'ऑनलाइन गतिविधियां करेंगी जीडीपी पर चोट'

रिसरजेंस ऑफ बिजनेस ग्रोथ पोस्ट कोविड-19 चैलेंजेस एंड स्ट्रेटेजीज' विषयक दो दिवसीय वेबिनार शुरू

By: jitendra paliwal

Updated: 10 May 2020, 09:39 AM IST

उदयपुर. मोहनलाल सुखाडिय़ा विश्वविद्यालय के प्रबन्ध अध्ययन संकाय के तत्वावधान में 'रिसरजेंस ऑफ बिजनेस ग्रोथ पोस्ट कोविड-19 चैलेंजेस एंड स्ट्रेटेजीज' विषयक दो दिवसीय अतरराष्ट्रीय वेबिनार शुक्रवार को शुरू हुआ। संकाय निदेशक प्रो. हनुमान प्रसाद ने बताया कि देश-विदेश से 150 से ज्यादा शोध-पत्र आए आए हैं तथा 280 से ज्यादा विशेषज्ञ हिस्सा ले रहे हैं। अध्यक्षता कुलपति प्रो. एन. एस. राठौड़ ने की। मुख्य अतिथि हिमाचल केन्द्रीय विश्वविद्यालय के पूर्व कुलपति प्रो फुरखान कमर ने कहा कि विश्व को अर्थव्यवस्था में अनिश्चितता एवं भय का माहौल है, मगर विश्व उम्मीद और सकारात्मकता प्रदर्शित कर रहा है। इस माहौल में उत्पादकता एवं आपूर्ति श्रृंखला में परिवर्तन दिखेगा। जीवन की गुणवत्ता एवं उपभोग की क्षमता में कमी निम्न आय स्तर के कारण दिखेगी। ऑनलाइन व्यवसाय की प्रचुरता के कारण जीडीपी को हानि होगी। विशिष्ट अतिथि सदर्न कनिटक स्टेट विश्वविद्यालय, अमरीका के प्रो. श्याम एस. लोढ़ा ने कहा कि भारत को जीवनरक्षक आयामों पर फोकस करते हुए सृजनात्मक ऊर्जा स्रोतों पर जोर देना होगा। इसके अतिरक्त मूलभूत आवश्यकताओं तथा विवैश्वीकरण पर भी जोर देना होगा। नॉर्थ वेस्ट विवि के उप अधिष्ठाता, शोध एवं इनोवेशन प्रो. बेब्स सुरजलाल ने भविष्य के व्यवसायों पर जानकारी देते हुए नए व्यापार मॉड़ल चिह्नित करने पर जोर दिया। प्रो. करुणेश सक्सेना ने आभार जताया। संचालन डा. स्वाति एवं श्रेया ने किया।
39 शोध-पत्र पढ़े
दो सामानांतर तकनीकी सत्र चले। 'कोविड-19 के बाद विपणन गतिविधियों के प्रबन्धÓ सत्र के मुख्य वक्ता आइआइएफटी के डॉ. राजेन्द्र शर्मा थे। इसमें कुल 39 शोध-पत्र पढ़े गए। दूसरे सत्र 'मानव संसाधन एवं रोजगार मुद्देÓ की अध्यक्ष प्रो. मीरा माथुर थीं। मुख्य वक्ता दिल्ली के अवशेष दीक्षित थे। इस सत्र में प्रमुखतया घर से कार्य करने, इंटरनेट उपयोग से बढ़ते तनाव, अध्यात्मिक अभ्यास की तनाव प्रबन्ध में भूमिका पर शोध-पत्र पढ़े गए।

लॉकडाउन में एमपीयूएटी ने किए किसान सेवा कार्य
उदयपुर. एमपीयूएटी के कुलपति प्रो. नरेंद्र सिंह राठौड़ ने विश्वविद्यालय के फैकल्टी एवं स्टॅाफ को ऑनलाइन संबोधित किया, जिसमें 100 व्यक्तियों ने भाग लिया। उन्होंने कहा कि हमें सरकार की ओर से निर्देशित एडवाइजरी का अनुपालन करना चाहिए। सामाजिक दूरी बनाए रखने, समूह न बनाने, बाहर निकलने पर अच्छी गुणवत्ता के मास्क का प्रयोग, नियमित रूप से साबुन से हाथ धोने, चेहरे पर हाथ नहीं लगाने तथा बाहरी व्यक्तियों को बिना काम कार्यालय में प्रवेश नहीं देने की सलाह दी। उन्होंने लॉकडाउन पीरियड में सभी फैकल्टी, टीचर्स, कृषि वैज्ञानिकों द्वारा ऑनलाइन शिक्षा, अनुसंधान कार्यों एवं कृषि विज्ञान केन्द्र के माध्यम से कृषक जागरूकता कार्य करने पर सराहना की।

jitendra paliwal Desk
और पढ़े

राजस्थान पत्रिका लाइव टीवी

हमारी वेबसाइट पर कंटेंट का प्रयोग जारी रखकर आप हमारी गोपनीयता नीति और कूकीज नीति से सहमत होते हैं।
OK
Ad Block is Banned