हाइवे के इस ब्रिज से गुजरे तो हो जाए सतर्क... हो सकता है बड़ा हादसा

हाइवे के इस ब्रिज से गुजरे तो हो जाए सतर्क... हो सकता है बड़ा हादसा
गंभीर हादसे को न्योता दे रहा कंठाल नदी पर बना 46 वर्ष पुराना पुल

Mukesh Malavat | Updated: 12 Oct 2019, 08:02:18 PM (IST) Ujjain, Ujjain, Madhya Pradesh, India

गंभीर हादसे को न्योता दे रहा कंठाल नदी पर बना 46 वर्ष पुराना पुल

सोयतकलां. नगर से 10 किलोमीटर दूर इंदौर-कोटा राजमार्ग पर कंठाल नदी पर बना ब्रिज क्षतिग्रस्त हो गया है। ब्रिज के क्षति ग्रस्त होने के बाद एमपीआरडीसी ने पुल के दोनों ओर पुल क्षतिग्रस्त है का बोर्ड लगा कर इतिश्री कर ली। पुल पर प्रतिदिन हजारों वाहन निकल रहे हैं। कभी भी गंभीर हादसा हो सकता है।
ग्रामीणों व पुल के पास स्थित दुकानदार भी आने-जाने वाले वाहन चालकों को चेता रहे हैं कि पुल क्षतिग्रस्त हो गया हैं। नेशनल अथॉरिटी ऑफ इंडिया ने पीडब्ल्यूडी विभाग के जरिए पुल के दोनों छोर पर बोर्ड लगाकर पुल क्षतिग्रस्त होने की जानकारी चस्पा कर दी है, उसके बाद भी सैकड़ों वाहन पुल से गुजर रहे हैं, ऐसे में किसी भी समय पर बड़ा गंभीर हादसा हो सकता है। बता दें कि उक्त राजमार्ग वाहनों के अधिक दबाव के कारण फोरलेन बनाया जाना था, इस कारण इस राजमार्ग को एनएच 552 जी नेशनल हाइवे बना दिया गया है । फोरलेन कब बनेगा इसका अभी कुछ कहा नहीं जा सकता।
बता दें कि लगभग 1 माह पूर्व एमपीआरडीसी भोपाल से चीफ इंजीनियर मेंटेनेंस योगेंद्र बागोले तथा टेक्निकल एडवाइजर चेन्डके द्वारा निरीक्षण किया गया था । निरीक्षण के दौरान एमपी आरडीसी के उज्जैन संभाग के सहायक महाप्रबंधक अभिषेक गोखरू को केमिकल ट्रीटमेंट का प्रस्ताव बनाकर भेजने का निर्देश दिया था। सहायक महाप्रबंधक गोखरू ने पत्रिका को जानकारी देते हुए बताया कि केमिकल ट्रीटमेंट के लिए भोपाल प्रस्ताव बनाकर भेज दिया गया है, वहां से स्वीकृत होकर आएगा उसके बाद ही काम शुरू हो सकेगा। ऐसी गंभीर स्थिति के बाद भी अभी तक पुल का पुल को दुरुस्त ना किया जाना कहीं ना कहीं उच्च अधिकारियों की लापरवाही दर्शाता है।
गंभीर हादसे को रोकना है तो लगाई जाए ड्यूटी
1973 में बने कंठाल ब्रिज पर हजारों वाहन प्रतिदिन वहां निकल रहे हैं, ग्रामीणों और वाहन चालकों का कहना है कि गंभीर हादसे से अगर बचना है तो विभाग को पुल के दोनों छोरों पर कर्मचारियों की ड्यूटी लगाना चाहिए और एक-एक करके वाहन पुल पार करवाए जाएं जिससे कि कभी भी अगर पुल क्षतिग्रस्त होता है तो बड़ा गंभीर हादसा टल सकता है।
सन् 2000 में हुआ था केमिकल ट्रीटमेंट
उज्जैन से चंवली तक जब अग्रोहा इंफ्रास्ट्रक्चर द्वारा सडक़ बनाई गई थी उस समय सन् 2000 में इस पुल पर रैलिंग लगाई गई थी और पुल का केमिकल ट्रीटमेंट किया गया था। उस समय भी दोनों स्लैब को दुरुस्त किया गया था। अब तो ब्रिज के दो स्लैब में लगभग 6 -6 इंच का झुकाव आ गया है । जो ऊपर से साफ दिख रहा है, नीचे से भी पुल के स्लैब क्षतिग्रस्त हो गए हैं इसमें बड़ी-बड़ी दरारें आ चुकी हैं।
कंठाल नदी का ब्रिज क्षतिग्रस्त हो गया है, इसकी जानकारी लगी है गंभीर हादसा और जनहानि ना हो इसके लिए जल्दी ही पुल पर कोई वैकल्पिक व्यवस्था के लिए एमपीआरडीसी के अधिकारियों से बातचीत की जाएगी।
- मनीष कुमार जैन, अनुविभागीय अधिकारी सुसनेर

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