सखियां बोली- 'हम ही कवि हमारा ही कवि सम्मेलन'

दिगम्बर जैन महिला महासमिति का अभिनव आयोजन

By: Pankaj

Published: 03 Dec 2019, 02:08 AM IST

उदयपुर . दिगम्बर जैन महासमिति महिला संभाग उदयपुर ने सोमवार को अशोकनगर स्थित विज्ञान भवन में 'हम ही कवि हमारा ही कवि सम्मेलन' के रूप में एक अभिनव आयोजन किया। श्रोताओं ने प्रत्येक कवयित्री की कविता पर खूब तालियां बजाई। प्रचार मंत्री अनीता शाह ने बताया कि कवि सम्मेलन में सुशीला पांड्या ने 'जो घबरा गया जमाने के गम से वो क्या खाक जीएगा' पाठ किया। सुनीता वैद ने हैदराबाद की घटना पर 'जब तक हम न ले प्रण ये सिलसिला यूं ही चलता रहेगा', निकीता शाह ने 'मां-बाप और गुरु की सेवाएं अब हम सब क्यों भूल रहे', डॉ. जोति अखावत ने 'संवेदनाएं किधर चली गई', सूत्रधार डॉ. सीमा चंपावत ने 'देखा है तुम्हें हर रंग में, हर रूप में', बबीता जैन ने 'मां एक शब्द नहीं संसार है', डॉ. संतोष गोधा ने 'आज कौन नहीं है चिंता में', सीमा एस वैद ने 'हर खुशी है लोगों के दामन में', सर्वेश जैन ने 'माता जिनवाणी तेरी स्तुति है बार-बार', शिखा बंडी ने 'निभ नहीं रहे हैं रिश्ते', मंजू पाटनी ने 'वो नहीं मेरा पर उससे मोहब्बत है तो है', आशा मेहता ने 'फरिश्ते भी इस दौर में सच बोले तो मारे जाए' रचना पेश की।

Pankaj Reporting
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