घातक चाइनीज पटाखों का काला बाजार, चीनी ड्रेगन फिर तैयार 

घातक चाइनीज पटाखों का काला बाजार, चीनी ड्रेगन फिर तैयार 
Chinese Fireworks are accident injuries

Lalit Saxena | Publish: Sep, 29 2016 11:33:00 AM (IST) Ujjain, Madhya Pradesh, India

चाइनीज पटाखों पर नीमच में प्रतिबंध, उज्जैन में प्रशासन की नहीं तैयारी, हर साल चाइनीज पटाखे की दुर्घटना से सैकड़ों होते हैं घायल, दिवाली पर फिर झुलसाने को तैयार।

उज्जैन. दिवाली नजदीक आने के साथ ही शहर में फिर घातक चाइनीज पटाखों का काला बाजार तैयार होने लगा है। प्रतिबंध के बावजूद इस वर्ष भी चाइनीज पटाखों की गुपचुप तरीके से लाखों रुपए की खरीद-फरोख्त होने की आशंका है। प्रशासन ने इन घातक पटाखों के प्रतिबंध को लेकर अब तक प्रभावी कदम नहीं उठाया।

चाइनीज पटाखे देसी बाजार के लिए नुकसानदायक
चाइनीज पटाखे देसी बाजार के लिए जितने नुकसानदायक हैं उससे कहीं ज्यादा यह त्योहार की खुशियों को दु:ख में बदलने के लिए साबित होते हैं। पिछले साल भी कुछ ऐसे मामले सामने आए, जब चाइनीज पटाखों से बच्चे झुलस गए। चाइनीज बंदूक से  सर्वाधिक खतरा बना हुआ था। पिछले वर्ष प्रतिबंध के बावजूद 'दो नंबर' से लाखों रुपए के चीनी पटाखे बाजार में उतरे थे। सूत्रों के अनुसार इस बार फिर चाइना पटाखों को अवैध तरीके से बाजार में लाने की तैयारी चल रही है। 




Chinese Fireworks are accident injuries

ये है नीमच कलेक्टर का आदेश
हाल में दिल्ली प्रदेश सरकार ने चाइनीज पटाखे पर प्रतिबंध लगाने की बात कही है। बुधवार को उज्जैन संभाग के ही नीमच जिले में कलेक्टर रजनीश श्रीवास्तव ने चाइनीज पटाखों के परिवहन, विक्रय, भंडारण आदि पर प्रतिबंध लगा दिया है। इसे लेकर श्रीवास्तव का कहना है, चीनी पटाखों पर देश में प्रतिबंध है, व्यवस्था का पालन कराना हमारा दायित्व है। उन्होंने स्पष्ट किया कि किसी के पास यह पटाखे पाए जाते हैं तो विस्फोटक अधिनियम के तहत कार्रवाई होगी। विस्फोटक अधिनियम में 10 वर्ष तक की सजा का प्रावधान है। यह आदेश कलेक्टर की ओर से पुलिस, परिवहन और अनुविभागीय दंडाधिकारियों को जारी कर दिए गए हैं। भंडारण, विक्रय और परिवहन पाए जाने पर संबंधित पटाखा कारोबारी पर कार्रवाई एक्ट के तहत की जाएगी। उज्जैन जिला प्रशासन की ओर से अभी तक ऐसा कोई कदम नहीं उठाया गया है।

लापरवाही बढ़ा सकती है खतरा
उज्जैन में दो दिन पहले विस्फोटक अधिनियम को लेकर पुलिस व प्रशासनिक अधिकारियों की बैठक जरूर हुई, लेकिन इसमें भी चाइनीज पटाखों पर विशेष चर्चा नहीं हुई। ऐसे में प्रशासन की ढिलाई, पटाखों के बाजार में खतरा बढ़ा सकती है।

