65 करोड़ रु. की जमीन कौडिय़ों के दाम करा दी लीज

65 करोड़ रु. की जमीन कौडिय़ों के दाम करा दी लीज

Lalit Saxena | Updated: 18 Feb 2016, 12:54:00 PM (IST) Ujjain, Madhya Pradesh, India

इस्को पाइप फैक्टरी जमीन पर हाई कोर्ट के फैसले के बाद यूडीए अफसरों की सामने आई लेतलाली

उज्जैन. इस्को पाइप फैक्टरी को लीज पर दी गई जमीन को यूडीए अफसरों की ओर से कौडिय़ों के दाम पर अजर इंटरप्राइजेस को लीज पर दे दी गई। जमीन की कीमत करीब 65 करोड़ रुपए थी, लेकिन अफसरों की लापरवाही से महज 1.35 करोड़ में कंपनी के नाम हो गई। स्थिति यह रही कि बेशकीमती जमीन को पाने के लिए अफसरों ने समय रहते न तो हाई कोर्ट गए और न ही सुप्रीम कोर्ट। आशंका जताई जा रही है कि अधिकारियों ने कंपनी को फायदा पहुंचाने के इरादे से जानबूझकर कार्रवाई नहीं की है।

लीज निरस्तीकरण के आदेश दिए
इंदौर हाई कोर्ट बैंच ने हाल ही में अपने फैसले में यूडीए की ओर से अजर इंटरप्राइजेस को दी गई 43407 वर्गमीटर जमीन के लीज निरस्तीकरण के आदेश दिए हैं। कोर्ट ने अपने फैसले में प्राधिकरण के अधिकारियों की भूमिका को भी कटघरे में खड़ा किया है। याचिकाकर्ता सत्यनारायण सोमानी के मुताबिक  इस्को पाइप फैक्टरी को लीज पर दी गई जमीन में अधिकारियों ने लापरवाही बरतते हुए इसे पाने के लिए कोई प्रयास नहीं किया। कलकत्ता हाई कोर्ट ने अजर इंटरप्राइजेस को 1.35 करोड़ में जमीन  को वर्ष 2003 में नीलाम कर दी थी। यूडीए ने हाई कोर्ट में अपील तत्काल नहीं करते हुए एक वर्ष  बाद 2005 में की। कोर्ट ने यूडीए को कहा कि अभी सात वर्ष की लीज बाकी है। सात वर्ष बाद भूमि पर कब्जा ले सकता है। कलकत्ता कोर्ट के इस फैसले को यूडीए ने डबल बैंच में अपील नहीं की। करीब चार वर्ष बाद 2009 में फिर से अपील की गई। उस समय कोर्ट ने यह कहकर अपील खारिज कर दी कि शेष समय के लिए लीज है और  इतने वर्ष बाद अपील का कोई कारण नहीं बनता। स्थिति यह रही कि कलकत्ता हाई कोर्ट के इस फैसले को भी प्राधिकरण ने तत्काल सुप्रीम कोर्ट नहीं जाते हुए दो साल बाद 2011 में अपील की। यहां भी देरी से अपील होने पर कोर्ट ने अपील खारिज कर दी। सवाल उठ रहे हैं कि जमीन पाने के लिए आखिर समय पर अफसरों ने कोर्ट में क्यों नहीं अपील की, जबकि लीज नवीनीकरण के समय जमीन 65 करोड़ की थी। वर्तमान में जमीन की कीमत 100 करोड़ के करीब है।

शिकायत की तैयारी
इस धांधली पर आर्थिक अपराध अन्वेषण ब्यूरो में शिकायत की तैयारी हो रही है। इसमें यूडीए अधिकारी और तत्कालीन यूडीए बोर्ड की भूमिका पर सवाल उठाते हुए आर्थिक अनियमितता बरती गई। याचिकाकर्ता सत्यनारायण सोमानी के मुताबिक जल्द ही इसकी शिकायत एजेंसी से की जाएगी।

कार्रवाई की जाएगी
इस्को पाइप फैक्टरी की जमीन लीज में सारी प्रक्रिया का ध्यान रखकर कार्रवाई की गई है। हाई कोर्ट के आदेश की कॉपी मिलने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।
- शिवेंद्रसिंह, सीईओ, यूडीए
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