चंबल ने पखारा मां चामुंडा का आंगन, चारों डैम ओवरफ्लो

चंबल ने पखारा मां चामुंडा का आंगन, चारों डैम ओवरफ्लो

Lalit Saxena | Publish: Jul, 14 2018 07:03:03 AM (IST) Ujjain, Madhya Pradesh, India

राहत के साथ बारिश लेकर आई मुसीबत

नागदा. शुक्रवार दोपहर 2 बजे शुरू हुई मूसलाधार बारिश ने शहर को पानी-पानी कर दिया। दूसरी ओर बारिश ने मां चामुंडा के पैर पखार दिए है। बारिश ने प्रशासन के सभी दावों की पोल खोल दी। शहर में अब तक 14.03 इंच बारिश दर्ज हो चुकी है। प्रमुख मार्ग जलमग्र हो गए और रहवासियों को घरों में दुबने पर मजबूर कर दिया। राहत की बात यह है, कि बारिश के पानी ने शहर के चारों डेमों में पर्याप्त जलापूर्ति कर दी है। हनुमान पाला, नायन, पिपलौदा, अमलावदाबीका डेमों में क्षमता के मान से पानी जमा हो चुका है।
बता दें, कि हनुमान पाला डैम ओवर फ्लो होने के साथ कुंड वाली माता चामुंडा मंदिर को जलमग्न कर देता है। जिससे यह माना जाता है, कि शहर के मांग के अनुरुप जलापूर्ति हो चुकी है। परेशानी यह है कि शहरवासियों की परेशानियों का निदान करने वाला नगर पालिका कार्यालय स्वयं बारिश की मार झेल रहा है। शुक्रवार सुबह नपा संबंधित कार्यों के लिए नपा पहुंचे रहवासियों को मुख्य द्वार के बाहर जमा जलभराव से होकर गुजरना पड़ा।
चंबल ने पखारे चामुंडा के पैर : शहर के समीपस्थ स्थानों पर तेज बारिश होने के कारण के चंबल स्थित हनुमान पाला ओवर फ्लो हो गया है। बारिश के पानी ने कुंड वाली चामुंडा माता मंदिर को जलमग्न कर दिया है। माता मंदिर डूबने के कारण श्रद्धालुओं को माता प्रतिमा के दर्शन नहीं हो सके। माता के दर्शन के लिए प्रतिमा के चित्र को मंदिर के बाहर कुछ दूरी पर स्थापित किया गया है। जिससे शहरवासियों को माता के दर्शन हो सके। हनुमान पाला ओवर होने से करीब 12 गांवों के ग्रामीणों के लिए जल उपलब्ध हो सका है।
बारिश ने नपा द्वार को डुबोया
शुक्रवार की बारिश ने नपा पहुंचे रहवासियों को परेशानी में डाल दिया। कारण नपा कार्यालय के बाहर स्थित नालियों की सफाई नहीं होने से कार्यालय के मुख्य द्वार पर जलभराव हो गया। नगर पालिका संबंधित कार्यों के लिए पहुंचे रहवासियों को जलभराव से होकर गुजरना पड़ा। इतना ही नहीं कई महिलाओं को नपा भवन की दीवारों का सहारा लेना पड़ा। दूसरी ओर कार्यालय भवन की छतों से पानी रिसने के कारण कर्मचारियों को भी परेशान होना पड़ा।
बस स्टैंड हुआ जनमग्न
परेशान करने वाली बात यह है, कि बीते दिनों एसडीएम डॉ. रजनीश श्रीवास्तव ने विकासखंड के अफसरों की बैठक आयोजित कर आपदा प्रबंधन के लिए अलर्ट रहने के निर्देश दिए थे। सबसे बड़ी जिम्मेदारी नगर पालिका को सौंपी गई थी। जिसके अंतर्गत नगर पालिका अफसरों को शहर की निचली बस्तियों समेत प्रमुख मार्गों की नालियों की सफाई करवाना था। जिससे जलभराव की स्थिति उत्पन्न ना हो। लेकिन शुक्रवार की बारिश ने अफसरों द्वारा किए गए नालियों की सफाई की पोल खोल दी। झामाझम बारिश ने बस स्टैंड क्षेत्र को पूरी तरह जलमग्न कर दिया।
पाड्ल्या रोड में जल निकासी नहीं
शहर के पाड्ल्याकलां क्षेत्रमें जलनिकासी नहीं होने के कारण क्षेत्र में जलभराव हो गया। जलभराव के कारण रहवासियों का घरों से निकलना मुश्किल हो गया। बारिश के पानी से जलभराव का कारण नालियों की उचित सफाई नहीं होना बताया जा रहा है। बारिश के दौरान क्षेत्र में कई बाइक सवार भी गिर गए।

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