Chinese Fireworks are accident injuries

चाइनीज की पहचान का तरीका मुश्किल 
शहर में त्योहार के दौरान चीनी पटाखों की भरमार होती है। पर इन्हें पहचानना बेहद मुश्किल है। बस बाजार में कीमत से ही भारतीय और चीनी पटाखों में अंतर कर सकते हैं। भारतीय ब्रांड का अनार यदि 150 रुपए का एक पैकेट है तो मेड इन चाइना वाला अनार लगभग आधे दाम यानी 75 रुपए में मिल सकता है। दुकानदार इसे लोकल माल कहकर बेच देते हैं, हालांकि कुछ पटाखों पर साफ-साफ  मेड इन चाइना भी लिखा होता है। 

चीनी पर प्रतिबंध के ये दो कानून
ज्यादातर जगह प्रशासन महज सर्कुलर जारी करके बैठ जाता है लेकिन देश में दो-दो कानून इन पटाखों के खिलाफ  हैं। एक्सप्लोसिव एक्ट 2008 के तहत चीनी पटाखों का आयात प्रतिबंधित है। वहीं 1992 में बने कानून के मुताबिक देश में ऐसे पटाखे नहीं बेचे जा सकते जिसमें पोटेशियम क्लोरेट का इस्तेमाल किया गया हो। अनुसंधानों से स्पष्ट हो गया है कि चीनी पटाखों में पोटेशियम क्लोरेट रसायन उपयोग में आता है। 

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जिला स्तर पर सिर्फ अस्थाई लाइसेंस 
जिला स्तर पर कलेक्टर एक्सप्लोसिव एक्ट 2008 के तहत अस्थाई लाइसेंस जारी करते हैं। भंडारण के लिए विस्फोटक नियंत्रण संचालनालय भोपाल से स्थाई लाइसेंस जारी करता है। इसमें परिवहन, भंडारण और बिक्री को लेकर अलग प्रावधान होते हैं। चीनी पटाखों के आयात पर प्रतिबंध के बाद 2015 से संचालनालय से स्थाई लाइसेंस जारी नहीं हो रहे। जिला मुख्यालय पर भी चीनी पटाखों का अस्थाई लाइसेंस जारी नहीं हो सकता। 

इंदौर-नागपुर चीनी पटाखों के सप्लायर
इंदौर के राऊ और पीथमपुर क्षेत्र से चीनी पटाखे मालवा के सभी शहरों तक सप्लाय हो रहे हैं। इनका कनेक्शन नागपुर, रायपुर और तमिलनाडु के शिवकाशी से है। शिवकाशी से ज्यादातर देसी पटाखे आते हैं, इनमें चीनी पटाखों की मात्रा हर साल बढ़ रही है।

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चीनी पटाखों का देश में बाजार 
2008 के एक्सप्लोसिव रूल्स के तहत देश में चाइनीज पटाखों के आयात का कोई लाइसेंस नहीं दिया गया। 20 करोड़ के अवैध आयात किए हुए चीनी पटाखे डीआरआई यानी राजस्व इंटेलीजेंस ने जब्त किए सितंबर 2016 में। 

उज्जैन में चाइना
550 अस्थाई और 5 स्थाई दुकान शहर में, 3 करोड़ रुपए का दिवाली पर कारोबार पटाखों का, 90 लाख रु. के चीनी पटाखे यानी 30 फीसदी कारोबार, 100 से ज्यादा लोग घायल होते हैं जिले में चीनी पटाखों से।

खतरे पर भारी मुनाफा
मुनाफा और बाजार की मांग से चाइनीज पटाखों के कारोबार को बल मिला है। 

चाइनीज पटाखों में फायदा 
50 से 100 या इससे ज्यादा, देसी में कम मार्जिन 30 से 60 

आवश्यक कार्रवाई करेंगे
" पटाखा व्यवसाय में सुरक्षा का विशेष ध्यान रखा जाएगा। इस संबंध में वरिष्ठ अधिकारियों ने बैठक भी ली  है। चाइनीज पटाखों के संबंध में क्या दिशा निर्देश हैं, जानकारी लेकर आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।"
- अवधेश शर्मा, एडीएम

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