39 करोड़ का ब्रिज, ओवरटेक करे तो दुर्घटना तय

39 करोड़ का ब्रिज, ओवरटेक करे तो दुर्घटना तय
accident on bridge for Overtake

Lalit Saxena | Updated: 28 Sep 2016, 07:06:00 PM (IST) Ujjain, Madhya Pradesh, India

सिंहस्थ में 39 करोड़ रुपए खर्च कर बनाया गया जीरो पाइंट ब्रिज अपने संकरेपन के कारण अब वाहन चालकों के लिए मुसीबत बनता जा रहा है। यहां वाहनों के ओवरटेक करते ही दुर्घटनाए हो रही हैं। 

उज्जैन. सिंहस्थ में 39 करोड़ रुपए खर्च कर बनाया गया जीरो पाइंट ब्रिज अपने संकरेपन के कारण अब वाहन चालकों के लिए मुसीबत बनता जा रहा है। यहां वाहनों के ओवरटेक करते ही दुर्घटनाए हो रही हैं। ब्रिज पर आए दिन वाहन टकरा रहे हैं। खास बात यह कि एक ओर से खुला होने के कारण  तेज रफ्तार से वाहन चालक निकलते है और ओवरटेक करने के चक्कर में टकराते बचते हैं। जल्द ही ब्रिज पर ट्रैफिक व्यवस्था ठीक नहीं की तो बड़ा हादसा सामने आ सकता है।

ब्रिज एक्सीडेंटल जोन बनने लगा 
शहर का एक बड़ा ट्रैफिक अब जीरो पाइंट ब्रिज की ओर डायवर्ट हो गया है। बड़ी संख्या में वाहन फ्रीगंज से आगर रोड और आसपास की कॉलोनियों के लिए इसी ब्रिज से निकलते हैं। लोगों की सुविधा के लिए बना यह ब्रिज एक्सीडेंटल जोन बनने लगा  हैं। दरअसल, वाहनों की संख्या के मान से ब्रिज की चौड़ाई काफी कम है। यहां वाहन एक   लाइन में ही निकल सकते हैं। यदि कोई वाहन ओवरटेक करता है तो सामने आने वाले वाहन से टकराने की पूरी संभावना रहती है। वर्तमान में दो पहिया वाहन चालक तक ओवरटेक के कारण दुर्घटना के शिकार हो रहे हैं। स्थिति यह है कि ब्रिज पर दिनभर में कई दफे हादसे की नौबत बन रही है। वहीं आने वाले दिनों में ट्रैफिक ओर बढ़ेगा। ऐसे में ब्रिज का संकरापन और परेशानी बढ़ाएगा। 

फ्रीगंज की ओर ज्यादा रिस्क 
ब्रिज पर फ्रीगंज की ओर आते समय वाहन चालकों के लिए ओर ज्यादा दिक्कत खड़ी हो रही है। ब्रिज के नीचे उतरते ही दोनों ओर से वाहन सामने आ जाते है। ऐसे में ब्रिज से आ रहा वाहन चालक ब्रेक लगाता है, इससे पीछे आने वाला वाहन चालक टकराते हुए बचता है। वहीं चौराहे पर दिनभर वाहन चालक गुत्मगुत्था होते रहते हैं। 



भविष्य को देखते हुए नहीं बनाया ब्रिज 
सिंहस्थ में बने 14 ब्रिजों में से जीरो पाइट ब्रिज ऐसा है जिसका सर्वाधिक उपयोग होकर शहर के विकास के लिए आवश्यक था, लेकिन इसे भविष्य के ट्रैफिक को देखते हुए नहीं बनाया गया है। वास्तव में इसे फोरलेन के हिसाब से डिजाइन किया जाना था। आने वाले दिनों में इसकी कम चौड़ाई शहरवासियों के लिए परेशानी का कारण बनती जाएगी। 

"जीरो पाइंट ब्रिज टूलेन होकर 7.50 मीटर चौड़ाई है। इसमें इतनी ही जगह रहती है। वाहन चालकों को ब्रिज पर ओवरटेक करने की आवश्यकता नहीं। अगर छोटा पड़ रहा है तो भविष्य में इसे चौड़ा किया जा सकेगा। "
- पीजी केलकर, प्रभारी ईई, सेतु विभाग

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