सेना की वर्दी के पुलिस ने क्यों मांगें बिल

बिरलाग्राम पुलिस ने कहा बिल देखने के बाद ही आगे बढ़ेगा मामला, आरोपियों की खोजबीन जारी

By: Gopal Bajpai

Published: 19 Jan 2019, 08:03 AM IST

नागदा. चार दिन पहले नागदा-उन्हेल मार्ग पर ट्रक कटिंग कर सेना की वर्दी से भरे बक्से चोरी के मामले में बिरलाग्राम पुलिस ने ट्रांसपोर्ट मालिक से संपर्क कर वर्दी के बिल व अन्य दस्तावेज मांगे हैं। इसके बाद ही मामले की जांच आगे बढ़ पाएगी। दूसरी तरफ ट्रक कटिंग की वारदात को अंजाम देने वालों की खोजबीन की जा रही है।
13 जनवरी की दरमियानी रात को नागदा- उन्हेल मार्ग पर ट्रक कटिंग की इस घटना के तीन दिन बाद पुलिस को सूचना मिली थी कि ग्राम गुराडिय़ा पित्रामल के एक कुएं में पॉलीथिन में बंधा हुआ कुछ तैर रहा है। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर देखा तो उसमें सेना की वर्दी से भरे बक्से निकले थे। इन बाक्सों की बरामदगी के बाद पुलिस ने अब ट्रांसपोर्ट संचालक से इससे जुड़े दस्तावेज व बिल मांगे है। संभवत: दो दिन में ट्रांसपोर्टर इन सभी को जुटाकर नागदा पहुंचेगा उसके बाद इस मामले की जांच आगे बढ़ेगी। इधर इस मामले में पुलिस वारदात को अंजाम देने वालों की खोजबीन में जुट गई है। संभावना यहीं है कि इस वारदात को कंजरों ने ही अंजाम दिया है। इसी आधार पर पुलिस मामले की जांच को आगे बढ़ा रही है।
राजस्थान ले जाई जा रही थी सेना की वर्दी
ट्रक क्रमांक आर जे 20 जेबी 26 02 के चालक ने बिरलाग्राम पुलिस को शिकायत दर्ज करवाई थी की नागदा-उन्हेल रोड स्थित गांव झिरन्या व डाबरी के बीच रात करीब 2 बजे कुछ अज्ञात बदमाशों ने ट्रक कटिंग की वारदात को अंजाम दिया है। बदमाशों ने चलती ट्रक को निशाना बनाते हुए उसमें रखे सेना की वर्दी जो मप्र से राजस्थान ले जाई जा रही थी। करीब 9 बक्से उड़ा ले गए है। ट्रक कटिंग की इस घटना के बाद ही नागदा-उन्हेल और बिरलाग्राम पुलिस ने नागदा-खाचरौद मार्ग पर संयुक्त रूप से रात्रि में गश्त करने की योजना बनाई है।
पिछले एक पखवाड़े में आधा दर्जन से ज्यादा घटनाएं
क्षेत्र में बढ़ती ट्रक कटिंग की वारदातों और कंजरों की दस्तक ने पुलिस की नींद उड़ा दी है। पिछले एक पखवाड़े में नागदा-उन्हेल मार्ग पर आधा दर्जन से ज्यादा ट्रक कटिंग के प्रयास या वारदातें हो चुकी है। पुलिस अब क्षेत्र में हो रही इन वारदातों को रोकने के लिए कारगर रणनीति बनाने में जुट गई है। इसके लिए पुलिस ने अब नागदा-उन्हेल मार्ग पर संयुक्त रूप से गश्त करने के अलावा बीते सालों में हुई वारदातों के मामलों को भी खंगालने में जुट गई है, ताकि पुरानी केस डायरियों में वारदातों को अंजाम देने वाले जो नाम पुलिस के सामने आए थे पुुलिस उन तक पहुंच सके।

Gopal Bajpai Editorial Incharge
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