चीन और रूस की चाल चलेंगे हम, अब कोविड-19 के उपचार के लिए ‘उमिफेनोविर’ का होगा ट्रायल

- सीएसआईआर-सीडीआरआई को मिली स्वीकृति - लखनऊ में होगा ट्रायल

By: bhuvanesh pandya

Published: 26 Jun 2020, 08:34 AM IST

भुवनेश पंड्या

उदयपुर. सीएसआईआर-सीडीआरआई (काउंसिंल ऑफ साइंटिफिक एण्ड इंडस्ट्रियल रिसर्च- सेन्ट्रल ड्रग रिसर्च इंस्टीट्यूट) को उमिफेनोविर दवा को कोविड-19 के इलाज के लिए फेज तीन क्लीनिकल ट्रायल की डीसीजीआई यानी भारत सरकार के औषधि महानियंत्रक ने अनुमति दे दी है। अब तक हाइड्रोक्सीक्लॉरोक्विन दवा को कोरोना के उपचार के लिए काम आने की चर्चा के बाद हर किसी की जुबान पर इसका नाम चढ़ चुका था। लेकिन अब ये नई तैयारी की जा रही है।

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सीएसआईआर की घटक प्रयोगशाला सीएसआईआर सेंट्रल ड्रग रिसर्च इंस्टीट्यूट, सीडीआरआईद्ध लखनऊ को एंटीवायरल ड्रग उमिफेनोविर को उसकी प्रभावकारिता, सुरक्षा और सहनशीलता के परीक्षण के लिए तीसरे चरण के रेंडम, डबल ब्लाइंड, प्लेसबो नियंत्रित क्लिनिकल परीक्षण करने की अनुमति औषधि महानियंत्रक, भारत सरकार डीसीजीआई से मिल गई है। सीडीआरआई यह क्लिनिकल परीक्षण लखनऊ के किंग जॉर्ज मेडिकल यूनिवर्सिटी, डॉ राम मनोहर लोहिया इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज आरएमएलआईएस और एराज लखनऊ मेडिकल कॉलेज एंड हॉस्पिटल लखनऊ में करेगी।

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सुरक्षित दवा , चीन और रूस में उपयोग इस दवा की एक अच्छी और सुरक्षित प्रोफ़ ाइल है। यह मानव कोशिकाओं में वायरस के प्रवेश को रोकने और प्रतिरक्षा प्रणाली को सक्रिय करने के माध्यम से कार्य करती है। चीन और रूस में उमिफेनोविर का उपयोग मुख्य रूप से इन्फ्लूएंजा के इलाज के लिए किया जाता है। यह दवा अन्य किसी देश में यह उपलब्ध नहीं है। हाल ही में कोविड-19 के रोगियों के लिए इसके संभावित उपयोग को चिन्हित किया गया है।

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भारतीय रोगियों में इसकी प्रभावकारिता का मूल्यांकन करने के लिएए सीएसआईआर-सीडीआरआई लखनऊ को इसके क्लीनिकल परीक्षण की अनुमति मिल गई है। इसके साथ ही संस्थान ने रिकॉर्ड समय में उमिफेनोविर के निर्माण के लिए प्रोसेस टेक्नोलोजी विकसित की है। दवा के निर्माण और विपणन के लिए संस्थान द्वारा विकसित किफ ायती प्रक्रिया प्रौद्योगिकी को मेडिज़ेस्ट फ ार्मास्यूटिकल्स प्राइवेट लिमिटेड गोवा को लाइसेंस किया गया है। जिन्होंने पहले ही इसके लिए डीसीजीआई से टेस्ट लाइसेंस प्राप्त कर लिया है। सीएसआईआर-सीडीआरआई के निदेशक प्रोफेसर तपस कुंडू के अनुसार दवा के लिए सभी एक्टिव फ ार्मास्युटिकल इंग्रेडिएंट कच्चे माल स्वदेशी रूप से उपलब्ध हैं। यदि क्लीनिकल परीक्षण सफ ल रहा तो उमिफेनोविर कोविड.19 के खिलाफ एक सुरक्षित प्रभावकारी, सस्ती दवा हो सकती है। सफलता पर ये दवा राष्ट्रीय कार्यक्रम का हिस्सा हो सकती है।

bhuvanesh pandya Reporting
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