कोरोना की एक और अबूझ पहेली... जब संपर्क में नहीं आए तो फिर कैसे हुए संक्रमित

शहर में संक्रमण फैलने के कारणों का पता नहीं चल रहा, कुछ मामलों में कांटेक्ट या ट्रेवलिंग हिस्ट्री नहीं तो कुछ में मरीज-परिजन जानकारी देने से बच रहे

By: aashish saxena

Updated: 18 Apr 2020, 09:46 PM IST

उज्जैन.

केस-1. दानीगेट निवासी 55 वर्षीय महिला
स्टडी- सांस लेने में परेशानी थी। समय पर जरूरी उपचार नहीं मिलने से ३ अप्रैल को एम्बुलेंस में ही मौत हो गई। ५ अप्रैल को जांच रिपोर्ट से पता चला कि महिला कोरोना संक्रमित थी। नजमहिला गृहणि थी और अधिकांश समय घर में ही रहती थी। महिला की न ट्रेवलिंग हिस्ट्री मिली और नहीं कांटेक्टर हिस्ट्री। सब्जी-फल लेने के लिए ही घर से बाहर निकलना होता था। परिजन व आसपास के लोगों की जांच रिपोर्ट नेगेटिव आई। अभी तक स्पष्ट नहीं हुआ है कि महिला कोरोना संक्रमित कैसे हुई।
केस-2.
कमरीमार्ग निवासी 61 वर्षीय महिला
स्टडी- महिला शुगर पेशेंट है। कुछ दिन पहले स्वास्थ्य विभाग की टीम ने सर्वे के दौरान सेंपल लिया था। शुक्रवार को महिला की रिपोर्ट कोरोना पॉजिटीव आई। सभी के लिए यह चौकानें वाला था क्योंकि महिला का घर से बाहर निकलना ही नहीं होता था। परिवार के लोग भी अधिकांश समय घर पर रहते थे। सब्जी-फल भी बेटा ही मोहल्ले में आने वाले ठेलों से खरीदता था। लंबे समय से महिला न कहीं बाहर घूमने गई और नहीं बाहर को कोई व्यक्ति आया था। क्षेत्र में जो दो लोग कोरोना संक्रमित मिले थे, उनसे भी महिला का कोई संपर्क नहीं है। इस मामले में भी सवाल यही है कि फिर कोरोना कैसे हुआ।

शहर में कोरोना का संक्रमण फैलना, कई मामलों में अबूझ पहली बना हुआ है। इस कारण चिंता और बढ़ गई है क्योंकि यह पता ही नहीं चल पा रहा है कि मरीज कैसे कोरोना संक्रमित हो गया। कई मरीजों को लेकर तो यही बात कही जा रही है कि वह घर से निकलते ही नहीं थे बावजूद वे संक्रमित हो गए। मरीज और परिजन तो हैरान हैं ही स्वास्थ्य विभाग व प्रशासन भी पसोपेश में है कि एेसी स्थिति कैसे बन रही है। कोरोना के मामले शहर में लगातार बढ़ रहे हैं। इनमें से कुछ के कारणों को पता चल रहा है तो कई एेसे भी जिसमें हिस्ट्री ही सामने नहीं आ रही है। खास बात यह कि एेसे मामले प्रशासन द्वारा किए जा रहे डोर टू डोर सर्वे में अधिक सामने आ रहे हैं। मसलन यदि यह सर्वे नहीं होता तो कई लोगों के तो संक्रमित होने का पता भी नहीं चलता जिसके कारण इसके फैलने का संकट और बढ़ जाता। संक्रमित होने का कारण स्पष्ट नहीं होने से प्रशासन के लिए इसे कंट्रोल करनी की चुनौती बनी हुई है वहीं एेसे लोगों की भी चिंता बढ़ी है जो कोरोना से बचने अधिकांश समय पर घर ही रह रहे हैं।

कितने मामले बने हुए अबूझ

जिले में कुल कोरोना केस-31
ट्रेवलिंग हिस्ट्री- 4
कांटेक्ट हिस्ट्री- 16
कारण अज्ञात- 6
जानकारी नहीं मिल रही- 5

aashish saxena Desk
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