जहां देना था पोषण, वहीं दिनभर भूखी रही महिलाएं

खाखड में शिविर एक दिन पूर्व मर्जी से कर दिया समापन, ३२ महिलाएं भूखी लौटी

By: surendra rao

Published: 07 Mar 2020, 06:21 PM IST

उदयपुर. झाड़ोल. राज्य सरकार द्वारा प्रदेश में कुपोषण मिटाने को लेकर विभिन्न प्रकार की योजनाओं का संचालन कर करोड़ों रूपये खर्च कर कुपोषण से निपटने के लिए प्रयास किये जा रहे है। वहीं ग्राम पंचायत की लापरवाही के चलते आदिवासी बाहुल्य खाखड ग्राम पंचायत में चल रहे कुपोषण शिविर के अन्तिम दिन ३२ महिलाएं दिनभर भूखी रही और शाम को उन्हें भूखा-प्यासा ही घर लौटना पड़ा। खाखड़ राजीव गांधी सेवा केन्द्र पर २० फरवरी से कुपोषण निवारण आवासीय फोलोअप शिविर प्रारंभ हुआ था।
खाखड के राजस्व गांवों नयागंाव, खाखड़, गोपीर की ३२ महिलाएं शिविर शुरू हुआ तब से ही शिविर में अपने कुपोषित बच्चों के साथ शिविर में उपस्थित रही थी। शिविर का समापन शुक्रवार के होना था मगर ग्राम पंचायत द्वारा गुरूवार को ही कर देने से महिलाओं के लिए खाना नही बनाया गया। महिलाओं को पंचायत द्वारा सुबह सिर्फ नाश्ता कराया। भूख लगने से एंव तीन बजे तक खाना नही मिलने से महिलाऐं भूखे ही अपने बच्चों को लेकर घरों को चली गई।कलक्टर आनन्दी द्वारा क्षेत्र में सर्वे करा कर अति कुपोषित एंव कुपोषित बच्चों को कुपोषण से निवारण के लिए योजना बना कर ग्राम पंचायत स्तर पर १५ दिन तक शिविरों का आयोजन कराया जा रहा हैं। जिसमें सरकार द्वारा कुपोषित बच्चों एवं उनके साथ में आने वाली माताओं के लिए भी भोजन की व्यवस्था की जा रही है जिससे मां के साथ बच्चें शिविर में रह कर पोषण प्राप्त करें एंव कुपोषण से निपट सकें। लेकिन धरातल स्तर पर ग्राम पंचायत द्वारा इन शिविरों में रूचि नही लेकर सिर्फ औपचारिकता ही पूरी की जा रही हैं।

surendra rao Desk
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