मां की मौत के बाद अस्पताल में धरने पर बैठीं बेटियां, बोलीं- 'पहले बोला कोरोना है और अब नेगेटिव रिपोर्ट दी'

बेटियों का आरोप- करीब एक लाख रुपए के 6 रेमडेसिविर इंजेक्शन भी खरीद कर दिए, पहले ही हो चुकी है पिता की मौत..

By: Shailendra Sharma

Updated: 20 Apr 2021, 04:50 PM IST

उज्जैन. कोरोना से हो रही मरीजों की मौतों के बीच लगातार अव्यवस्थाओं की तस्वीरें सामने आ रही हैं। आए दिन गंभीर आरोप अस्पताल प्रबंधन व स्वास्थ्य विभाग पर लग रहे हैं। ऐसा ही एक मामला उज्जैन में सामने आया है। जहां एक महिला की मौत के बाद उसकी बेटियां परिजन के साथ अस्पताल में ही इंसाफ की गुहार लगाते हुए धरने पर बैठ गईं। बेटियों का आरोप है कि पहले कहा गया कि मां को कोरोना हो गया है और अब बताया जा रहा है कि उनकी रिपोर्ट कोरोना नेगेटिव है शव ले जा सकते हैं। बेटियों ने ये बी आरोप लगाया है कि उन्होंने मां के इलाज के लिए करीब 1 लाख रुपए के 6 रेमडेसिविर इंजेक्शन खरीदकर दिए थे।

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इंसाफ की मांग करते हुए धरने पर बैठीं बेटियां
मां की मौत के बाद बेटियों के अस्पताल में परिजन के साथ धरने पर बैठने का ये मामला शहर के माधव नगर अस्पताल का है। जहां 12 अप्रैल को कोरोना रिपोर्ट पॉजिटिव आने के बाद तीन बेटियों की मां कृष्णा वासेन को भर्ती कराया गया था। कृष्णा वासेन उज्जैन सेल टैक्स विभाग में क्लर्क थीं। धरने पर बैठी बेटियों ने बताया कि मां को सांस लेने में दिक्कत हो रही थी तो उनकी कोरोना रिपोर्ट कराई। कोरोना रिपोर्ट पॉजिटिव थी और तब उन्हें बताया गया था कि इंफेक्शन लंग्स में फैल गया है। उनका ये भी कहना है कि डॉक्टर्स के कहने पर उन्होंने बड़ी मुश्किल से पैसे जमा कर एक लाख रुपए में 6 रेमडेसिविर इंजेक्शन भी खरीदकर दिए थे। बेटियों के मुताबिक सोमवार शाम तक मां का स्वास्थ्य ठीक था और शाम के बाद उन्हें मां से मिलने नहीं दिया और रात को मां की मौत की खबर दी। धरने पर बैठी बेटियों का आरोप है कि अस्पताल प्रबंधन ने उन्हें बताया कि उनकी मां की रिपोर्ट कोरोना नेगेटिव है और वो शव ले जा सकती हैं। जिससे नाराज बेटियां और परिजन अस्पताल में ही धरने पर बैठ गए।

 

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कलेक्टर ने लिया मामले पर संज्ञान
अस्पताल में मां की मौत के बाद बेटियों के धरने पर बैठने की खबर मिलते ही कलेक्टर आशीष सिंह ने एसडीएम अभिषेक वर्मा को मौक पर भेजा जिन्होंने धरने पर बैठी बेटियों और परिजन को समझाइश देकर शांत कराया। वहीं कलेक्टर आशीष सिंह ने इस मामले को गंभीरता से लेते हुए मामले की जांच की बात कही है। उनका कहना है कि इस तरह के मामले पहले भी उनके सामने आ चुके हैं वो इस बात की जांच कराएंगे कि डॉक्टर्स ने ऐसा क्यों कहा ।

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