सावधान! इस बार व्यवस्था कुछ गड़बड़ न हो वरना फिर मामला संभालना मुश्किल होगा

महाशिवरात्रि की बैठक में होता रहा मंथन, नहीं हो सका कुछ फैसला

By: Lalit Saxena

Published: 10 Feb 2018, 08:04 AM IST

उज्जैन. महाशिवरात्रि पर वीआईपी को महाकाल मंदिर के गर्भगृह में प्रवेश देना है या नहीं इसे लेकर प्रशासन और पुलिस अधिकारी उलझन में हैं। लंबे समय तक मंथन के बाद भी गर्भगृह में जाने को लेकर फैसला नहीं हो सका। एडीजी ने कहा कि फैसला ऐसा लिया जाए, जिसका पालन हो। संभागायुक्त बोले कि थोड़ा कुछ भी गलत हुआ तो गले पड़ जाता है इसलिए जो व्यवस्था बने उसे बिगडऩे नहीं दिया जाए।
महाशिवरात्रि पर श्रद्धालुओं की सुविधा और सुरक्षा के लिए शुक्रवार को महाकाल प्रवचन हाल में प्रशासन और पुलिस अधिकारियों की बैठक उस वक्त कुछ गंभीर हो गई, जब सीएसपी शकुंतला रूहल ने सवाल किया क? शिवरात्रि ?? पर महाकाल के गर्भगृह में प्रवेश को लेकर क्या स्थिति होगी? उन्होंने इसके साथ गत वर्ष शिवरात्रि पर केंद्रीय मंत्री उमा भारती के गर्भगृह में जाने के लिए धरने की घटना का जिक्र भी किया। सीएसपी ने कहा कि इस व्यवस्था पर कोई निर्णय होना चाहिए।
समन्वय से काम करना होगा
संभागायुक्त ने कहा कि निर्णय के पालन में समन्वय की आवश्यकता भी है। सभी अच्छा काम करते है पर जरा सा कुछ भी होता है तो सब के गल पड़ जाता है। ज्यादातर अनुभवी और पहले भी सेवाएं दे चुके अधिकारी-कर्मचारी हैं, इसका लाभ व्यवस्था व सुविधाओं को मिलना चाहिए। व्यवस्था को बनाने के लिए पूर्ण कार्ययोजना के अलावा परिस्थिति अनुसार भी निर्णय लेना आना चाहिए। वीआईपी के साथ ड्यूटी पर तैनात अधिकारी-कर्मचारी के दर्शन के लिए मंदिर समिति से समन्वय बनाया जाएं,ताकि विवाद की स्थिति नहीं बनें।
पुजारी-पुरोहित से चर्चा की जाएगी
वीआईपी के गर्भगृह में प्रवेश के संबंध कोई निर्णय लेने में अधिकारियों में संशय बना रहा। कलेक्टर ने कहा कि व्यवस्थाओं के लिए शनिवार को पुलिस कंट्रोल रूम में प्रशासन-पुलिस की संयुक्त बैठक प्रात: ११.३० बजे है। सभी व्यवस्थाओं की समीक्षा व मार्गदर्शन के बाद वीआईपी के गर्भगृह में प्रवेश पर पुजारी-पुरोहितों से बात होगी। इसके बाद ही कोई निणर्य होगा।
पुख्ता इंतजाम रखे जाएं
डीआईजी रमनसिंह सिकरवार ने सुझाव दिया कि प्रवेश लाइन के पास निर्गम भी होता है। खासकर हरसिद्धि मंदिर मार्ग-बेगमबाग मार्ग ऐसे स्थान हैं, जहां प्रवेश और निर्गम के लिए अधिक श्रद्धालु होते हैं। ऐसे स्थानों पर श्रद्धालुओं का आमना-सामना नहीं हो इसके पुख्ता इंतजाम होना चाहिए।
सभी ने दी जानकारी
बैठक में एएसपी अभिजीत रंजन, एडीएम जीएस डाबर ने सभी व्यवस्थाओं, कार्ययोजना और अधिकारियों की ड्यूटी की जानकारी दी। एएसपी नीरज पांडेय ने प्रवेश को लेकर कुछ सुझाव दिए। बैठक के पूर्व सभी अधिकारियों ने मंदिर का निरीक्षण किया।
सामान्य दर्शनार्थियों का यहां से होगा प्रवेश
सामान्य दर्शनार्थी हरसिद्धि चौराहे से बड़ा गणेश मंदिर के सामने, पुलिस चौकी के सामने, माधवसेवा न्यास पार्र्किंग स्थल के जिगजेग होते हुए फैसेलिटी सेंटर के जिगजेग से होते हुए सभामंडप होते हुए नंदीगृह के पीछे बैरिकेड्स से प्रवेश करेंगे। सशुल्क दर्शन 250 रु. की टिकट लेने वाले दर्शनार्थी, पासधारी, मीडिया व वीआईपी शंख द्वार के सामने फेसेलिटी सेंटर से प्रवेश करेंगे। दिव्यांगजन, असहाय एवं मीडिया का प्रवेश भस्म आरती 4 नं. गेट से रहेगा।
