एमपीयूएटी की मारवी परियोजना को मंजूरी

आस्ट्रेलिया सरकार के सहयोग से चलाई जा रही मारवी परियोजना

By: Mukesh Kumar Hinger

Updated: 18 Oct 2020, 09:33 PM IST

उदयपुर. महाराणा प्रताप कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय के तत्वाधान में आस्ट्रेलिया सरकार के सहयोग से चलाई जा रही मारवी परियोजना के अन्तर्गत किये गये एम.ओ.यू को प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की अध्यक्षता में केबिनेट बैठक में अनुमोदन कर दिया गया है। मारवी परियोजना भींडर तहसील के धारता जलग्रहण क्षेत्र तथा गुजरात के मेधरज जलग्रहण क्षेत्र में सामुदायिक भू-जल प्रबन्धन पर ग्रामीण किसानों के सहयोग से चलाया जा रहा है। यह एम.ओ.यू. जल शक्ति मंत्रालय, भारत सरकार, मारवी पार्टनर तथा आस्ट्रेलिया सरकार के बीच भू-जल प्रबन्धन पर अनुसंधान, दक्षता विकास में आपसी सहयोग के लिये किया गया है। पिछले साल नई दिल्ली में किए गए इस एम.ओ.यू. में एमपीयूएटी के कुलपति डॉ. नरेन्द्रसिंह राठौड़, पूर्व निदेशक अनुसंधान डॉ. अभय मेहता, एवं अधिष्ठाता सीटीएई डॉ. अजय कुमार शर्मा शामिल हुए थे। मारवी परियोजना के प्रभारी डॉ. पी.के. सिंह ने बताया कि इस परियोजना में गांव के किसानों को भू-जल जानकार बनाकर ग्रामीण स्तर पर भू-जल सहकारी समितियों भी बनाई गयी है, जिससे ग्रामीण किसान आपस में भू-जल का उपयोग समुचित रूप से कर सकते है। इस योजना में भूजल का स्तर बढ़ाना तथा सामुदायिक स्तर पर ग्रामीण भू-जल जानकार द्वारा कुओं का तथा एनीकट का जल स्तर मापकर जल उपलब्धता अनुसार फसल-चक्र का चयन करना।
इधर, वेस्टर्न सिडनी यूनिवर्सिटी के वैज्ञानिक हिन्ता गांव निवासी प्रोफेसर बसंत माहेश्वरी तथा योजना से जुड़े विद्या भवन पोलीटेक्निक के प्राचार्य डॉ अनिल मेहता ने बताया कि मारवी में ऑस्ट्रेलियाई वाटर पार्टनरशिप, वेस्टर्न सिडनी यूनिवर्सिटी, ऐ.सी.आई.ऐ.आर, विद्या भवन, महाराणा प्रताप कृषि एवं तकनिकी विश्वविद्यालय, इंटरनेशनल वाटर मेनेजमेंट इंस्टिट्यूट, गुजरात के डवलपमेंट सपोर्ट सेंटर, एरिड कमयुनिटीज एंड टेक्नोलोजिज साझेदार संस्थाए हैं।

Show More
Mukesh Kumar Hinger Desk
और पढ़े

राजस्थान पत्रिका लाइव टीवी

हमारी वेबसाइट पर कंटेंट का प्रयोग जारी रखकर आप हमारी गोपनीयता नीति और कूकीज नीति से सहमत होते हैं।
OK
Ad Block is Banned