कमाल... स्ट्रीट लाइट दोगुना बढ़ी, लेकिन बिल उतना ही

कमाल... स्ट्रीट लाइट दोगुना बढ़ी, लेकिन बिल उतना ही
Ujjain,LED,street lights,simhastha,amazing,

Gopal Swaroop Bajpai | Updated: 06 Feb 2019, 08:04:04 AM (IST) Ujjain, Ujjain, Madhya Pradesh, India

सिंहस्थ से निकली एलइडी ने बदली शहर की तस्वीर

उज्जैन. ऊर्जा में बदलाव से बचत की सुखद तस्वीर शहर में उभरी है। चार साल पहले की तुलना में शहर में दोगुना स्ट्रीट लाइट्स बढ़ीं हैं, लेकिन बिजली का बिल उतना ही आ रहा है। ये कमाल है एक चौथाई खपत वाले एलइडी फिक्चर्स का। पहले सोडियम लैंप लगे थे, लेकिन जब से इनकी जगह एलइडी लगी। शहर में जगमगाहट बढ़ी लेकिन आर्थिक भार नहीं। बड़ी देन सिंहस्थ महापर्व की है। इसमें लगी 10 हजार एलइडी निकालकर शहर के स्ट्रीट पोल पर लगाई गई है। बाहर से आने वाले लोग भी इनकी जगमग से अलग ही अनुभव करते हैं।
स्ट्रीट पोल पर पहले पीली रोशनी देने वाले सोडियम लैंप लगाए जाते थे, लेकिन जब से एलइडी ने इनकी जगह ली, शहर में दूधिया रोशनी फैली। वहीं इनकी खपत एक चौथाई होने से बिजली बिल का अतिरिक्त भार भी नहीं पड़ा। निगम प्रकाश विभाग के पास अब स्ट्रीट लाइट संबंधी शिकायतें भी कम पहुंचतीं हैं, क्योंकि नई एलइडी व जहां भी ये लगाई जाती है, इनका रखरखाव काफी कम रहता है। सर्विस अच्छी व खपत कम होने के फंडे ने निगम को इससे जुड़ी समस्याओं व शिकायतों से भी काफी हद तक निजात दिला दी है। प्रकाश विभाग उपयंत्री जितेंद्र जादौन के अनुसार एलइडी स्ट्रीट लाइट आने से अधिक क्षेत्रफल में रोशनी फैली लेकिन बिल पर इसका अतिरिक्त भार नहीं पड़ा। प्रयास है कि पूरे शहर में ही एलइडी लगे, ताकि शहर की प्रकाश व्यवस्था ओर सुधर जाए।
जानें क्यों हुई एक चौथाई खपत
- पीली रोशनी वाले सोडियम लैंप जो पहले लगते थे। वो 400 वॉट खपत करते हैं।
- अब लगी एलइडी दूधिया रोशनी देने के साथ 90 वॉट बिजली खपत करती है।
- एक चौथाई जितना अंतर होने से शहर में जगमगाहट बढ़ी, बगैर अतिरिक्त भार।
- एलइडी का मेंटेनेंस कम होने से इन पर खर्च भी अधिक नहीं लगता।
--सिंहस्थ से निकली एलइडी का मेंटेनेंस ठेकेदार एचपीएल कंपनी द्वारा किया जाता है।
यूं भी खपत पर नियंत्रण
-एलइडी के साथ ही निगम प्रकाश विभाग की कसावट से भी खपत पर नियंत्रण हुआ है।
-पहले बिजली कंपनी एवरेज बिलों के नाम पर मनमानी राशि वसूलती थीं।
- निगम ने एवरेज बिल जमा ही नहीं किए। बकाया विवाद होने पर कंपनी ने ऐसा करना रोका।
- अब विद्युत कंपनी रीडर के साथ प्रकाश विभाग कर्मी साथ जाकर देखते हैं।
- बिजली कंपनी पूर्व, पश्चिम व ग्रामीण संभाग के जरिए निगम को स्ट्रीट लाइट्स के बिल जारी करती है।
ऐसे बढ़ी जगमगाहट, शिकायतें दूर
- शहर में सिंहस्थ से निकले एलइडी फिक्सर्च लगे हैं। पहले प्रमुख मार्ग फिर गली-मोहल्लो में।
- आगर रोड, माधव नगर स्टेशन से देवास रोड, हरिफाटक रिंग रोड आदि मार्गों पर सेंट्रल लाइटिंग।
- इन्हें आकर्षक बनाने इन पर दो रंग की एलइडी लाइटें लगाई हैं। फीग्रंज ब्रिज व माधव क्लब रोड इससे सज्जित हुए।
- एलइडी का मेंटेनेंस कम होने से शिकायतें भी शून्य हुई। जबकि पहले सीएम हेल्पलाइन पर दर्जनों शिकायतें रहती थीं।

MP/CG लाइव टीवी

खबरें और लेख पढ़ने का आपका अनुभव बेहतर हो और आप तक आपकी पसंद का कंटेंट पहुंचे , यह सुनिश्चित करने के लिए हम अपनी वेबसाइट में कूकीज (Cookies) का इस्तेमाल करते हैं। हमारी वेबसाइट पर कंटेंट का प्रयोग जारी रखकर आप हमारी गोपनीयता नीति (Privacy Policy ) और कूकीज नीति (Cookies Policy ) से सहमत होते हैं।
OK
Ad Block is Banned