कोरोना वार्ड में काम किया,संक्रमित का उपचार किया तो डर दूर करने मिलना होगा मनोचिकित्सक से

- केन्द्र के निर्देश पर एमबी में भी सर्कुलर जारी

By: bhuvanesh pandya

Published: 26 Jun 2020, 08:40 AM IST

भुवनेश पंड्या

उदयपुर. जिस चिकित्सक या नर्सेज ने कोरोना वार्ड में काम किया है, कोविड-19 संक्रमित के उपचार में अपनी भूमिका निभाई है उसे किसी भी भ्रांति या डर है तो उसे मनोचिकित्सक से मिलकर इसका निवारण करना होगा। इसे लेकर केन्द्र की ओर से जारी आदेश के बाद एमबी हॉस्पिटल ने भी आदेश जारी किए हैं। कोरोना रोगियों के इलाज में लगे डॉक्टरों व नर्सों को मनो सामाजिक परामर्श के केंद्र से भी सहायता मिल सकेगी।

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ये इसलिए जरूरी - किसी भी चिकित्सक या नर्सेज ने यदि कोरोना वार्ड में काम किया है और उसे मन में किसी भी प्रकार का संक्रमण का डर है तो उसका निराकरण करने में फायदा होगा। - कई बार कार्मिकों को हल्की सी सर्दी, खांसी या जुकाम होने पर भी अन्दर से ये डर है कि उन्हें संक्रमण हो सकता है तो इस भ्रांति को मनोचिकित्सक दूर कर सकते हैं। - कई बार काम पूरा होने के बाद या क्वारंटीन होने के बाद भी कई कार्मिकों को रात-रात भर नींद नहीं आने या सिर में दर्द रहने जैसी समस्याएं होने लगती है जो आम हैं, लेकिन वे इसे लेकर बेहद चिंता पालने लगते हैं। ये समस्या दूर होगी।

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एमबी में वार्ड में कार्यरत 25 से अधिक चिकित्साकर्मी कोविड-19 का शिकार भी हुए थे। बकायदा उनकी रिपोर्ट पॉजिटिव आई, जिनका उपचार किया, उन्हीं के साथ वे भी भर्ती रहे। इसमें चार चिकित्सक भी शामिल थे, लेकिन खास बात ये रही कि सभी स्वस्थ है और अपना उपचार करने के बाद आइसोलेशन में रहकर अधिकांश ड्यूटी पर भी लौट आए हैं।

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हमने ये निर्देश सरकार से मिलने के बाद स्थानीय स्तर पर प्रसारित किए थे, यदि किसी को डर है या कोई परेशानी है तो उसे तत्काल मनोचिकित्सक से सलाह लेकर स्वयं को फिर से बेहतर करने में मदद मिलेगी। हालांकि हमारे यहां जो-जो भी चिकित्साकर्मी कोविड संक्र मित हुए सभी बेहतर हो चुके हैं।

डॉ लाखन पोसवाल, प्राचार्य आरएनटी मेडिकल कॉलेज उदयपुर

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