ज्योतिष: मौसम पर ग्रहों का प्रभाव, टूट जाएगा रेकॉर्ड

दिसंबर-जनवरी में रेकॉर्ड तोड़ेगी ठंड

By: anil mukati

Published: 08 Dec 2019, 08:00 AM IST

उज्जैन. आने वाले दिनों में ठंड अपना प्रचंड रूप दिखाएगी। ज्योतिषीय अनुमान के आधार पर दिसंबर-जनवरी में ठंड अभी तक के सारे रेकॉर्ड तोड़ सकती है। इन दिनों में चर्तुग्रही व पंचग्रही योग बन रहे हैं, जिसका असर जल्द ही कड़ाके की ठंड के रूप में नजर आएगा।
ज्योतिषाचार्य पं. अमर डब्बावाला ने बताया पंचांगीय गणना के अनुसार 16 दिसंबर सोमवार के दिन अश्लेषा नक्षत्र व कर्क राशि के चंद्रमा की साक्षी में सूर्य का धनु राशि में प्रवेश दोपहर 3.23 मिनट पर होगा। सूर्य का धनु में प्रवेश होते ही धनुर्मास का आरंभ हो जाता है। धर्म शास्त्र में सूर्य की धनु संक्रांति धार्मिक दृष्टिकोण से अति महत्वपूर्ण मानी जाती है। धनुर्मास कहलाने वाला यह समय शिशिर ऋतु का आरंभ भी माना जाता है। ग्रह-गोचर की गणना करें तो इस बार का शीतकालीन प्राकृतिक सत्र पूर्वोत्तर तथा अंतरराष्ट्रीय सीमा क्षेत्र पर पुराने रेकॉर्ड तोड़ेगा। उसका मुख्य कारण यह है कि दिसंबर-जनवरी माह में ग्रहों का युतिकृत व दृष्टि संबंध मौसमी प्रभाव को दर्शाएगा, जिसके प्राकृतिक परिवर्तन तथा ऋतुकालीन स्थिति आम जन जीवन को प्रभावित करेगी।
चार ग्रहों का युति संबंध
ग्रह परिभ्रमणकाल में सूर्य के धनु राशि में प्रवेश करते ही वहां मौजूद गुरु, शनि, केतु से चर्तुग्रही युति संबंध बनेगा, जो राहू से सम-सप्तक दृष्टि संबंध बनाएगा। यह स्थिति भी मौसम के परिवर्तन का संकेत करती है। धनु राशि पूर्वोत्तर की कारक राशि मानी जाती है, किंतु ग्रहों की दिशा व राशि का देशिक संबंध मिलकर क्षेत्र विशेष को टारगेट करता है, जिससे ऋतुकालीन प्रभाव अपनी प्रकृति बदलता है।
बुध, शनि व गुरु के अस्त होने से भी बढ़ेगा प्रभाव
मैदिनी ज्योतिष शास्त्र में जलवायु, पर्यावरण व प्रकृति के परिवर्तन का कारक ग्रह बुध को माना जाता है। बुध उस समय ठंडी हवा को सहयोग करेगा, उत्तरी ध्रुव पर बर्फबारी के क्षेत्रीय प्रभाव भी दिखाई देंगे। अर्थात उत्तर दिशा से संबंधित राज्यों व राष्ट्रों में इसका प्रभाव नजर आएगा। गुरु के अस्त होने से भी पूर्वोत्तर क्षेत्र में बर्फबारी व मावठे के योग बनेंगे।
2 से 13 जनवरी तक पंचग्रही योग
2 से 13 जनवरी तक पंचग्रही योग बन रहे हैं। 2 जनवरी को सूर्य, गुरु, शनि, केतु के साथ बुध का युति संबंध बनेगा। युतिकृत बुध का प्रभाव इन बारह दिनों में विशेष तौर पर दिखाई देगा। यह समय पृथ्वी के ज्यादातर भागों पर अपना रौद्र प्रभाव छोड़ेगा। १५ जनवरी के बाद आंशिक राहत मिलेगी। सूर्य के उत्तरायण की अयन पद्धति में मकर राशि के प्रवेश काल से मौसम में ऊष्मा का प्रभाव बढ़ जाता है।

Show More
anil mukati Desk
और पढ़े
हमारी वेबसाइट पर कंटेंट का प्रयोग जारी रखकर आप हमारी गोपनीयता नीति और कूकीज नीति से सहमत होते हैं।
OK
Ad Block is Banned