उज्जैन

MP ELECTION 2018 : प्रचार का आखिरी दौर, फिर नेताजी का रिलेक्स मोड

मतदान के 48 घंटे पहले प्रचार थमने तक प्रत्याशियों ने अपने क्षेत्र के रास्ते नापे और लोगों से वोट मांगे।

उज्जैनNov 26, 2018 / 09:14 pm

Lalit Saxena

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उज्जैन। मतदान के 48 घंटे पहले प्रचार थमने तक प्रत्याशियों ने अपने क्षेत्र के रास्ते नापे और लोगों से वोट मांगे। सोमवार शाम 5 बजते ही ढोल व गाडि़यों का शोर बंद करा दिया, लेकिन फिर भी कदम नहीं रुके और वन टू वन मुलाकात का दौर शुरू हो गया तो कुछ प्रत्याशी थकान उतारने रिलेक्स मोड में घर-परिवार के बीच चले गए, लेकिन कुछ ही देर में अगली प्लानिंग के लिए निकल पड़े, क्योंकि अगले 36 घंटे राजनीतिक कॅरियर के लिए काफी महत्वपूर्ण है। जनसंपर्क में अब तक जहां दिन का सुकुन गायब था वहीं प्रचार थमने के बाद अब रात की नींद भी उड़ जाएगी। पत्रिका टीम ने प्रचार की आखिरी घड़ी में इनके बीच पहुंचकर स्थिति देखी और दिनभर के प्रचार पर भी चर्चा की। सभी प्रत्याशी जनता से मिल रहे सहयोग व आर्शीवाद से गदगद नजर आए और अपनी जीत के प्रति आश्वस्त नजर आए।

उज्जैन उत्तर विधानसभा

1 – पारस जैन, भाजपा प्रत्याशी
प्रचार का आखिरी छोर – शाम 4.25 रैली का समापन, दाल मिल चौराहा इंदिरा नगर

फिर क्या – राज नगर स्थित निवास पर पहुंचे, स्नान कर सूर्यास्त पूर्व भोजन किया। फिर परिजन व बाहर से आए मेहमानों के साथ चुनावी चर्चा की। मंदिर दर्शन के लिए निकले।
कहते हैं – महाजनसंपर्क रैली में जनता का खूब आशीर्वाद मिला, क्षेत्र में जो विकास कार्य हुए हैं, उससे सभी खुश हैं। हम आगे भी इसके लिए संकल्पित हैं। उम्मीद है अच्छे बहुमत से जीतेंगे और प्रदेश में चौथी बार सरकार बनाएंगे।

2 – राजेंद्र भारती, कांग्रेस प्रत्याशी
प्रचार का आखिरी छोर – शाम 5 बजे, वीडी मॉर्केट फाजलपुरा

फिर क्या – समय पूरा होने पर मॉर्केट स्थित सिद्धि विनायक गणेश मंदिर पहुंचकर दर्शन किए। चूंकि साथ में काफी समर्थक थे, किसी तरह का कोई उल्लंघन ना हों इसके लिए एक्टिवा पर बैठे और यहां से चले गए। बाद में कुछ जगह वन टू वन मुलाकात की।
कहते हैं – जनता एक ही एक चेहरे से ऊब चुकी है और बदलाव की बात कह रही है। मंत्री रहते शहर में उनकी कोई व्यक्तिगत उपलब्धि नहीं। रोजगार धंधे खत्म, मिल मजदूरों का बकाया दिलवा नहीं सकें, अब तो ठीक से चल भी नहीं पा रहे।

3 – माया त्रिवेदी, निर्दलीय प्रत्याशी
प्रचार का आखिरी छोर – 4.55 बजे, छोटी मायापुरी, हीरा मिल की चाल

फिर क्या – यहां से कार में पिपलीनाका चौराहा पहुंचीं। चाय की होटल पर समर्थक महिलाओं के साथ पपड़ी, फाफड़े, चिप्स का नाश्ता किया। बाद में भैरवगढ़ व केडी गेट इलाके में लोगों से व्यक्तिगत चर्चा की और समर्थन जुटाया।
कहतीं है – जरूरी नहीं है कि जनता हर बार भाजपा-कांग्रेस प्रत्याशियों को ही चुने। छोटे मोहल्लों में बच्चों ने मेरे नारे स्वप्रेरणा से लगाएं, महिलाओं ने तो खुद कहा कि आप ही हमारी नेता हैं। मुझे अपेक्षा से अधिक जनता का स्नेह मिला, ये वोट में तब्दील हों यही आशा है।

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