सेना की बहादुरी पर लोगों ने मनाया पटाखे फोड़कर जश्न 

सेना की बहादुरी पर लोगों ने मनाया पटाखे फोड़कर जश्न 
celebrate in ujjain after surgical strike

Lalit Saxena | Updated: 30 Sep 2016, 10:08:00 AM (IST) Ujjain, Madhya Pradesh, India

सेना की बहादुरी भरी कार्रवाई पर लोगों ने पटाखे फोड़कर जश्न मनाया तो एक-दूसर को बधाई भी दी। पहली बार हुई सीधी कार्रवाई पर शहीद सैनिकों के परिजनों ने भी खुशी जताई।

उज्जैन. आतंकी करतूतों से देश को लहूलुहान करने वाले पाकिस्तान पर भारतीय सेना के सर्जिकल स्ट्राइक की खबर ने शहरवासियों को गर्व का अहसास करा दिया। घर में घुसकर आतंकियों के मारने पर लोगों ने कहा कि सेना ने हमारा सीना चौड़ा कर दिया। सेना की बहादुरी भरी कार्रवाई पर लोगों ने पटाखे फोड़कर जश्न मनाया तो एक-दूसर को बधाई भी दी। पहली बार हुई सीधी कार्रवाई पर शहीद सैनिकों के परिजनों ने भी खुशी जताई। शहीदों के बुजुर्ग माता-पिता का कहना था कि सेना की कार्रवाई से फिर से जीने का जोश भर आया। शहरभर में सेना की इस कार्रवाई पर लोगों का कहना था ना-पाक को अब अक्ल आएगी, देर से ही सही जैसे को तैसा जवाब दिया है। सोशल मीडिया पर लोगों ने सेना के इस कदम की सराहना की। सामाजिक संगठनों ने भी इस कार्रवाई की प्रशंसा की।

दिनभर टीवी पर लेते रहे खबर 
अलसुबह जैसे ही भारतीय सेना के ऑपरेशन की जानकारी मिली लोग दिनभर टीवी  पर पलपल की खबर लेते रहे। घर, सरकारी दफ्तरों और चौराहे पर खड़े होकर लोगों ने टीवी पर कैसे सेना पाक में घुसी, कितने आतंकी मारे, पाकिस्तान अब क्या करेगा जैसी जानकारी लेते रहे। हालांकि हर एक की जुबान पर था भारत को पहले यह कार्रवाई करना थी। 


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शहीदों के परिजन बोले- बेटे की रुह को अब मिला सुकून 
अपने कलेजे के टुकड़े को देश पर न्योछावर कर देने वाले शहीदों के माता-पिता, पत्नी और बच्चें भी सेना की कार्रवाई खुश थे। परिजनों का कहना था कि आंतक को सेना ने घर में घुसकर मारा तो ऐसा लगा जैसे बेटे की रुह को अब जाकर सुकून मिला, बूढ़ी आंखों में भी जैसे सेना ने जीने का जोश भर दिया। आंतक को इसी तरह करारा जवाब देना पड़ेगा तभी उसे सबक मिलेगा। आगर रोड की शहीद नगर में हर घर में खुशी का माहौल था। 

सेना ने बता दिया, कुर्बानी से नहीं डरते 
शहीद अरविंदसिंह तोमर के 78 वर्षीय पिता शमशेरसिंह तोमर, मां मुन्नीदेवी तोमर का कहना है कि कायरता से जो पीठ में छुरा घोंपे उसे सेना ने जवाब देकर यह साबित कर दिया कि भारत माता के लाल है, कुर्बानी से नहीं डरतें बल्कि घर में घुसकर भी मारने का साहस रखते हैं। शहीद की  पत्नी रांका लक्ष्मी बोली, सरकार का अच्छा कदम है। 

सेना ने काबिले तारीफ काम किया
शहीद जितेन्द्रसिंह चौहान की पत्नी सुधा चौहान का कहना है कि सुबह बेटी वंशिता ने बताया कि सेना पाकिस्तान में घुस गई और आतंकियों को मार दिया। उस समय बेटी की आंखों में गर्व का अहसास दिखाई दिया। दादी कमलादेवी व दादा धु्रवसिंह चौहान भी दिनभर टीवी के सामने बैठे रहे। इनका कहना था सेना ने काबिले-तारीफ काम किया है। 

यह बोले पूर्व सैनिक और शहरवासी
" सेना में वो जज्बा है कि वह पाकिस्तान को कभी भी और कहीं भी सबक सीखा सकती है। पीओके में घुसकर सेना ने  बहादुरी का परिचय ही नहीं दिया, पाकिस्तान को बता दिया वे क्या कर सकते हैं। इस कार्रवाई से देश का  हर व्यक्ति गर्वित है।" - किशोरसिंह, पूर्व सैनिक 

" ढुलमुल नीतियों के कारण सेना चुप बैठी थी। आतंकी कैंप पर पहले ही हमला कर देना चाहिए था। पाकिस्तान बगैर सख्ती के नहीं सुधर सकता। आज हर सैनिक खुश है कि उनके साथियों का बदला सेना ने ले लिया। युद्ध होता है तो एक्स सर्विस मैन तैयार है।" - राजेंद्रसिंह पंवार, पूर्व सैनिक 

" पाकिस्तान की नापाक हरकतों को ऐसे ही जवाब देना राष्ट्रहित में है।" - रजाअली सिद्दीकी, पूर्व एल्डरमैन 

" भारतीय सेना ने 30-35 आतंकियों को मारकर सही कदम उठाया है।" - जीतेश बत्रा, प्रवक्ता, आर्य समाज

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