उज्जैन की धरती पर फिर होगा साधु-संतों का आगमन, 13 अखाड़े होंगे इस मैदान में जमा...

उज्जैन की धरती पर फिर होगा साधु-संतों का आगमन, 13 अखाड़े होंगे इस मैदान में जमा...
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Lalit Saxena | Publish: Apr, 09 2019 06:29:47 PM (IST) Ujjain, Ujjain, Madhya Pradesh, India

12 जून को 13 अखाड़ों के साधु-संतों जमावड़ा, कार्यालय का शुभारंभ, नीलगंगा सरोवर में स्नान

उज्जैन. गंगा दशहरा पर उज्जैन में सिंहस्थ की यादें ताजा होंगी। सभी 13 अखाड़ों के साधु, संत, महामंडलेश्वर उज्जैन में जुटेंगे। 12 जून को गंगा दशहरा के मौके पर नीलगंगा पड़ाव स्थल पर अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद की राष्ट्रीय बैठक होगी। 13 अखाड़ों के साधु-संतों का जमावड़ा, कार्यालय का शुभारंभ, नीलगंगा सरोवर में स्नान होगा।

अखाड़ा परिषद की बैठक आयोजित की जाएगी
अध्यक्ष श्रीमहंत नरेन्द्रगिरि महाराज एवं महामंत्री श्रीमंत हरिगिरि महाराज की अगुवाई में 12 जून को अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद की बैठक आयोजित की जाएगी। इसी दिन सुबह नीलगंगा सरोवर पर साधु संत स्नान करेंगे। साथ ही पड़ाव स्थल की भूमि को संरक्षित करने यहां निर्माणाधीन कार्यालय का शुभारंभ भी किया जाएगा। गंगा दशहरा उत्सव अंतर्गत नीलगंगा स्थित पड़ाव स्थल पर सांस्कृतिक आयोजन, भजन संध्या एवं विविध कार्यक्रम होंगे। पड़ाव स्थल की भूमि पर अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद का कार्यालय निर्माण जारी है। इसका शुभारंभ भी साधु संतों के हाथों किया जाएगा। आयोजन में जूना पीठाधीश्वर आचार्य अवधेशानंद गिरि, महायोगी पायलेट बाबा, जूना अखाड़े की मंत्री शैलजा माता सहित अन्य अखाड़ों के प्रमुख साधु-संत शामिल रहेंगे।

अखाड़ा परिषद ने निर्णय लिया

सिंहस्थ महापर्व के दौरान नीलगंगा पड़ाव स्थल पर साधु-संत एक माह पूर्व आकर यहां रुकते हैं। एक माह तक नीलगंगा सरोवर में पूजन आरती आदि धार्मिक कार्य करते आ रहे हैं। इसी प्राचीन परंपरा के चलते अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद ने निर्णय लिया कि इस स्थान पर अखाड़ा परिषद के कार्यालय का निर्माण हो। जमीन को संरक्षित किया जाए। 12 जून को नीलगंगा सरोवर में स्थित नीलगंगा की प्रतिमा पर महाआरती का आयोजन गंगा दशहरे के अवसर पर होगा। सभी 13 अखाड़े गंगा दशहरे को सुबह नीलगंगा सरोवर में स्नान करेंगे। शाम को नीलगंगा पड़ाव स्थल मैदान में भव्य भजन संध्या और भंडारे का आयोजन किया जाएगा। गंगा दशहरे पर आयोजित समारोह में देशभर से प्रमुख संत महात्मा उज्जैन पहुंचेंगे।

रामनवमी पर चंड-मुंड नाशिनी चामुंडा का चल समारोह
रामनवमी पर 13 अप्रैल को मां चंड-मुंड नाशिनी चामुंडा का चल समारोह आयोजित किया जाएगा। इसमें अखाडों के माताजी के निशान शामिल होंगे। 14 अप्रैल को भंडारे का आयोजन होगा। कार्यक्रम को लेकर तैयारी प्रारंभ हो गई है। मां चंड-मुंड नाशिनी चामुंडा नवयुवक मंडल बहादुरगंज के संतोषराव कदम ने बताया कि मंडल द्वारा रामनवमी पर 35 वर्षों से चल समारोह का आयोजन किया जा रहा है। इसी क्रम में 13 अप्रैल को माताजी की बाड़ी का चल समारोह निकाला जाएगा। देवी-देवताओं की नयनाभिराम झांकियां, अखाड़े, डंडा पार्टी, ऊंट, हाथी, घोड़े, पालकी, माताजी के निशान, ढोल-ताशे शामिल रहेंगे। समारोह चामुंडा माता चौराहा से प्रारंभ होगा। देवासगेट, मालीपुरा, दौलतगंज, कंठाल, गोपाल मंदिर, गुदरी, पानदरीबा, कार्तिक चौक से रामघाट पहुंचेगा। नदी किनारे हवन-पूजन के बाद हरसिद्धि मंदिर, महाकाल मंदिर, तोपखाना, दौलतगंज, ब्राह्मण गली से होकर बहादुरगंज में संपन्न होगा। १४ अप्रैल को भंडारा होगा।

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