कोई मेवाड़ को मेवाड़ी हृदय से बाहर निकाल सकता है। इतिहास में कभी आलोचक को जगह नहीं मिली है, वहां वहीं शख्सियतें दर्ज हैं, जिन्होंने राष्ट्र के लिए योगदान देकर अपनी माटी के स्वाभिमान की रक्षा में प्राण तक न्यौछावर किए। हमें मेवाड़ी व हिन्दी के साथ हर भाषा सीखनी चाहिए, लेकिन हमारी भाषा और संस्कृति को छोडऩा नहीं है। लोग पश्चिम की तरफ दौड़ रहे हैं, जहां सूरज भी डूबता है।

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दूसरे सत्र के मुख्य अतिथि जिला पुलिस अधीक्षक डॉ. राजीव पचार ने कहा कि पर्यटन के क्षेत्र में उदयपुर शहर का अपना अलग ही स्थान है। उन्होंने कहा कि शहर को अपराध मुक्त रखने की हम सभी की जिम्मेदारी है। जब शहर में पर्यटन का बूम होता है तो व्यक्ति के मन में लालच आ जाता है। इस परम्परा को बंद करना होगा। इसके लिए प्रशासन ने पर्यटन मित्र केन्द्रों की स्थापना भी की है, जिससे पर्यटक व व्यवसायी के बीच अच्छे सम्बंध कायम हो सके। अध्यक्षता करते हुए कुलपति प्रो. एसएस सारंगदेवोत ने कहा कि विश्व पर्यटन दिवस मनाने का उद्देश्य सामाजिक, सांस्कृतिक, राजनीतिक और आर्थिक मूल्यों के प्रति विश्व समुदाय को जाग्रत करना है। पर्यटन सिर्फ हमारे जीवन में खुशिया लाता है। देश के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। उन्हंोने कहा कि देश की जीडीपी का 10 प्रतिशत पर्यटन का योगदान है। विशिष्ट अतिथि कुल प्रमुख भंवर लाल गुर्जर ने कहा कि महाराणा भूपाल सिंह की प्रेरणा से बनारस हिन्दू विश्वविद्यालय में दीक्षा ग्रहण करने गए। मेवाड़ में वंचित व आदिवासी वर्ग तक शिक्षा की अलख जगाने के उद्देश्य से महाराणा की प्रेरणा से 1937 में तीन रुपए व पांच कार्यकर्ताओं के साथ विद्यापीठ की स्थापना की। निदेशक प्रो. अनिता शुक्ला ने भी विचार रखे। संचालन डॉ. मधु मुर्डिया, डॉ. तरूण श्रीमाली ने किया। कार्यक्रम में कई कार्मिकों को सम्मानित किया गया।

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