ये कैसी सुरक्षा, इमरजेंसी में बैठे डॉक्टरों के लिए ना पीपीई किट, ना एन-95 मास्क -

- महाराणा भूपाल हॉस्पिटल

भुवनेश पंड्या
उदयपुर. देश दुनिया में कोरोना का हल्ला मचा है, सरकार लगातार एक के बाद एक निर्णय ले रही है ताकि लोगों को जीवन सुरक्षित रहे, बावजूद इसके हम कितने सतर्क हैं, इसका दो दिन में ये दूसरा उदाहरण देखने मिल रहा है। यहां इमरजेंसी में बैठे चिकित्सकों के लिए ना तो पीपीई (पब्लिक प्रोटेक्शन इक्यूपमेंट)किट है और ना ही एन-95 मास्क । कोरोना वार्ड तक पहुंचने से पहले हर गंभीर मरीज पहले यहां चिकित्सकों तक पहुंचता है, यहां बैठे डॉक्टर गंभीरता को देखते हुए आगे की जांच यानी कोरोना या स्वाइन फ्लू जांच की सलाह देते हैं। ऐसे में इमरजेंसी में इस तरह की लापरवाही कहा तक ठीक है।

------

तो बक्से में बंद क्यों है मास्क और किट ?वर्तमान में महाराणा भूपाल हॉस्पिटल से लेकर चिकित्सा विभाग के पास कई मास्क और किट उपलब्ध है बावजूद इसके अधिकांश चिकित्सकों को या तो ये उपलब्ध नहीं करवाए जा रहे हैं या चिकित्सक इन्हें पहनकर बैठने के लिए तैयार नहीं है।

-----

ऐसे फैल सकता है संक्रमण चिकित्सकों तक जो मरीज पहुंच रहे हैं, यदि उनमें कोई सर्दी, जुकाम, बुखार, खांसी से पीडि़त है तो चिकित्सक मरीज को उसकी सेहत के बारे में पूछेगा। उसके पास बैठकर उसकी जांच करेगा, ऐसे में यदि चिकित्सक स्वयं ही सचेत नहीं है तो क्या हाल हो सकते हैं, ये वाकई भयावह है।

-----

उपलब्ध मास्क की संख्या - साधन- महाराणा भूपाल- चिकित्सा विभाग- कुल

- पीपीई किट- 400- 72- 472

- एन-95 मास्क-3420-1190-4610

- ट्रिपल लेयर मास्क-3060-6340-9400-

----

जल्द सभी चिकित्सकों को पूरी सतर्कता बरतने के आदेश दिए जाएंगे। जहां कमी है उसे तत्काल ठीक करेंगे।

डॉ आरएल सुमन, अधीक्षक महाराणा भूपाल हॉस्पिटल उदयपुर

bhuvanesh pandya Reporting
और पढ़े

राजस्थान पत्रिका लाइव टीवी

हमारी वेबसाइट पर कंटेंट का प्रयोग जारी रखकर आप हमारी गोपनीयता नीति और कूकीज नीति से सहमत होते हैं।
OK
Ad Block is Banned