उदयपुर में जिपलाइन में हवा में टकराए दो युवक, बाल-बाल बची मासूम... सुरक्षा इंतजाम पर लोगों ने उठाए सवाल..

उदयपुर में जिपलाइन में हवा में टकराए दो युवक,  बाल-बाल बची मासूम... सुरक्षा इंतजाम पर लोगों ने उठाए सवाल..

Madhulika Singh | Publish: Sep, 03 2018 01:59:02 PM (IST) Udaipur, Rajasthan, India


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मो. इल‍ियास/उदयपुर. शहर के निकट चीरवा घाटा स्थित फूलों की घाटी उद्यान में एक कर्मचारी की लापरवाही के चलते रविवार शाम जिपलाइन पर बीच में दो युवक हवा में बुरी तरह से टकरा गए। पीछे से छोड़े गए युवक के सीने पर उसकी चार साल की बच्ची बंधी थी। उसने सूझबूझ का परिचय देते हुए स्वयं को हूक पर घूमा लिया जिससे दोनों पीठ से टकराए और बच्ची दबने से बच गई। भिड़न्त इतनी जोरदार थी कि पहले से लटक हुआ युवक टांगों के बल उलटा हो गया जिसने बचने के लिए हड़बड़ाहट में लोहे का रस्सा पकड़ लिया जिससे उसकी हाथ की अंगुलियां बुरी तरह से जख्मी हो गई।

हादसे से मौके पर अपनी बारी का इंतजार कर रहे लोग सहम गए। वहां पर किसी तरह के सुरक्षा इंतजाम नहीं होने से वे बिफर पड़े, उन्होंने जिपलाइन का संचालन कर रहे वन सुरक्षा समिति के कर्मियों को खूब खरी-खोटी सुनाई। हंगामे की सूचना पर सुखेर थाने के एएसआई नारायणसिंह मय जाप्ते मौके पर पहुंचे। कुछ देर के बाद वन रेंजर भी वहां आए गए। पुलिस ने समझाइश कर लोगों को शांत किया। हादसे में सविना क्षेत्र में रोशन कॉलोनी निवासी बहादुर (20) पुत्र रमेश कुमावत की अंगुलियां जख्मी हुई जबकि न्यू अङ्क्षहसापुरी फतहपुरा निवासी राजेश (30) पुत्र महेन्द्र कुमार जैन के टकराने पर उसके चोट पहुंची।

 

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हवा में टकराए, लोगों में आक्रोश

छुट्टी का दिन होने से शाम करीब 4.00 बजे वहां पर डेढ़ से दो सौ लोग खड़े थे। प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि बहादुर हवा के रूख के कारण जिपलाइन के लेंडिंग स्पॉट से करीब 10 से 15 फीट पहले ही रुक गया। कुछ देर लटकने के बाद पुली (चरखी) से रिवर्स होकर बीच में पहुंच गया। इस बीच, कर्मी ने लापरवाहीपूर्वक राजेश को छोड़ दिया। राजेश के भी जिपलाइन पर आने पर बहादुर चिल्लाता हुआ उल्टा हो गया और राजेश ने भी स्वयं को उलटा कर दिया।

लोगों में आक्रोश
हादसे के बाद एक कर्मी गल्ब पहनकर जीपलाइन पर गया और एक -एक को खींचकर लेकर आया। लोगों का कहना था कि मौके पर दो लड़कियां व तीन लडक़े थे जिन्हें किसी भी तरह का प्रशिक्षण प्राप्त नहीं था।


जिप लाइन पूरी से सुरक्षित है। मानवीय त्रुटि के कारण ऐसा हुआ। जिप लाइन पर लगे लोग एक निश्चित समय व रस्सी से एक आवाज करने के बाद ही दूसरी तरफ से किसी को छोड़ते हैं। हादसे के दौरान युवक हवा के रूख के कारण रुक गया था, दूसरी तरफ से युवक को छोडऩे के कारण वे टकरा गए। सुरक्षा की दृष्टि से अब उन्हें वॉकी टॉकी उपलब्ध करवा दिया गया है।

ओपी शर्मा, उपवन संरक्षण उत्तर

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