चार स्थानों पर
बनेंगे जूता स्टैंड
मंदिर में प्रवेश करने वाले श्रद्धालुओं को परेशानी न हो। इसके लिए चार स्थानों पर जूता स्टैंड स्थापित किए जाएंगे। यह हरसिद्धि चौराह के पास विक्रम टीला के सामने, महाराज वाडा पार्र्किंग परिसर, माधवसेवा न्यास पर स्थापित किए जाएंगे। व्यवस्था की जिम्मेदारी उज्जैन विकास प्रधिकरण के मुख्य कार्यपालन अधिकारी को सौंपी है।
मंदिर के आसपास का क्षेत्र नो व्हीकल जोन
महाकाल मंदिर के आसपास का क्षेत्र नो व्हीकल जोन
रहेगा। नो व्हीकल जोन कोट मोहल्ला से महाकाल मंदिर,बेगमबाग से यादव धर्मशाला, हरसिद्धि से बड़ा गणेश मंदिर से 4 नम्बर गेट तक, 24 खंबा मंदिर से महाकाल थाना तक, बडा गणेश मंदिर की गली, इंटरप्रिटीशन सेन्टर से गरीब नवाज कॉलोनी एवं निर्गम द्वार तक तथा बेगमबाग सीमेन्टेड रोड से रुद्रसागर तक रहेगा।
नजरअंदाज नहीं कर सकते है
इस मुद्दे पर एडीजी वी.मधुकुमार ने कहा कि हम निर्णय कुछ भी कर लें, लेकिन कई वीआईपी के आगमन और गर्भगृह में प्रवेश की इच्छा को चाहकर भी नजरअंदाज नहीं कर सकते हैं। प्रवेश पर हां या ना का फैसला होना चाहिए। गत वर्ष सब कुछ अच्छा था पर एक घटना के कारण आलोचना का शिकार होना पड़ा था। पहले हमने उनको रोका, धरना-नाराजगी के बाद गर्भगृह में जाकर पूजन करने के बाद वे चली गईं। निर्णय का पालन कहां हुआ। घटना को लेकर सभी पर सवाल खड़े हो गए थे। गर्भगृह में वीआईपी प्रवेश के संबंध में जो निर्णय लिया जाए उसका पालन भी होना चाहिए।
ऐसी रहेगी पार्किं ग व्यवस्था
इंदौर, देवास, मक्सी रोड से आने वाले वाहन की हरिफाटक ब्रिज की चौथी भुजा से होकर चारधाम मंदिर पर पार्किंग व्यवस्था की गई है। बडऩगर रोड से आने वाले वाहन मुल्लापुरा, शंकराचार्य चौक से नृसिंहघाट ब्रिज से नृसिंहघाट रोड, कार्तिक मेला ग्राउंड एवं झालरिया मठ के सामने मैदान, उन्हेल एवं आगर रोड की ओर से आने वाले वाहन चामुंडा माता चौराहे से होते हुए हरिफाटक ब्रिज से चारधाम मंदिर पार्र्किंग स्थल पर आ सकेंगे। वीआईपी के वाहन की पार्किंग हरिफाटक ब्रिज इंटरप्रिटीशन सेन्टर के समीप होते हुए गरीब नवाज होकर माधव सेवा न्यास के पीछे पार्र्किंग स्थल रहेगा। इंदौर रोड से आने वाली बसों के लिए लालपुल ब्रिज होकर नृसिंहघाट, कार्तिक मेला ग्राउण्ड में पार्किंग व्यवस्था रहेगी। इसी तरह पुराने शहर ढाबा रोड, कार्तिक चौक, कहारवाड़ी से आने वाले वाहन हरसिद्धि पाल एवं 24 खम्बा माता रोड पर पार्क होंगे।
परिवर्तित मार्ग-हरिफाटक ब्रिज से बेगमबाग की ओर वाहन नहीं आएंगे। दौलतगंज से कोटमोहल्ला की ओर वाहन नहीं आएंगे। निकास चौराहा से तेलीवाड़ा की ओर वाहन नहीं आ सकेंगे। हरसिद्धि पाल से चौबीस खम्बा माता की ओर से वाहन नहीं आ सकेंगे। कमरी मार्ग से गुदरी की तरफ वाहन मंदिर की ओर नहीं आ सकेंगे।

Lalit Saxena
और पढ़े
हमारी वेबसाइट पर कंटेंट का प्रयोग जारी रखकर आप हमारी गोपनीयता नीति और कूकीज नीति से सहमत होते हैं।
OK
Ad Block is Banned