विद्यार्थियों को पढ़ाने वाले शिक्षकों की लग रही क्लास, क्या है खास

एनसीइआरटी कोर्स पढ़ाने का प्रशिक्षण, जुलाई तक पांच चरण में होगी ट्रेनिंग

 

By: Gopal Bajpai

Published: 16 May 2018, 08:52 PM IST

उज्जैन. सरकारी स्कूलों में जुलाई से नए सत्र की शुरुआत होगी और विद्यार्थियों की क्लास लगेगी, लेकिन इससे पूर्व स्कूली शिक्षा विभाग शिक्षकों की क्लास लगा रहा है। शिक्षकों को नए पैटर्न की एनसीइआटी के पाठ्यक्रम को पढ़ाने का प्रशिक्षण दिया जा रहा है। इस पांच दिवसीय शुरुआत सोमवार से हो गई। पहले बैच में करीब २४० शिक्षक उपस्थित रहे। इन्हें १६ मास्टर ट्रेनर प्रशिक्षण दे रहे हैं। विभाग की तरफ से पांच दिवसीय प्रशिक्षण शिविर के आठ चरण आयोजित होंगे। इसमें संभाग के १८०० शिक्षक शामिल होंगे। इनमें गणित व विज्ञान के शिक्षकों को शामिल किया गया।

सरकारी स्कूलों में पढ़ाई का स्तर सुधारने के लिए लगतार प्रयास किए जा रहे हैं, ताकि विद्यार्थी अन्य सीबीएसइ पैटर्न के विद्यार्थियों से प्रतिस्पर्धा कर सकें। इसी क्रम में सरकारी स्कूलों में कक्षा १०वीं और १२वीं में एनसीइआरटी का पाठ्यक्रम लागू किया गया है। इसके लिए अब विभाग स्कूलों के शिक्षकों को ट्रेनिंग देकर तैयार कर रहा है। इससे वह क्लास में विद्यार्थियों को बेहतर ढंग से शिक्षा दे सकें। इसके लिए विभाग ने संभागस्तरीय प्रशिक्षण शिविर का आयोजन किया है। दशहरा मैदान सरकारी स्कूल में शिविर का संचालन किया जा रहा है। जुलाई तक पांच दिवसीय शिविर के आठ चरण आयोजित होंगे। सरकारी स्कूलों के विद्यार्थी सीबीएसइ पैटर्न के स्कूलों के विद्यार्थियों से प्रतिस्पर्धा कर सकें।

 

शिक्षक व कर्मचारियों की समस्या के लिए १८ को शिविर

उज्जैन. स्कूली शिक्षा विभाग की तरफ से विकासखंड स्तर पर विभागीय परिवेदना निवारण शिविर का आयोजन १८ मई को किया जा रहा है। इसमें विभाग के अधीन कर्मचारी व शिक्षक अपनी समस्याओं का प्रतिवेदन प्रस्तुत कर सकेंगे। इन सभी का समय रहते निराकरण किया जाएगा। शिविर में कर्मचारी नीतिगत व सुझाव आधारित प्रतिवेदन प्रस्तुत नहीं कर सकेंगे। जिले में शिविर उज्जैन, तराना, घट्टिया, बडऩगर, महिद्पुर, खाचरौद में आयोजित किया जाएगा। आवेदन प्रस्तुत करने के लिए कर्मचारियों को दस्तावेजों के साथ यूनिक आइडी नंबर, संस्था के डाइस कोड सहित उपस्थित रहे।

सभी समस्याओं पर लेंगे प्रतिवेदन

शिविर में कर्मचारी व शिक्षकों की सभी समस्याओं पर प्रतिवेदन लिया जाएगा। इसमें कर्मचारी, सहायक अध्यापक, अध्यापक, वरिष्ठ अध्यापक, सहायक शिक्षक, शिक्षक, व्याख्याता, प्राचार्य व अन्य विभागीय अमला अपनी समस्या के हल के लिए स्वयं उपस्थित रहकर समस्याआें, शिकायतों, वरिष्ठता का निर्धारण, समयमान - वेतनमान, क्रमोन्नति, वरिष्ठ वेतनमान, वेतन संबंधी समस्या, अंशदान, कटोत्रा, अवकाश, सामान्य भविष्य निधि, गोपनीय चरित्रावली आदि व्यक्तिगत परिवेदना के लिए आवेदन प्रस्तुत कर सकेंगे।

 

Gopal Bajpai Editorial Incharge
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