scriptCM Chouhan did not fulfill this wish in Ujjain. | उज्जैन में सीएम चौहान की यह इच्छा नहीं हुई पूरी | Patrika News

उज्जैन में सीएम चौहान की यह इच्छा नहीं हुई पूरी

संवत्सर पर गौरव दिवस कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने जताई थी सभी होटल के नाम हिंदी में लिखे हो, 30 दिन के बाद भी नहीं हो पाया बदलाव

उज्जैन

Published: May 16, 2022 11:34:13 am

उज्जैन। शहर में होटल, धर्मशालाओं व रिसोर्ट के नाम हिंदी में लिखे जाने का मुख्यमंत्री शिवराजसिंह चौहान का संकल्प अधूरा ही रह गया है। ३० दिनों में होटलों के नाम ङ्क्षहदी में लिखे जाने थे लेकिन अब तक इस दिशा में कोई काम नहीं हो सका। यहां तक कि कलेक्टर ने जिन होटल एवं रिसोर्ट संचालकों के साथ बैठक की थी उन्होंने भी अपने होटलों के नाम हिंदी में नहीं किए है। ऐसे में शहर हिंदी को लेकर नई कवायद शुरू होने से पहले ही ठंडे बस्ते में चली गई।
मुख्यमंत्री शिवराजसिंह चौहान विक्रम संवत्सर पर आयोजित गौरव दिवस पर शहर के होटल के नाम हिंदी लिखे जाने का संकल्प लिया था। उन्होंने कहा था कि सभी होटलों के नाम हिंदी में लिखे होने से एक संदेश देशभर में जाएगा और यहां आने वाले तीर्थयात्री इस नई पहल से अभिभूत होंगे। बीते दिनों में इस दिशा में कोई काम नहीं हो पाया। महाकाल क्षेत्र की कई होटलों के नाम में अब तक परिर्वतन नहीं हुआ। कहीं अंगे्रजी में नाम लिखे हैं, तो कहीं पर हिंदी में। पूरे क्षेत्र में होटलों के नाम हिंदी में दिखाई देने और इनमें एकरुपता सामने नहीं आई। यहां तक कि शहर की बड़ी होटलों के नाम अंग्रेजी में ही लिखे हुए हैं। मुख्यमंत्री चौहान की मंशा के मुताबिक होटलों के नाम हिंदी में लिखे जाने को कलेक्टर आशीषसिंह ने होटल एवं रिसोर्ट एसोसिएशन के पदाधिाकारियों के साथ बैठक की थी। इसमें तय हुआ था कि ३० दिनों के भीतर होटल एवं रिसोर्ट के नाम हिंदी में कर दिए जाएंगे। अब तक इनमें भी कई होटलों के नाम हिंदी में नहीं किए गए है। जबकि होना यह था कि होटल संचालक अलग से हिंदी में लिखे बोर्ड लगाएंगे लेकिन इस पर कोई काम नहीं हुआ।
प्रशासन ने पूरे मन से नहीं की पहल
होटल, धर्मशालाओं के नाम हिंदी में नहीं लिखे जाने को लेकर सामने आया कि प्रशासन की ओर से पूरे मन इस दिशा में पहल नहीं की गई। महाकाल क्षेत्र के ही होटल व्यवसायी बता रहे हैं कि इस संबंध में उनसे किसी ने संपर्क नहीं किया। व्यवसायियों की माने तो इस दिशा में अगर अधिकारी समन्वय बनाकर सभी होटल संचालकों के साथ बैठक करता तो अब तक सभी होटलों के नाम में एकरुपता आ जाती।
टॉवर को सफेद रंग में रंगा था
शहर में प्रशासन ने पूर्व में टॉवर टॉवर सहित आसपास के भवनों को सफेद रंग में किया था। इसके लिए प्रशासन ने भवन स्वमी तथा व्यवसायियों के साथ बैठक कर सहयोग लिया था। सभी इस पर सहमत हुए थे और पूरे टॉवर को सफेद रंग में रंगा था। यहां तक कि टॉवर के लिए सामाजिक संगठनों ने राशि एकत्र कर इसे सफेद रंग लगाया था।

CM Chouhan did not fulfill this wish in Ujjain.
संवत्सर पर गौरव दिवस कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने जताई थी सभी होटल के नाम हिंदी में लिखे हो, 30 दिन के बाद भी नहीं हो पाया बदलाव

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