उदयपुर में फैक्ट्री में संदिग्ध हालत में हुई श्रम‍िक की मौत, मुआवजे पर बवाल.. राजनीतिक दखल के बाद समझौता

उदयपुर में फैक्ट्री में संदिग्ध हालत में हुई श्रम‍िक की मौत, मुआवजे पर बवाल.. राजनीतिक दखल के बाद समझौता

madhulika singh | Publish: Sep, 05 2018 06:28:08 PM (IST) Udaipur, Rajasthan, India

www.patrika.com/rajasthan-news

मो. इल‍ियास/उदयपुर . शहर के मादड़ी औद्योगिक क्षेत्र में रोड नम्बर-5 स्थित एक फैक्ट्री में सोमवार रात एक इलेक्ट्रीशियन की संदिग्ध हालत में मौत हो गई। परिजनों व ग्रामीणों ने लापरवाही का आरोप लगाते हुए मुआवजे की मांग को लेकर शाम तक शव नहीं उठाया। दोनों पक्षों में समझौता होने के बाद पुलिस ने पोस्टमार्टम करवा शाम को शव परिजनों के सुपुर्द किया।

मृतक सौभागपुरा निवासी लोकेश (23) पुत्र धूलाजी डांगी गत चार माह से गोल्डन ड्रग्स फैक्ट्री में इलेक्ट्रीशियन पद पर काम कर रहा था, जो अभी शुरू नहीं हुई है। रात करीब 9.30 बजे वह घर से निकला था। करीब 11.30 बजे फैक्ट्री में उसकी तबीयत बिगड़ गई। उल्टी होने के साथ ही वह बेसुध गया। साथी श्रमिकों ने परिजनों को सूचना दी। परिजन एम्बुलेंस से अस्पताल ले गए, जहां चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया। परिजनों का आरोप है कि फैक्ट्री प्रबंधन ने उन्हें काफी देर से सूचना दी। जब वे मौके पर पहुंचे तब तक लोकेश की सांस थम चुकी थी। संभवत: फैक्ट्री के ऊपरी माले पर चल रहे काम के दौरान घुटन से उसकी मौत हुई थी। पुलिस ने रात को ही शव एमबी चिकित्सालय के मुर्दाघर में रखवाया। सुबह पुलिस के साथ एफएसएल प्रभारी अभय प्रताप सिंह व अशोक कुमार ने मौके पर आवश्यक साक्ष्य लिए।

 

READ MORE : video : ये गांव आज भी जूझ रहे हैं इन परेशान‍ियों से..आज तक कोई नहीं पहुंचा इन्‍हें दूर करने


फैक्ट्री परिसर में ही सजाई चिता

सुबह सौभागपुरा, कानपुर, लकड़वास के सैकड़ों ग्रामीण एवं समाजजन मुआवजे की मांग को लेकर फैक्ट्री के बाहर एकत्र हुए। उन्होंने वहां घेराव करते हुए विरोध प्रदर्शन किया। दोपहर तक आसपास के गांव से भी लोग पहुंच गए। भीड़ के बीच बड़ी संख्या में लोग फैक्ट्री में घुस गए। काफी देर तक प्रबंधन की ओर से कोई सुनवाई नहीं होने पर ग्रामीणों का आक्रोश भडक़ गया। उन्होंने फैक्ट्री में रखी लकडिय़ों को एक जगह इक_ा कर चिता सजा कर वहीं अन्त्येष्टि की मांग पर अड़ गए। माहौल गरमाने पर विधायक फूलसिंह मीणा, भाजपा जिलाध्यक्ष दिनेश भट्ट, भाजयुमो प्रदेश उपाध्यक्ष गजपाल सिंह राठौड़, रविकांत त्रिपाठी, पूर्व सरपंच सीताराम डांगी, इंटक के प्रदेशाध्यक्ष जगदीशराज श्रीमाली, पूर्व वार्ड पंच पन्नालाल मेघवाल सहित कई लोग पहुंच गए। उन्होंने ग्रामीणों से समझाइश के बाद प्रबंधन से वार्ता कर समझौता करवाया।

 

दीपावली के बाद होने वाली थी शादी

मृतक लोकेश दो बहनों पर इकलौता भाई होकर सबसे छोटा था। जन्माष्टमी पर्व पर मोहल्ले में उसने बढ़-चढकऱ हिस्सा लिया था। उसकी मौत पर दोस्तों व मोहल्लेवासियों को एकाएक विश्वास ही नहीं हुआ। परिजनों ने उसकी सगाई मनवाखेड़ा कर रखी थी। दीपावली के बाद उसकी शादी होनी थी। एकाएक चिराग की बुझने से परिजनों की हालत खराब हो गई। बहनें व मां-बाप का विलाप किसी से देखा नहीं गया। शाम को अंतिमसंस्कार में कई ग्रामीणों ने हिस्सा लिया।

राजस्थान पत्रिका लाइव टीवी

Ad Block is Banned