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छुट्टी में उज्जैन आइये, भक्तों के लिए हैं बेहतर इंतजाम

कोरोना प्रतिबंध समाप्त होने और गर्भगृह से बाबा महाकाल के दर्शन शुरू होने से बढऩे लगी श्रद्धालुओं की भीड़, क्रिसमस और न्यू इयर के अवकाश में बड़ी संख्या में होगा पर्यटकों का आगमन

उज्जैन

Published: December 18, 2021 10:43:48 am

अनिल मुकाती
उज्जैन. कोरोना प्रतिबंध हटने के बाद 6 दिसंबर 2021 से श्रद्धालुओं को गर्भगृह से बाबा महाकाल के दर्शन करवाए जा रहे हैं। ऐसे में मंदिर में श्रद्धालुओं की भीड़ नजर आने लगी है। शनिवार, रविवार को तो भक्तों की कतार हरसिद्धि माता मंदिर तक पहुंच रही है। इधर, साल के आखिरी दिनों में क्रिसमस के अवकाश का फायदा लेने के लिए प्रदेश की धार्मिक नगरी उज्जैन में बड़ी संख्या श्रद्धालुओं के आने की संभावना है। वहीं बाबा के दर्शन कर नववर्ष की शुरुआत करने भी श्रद्धालु उज्जैन पहुंचेंगे। ऐसे में मंदिर प्रबंध समिति, पुलिस, प्रशासन ने पुख्ता इंतजाम किए हैं। वहीं कोरेाना काल में बड़ा नुकसान झेलने वाले शहर के व्यापारी भी श्रद्धालुओं की आमद से उत्साहित हैं और उन्हें अच्छे व्यापार की उम्मीद है।
छुट्टी में उज्जैन आइये, भक्तों के लिए हैं बेहतर इंतजाम
छुट्टी में उज्जैन आइये, भक्तों के लिए हैं बेहतर इंतजाम
यह है मंदिर में प्रवेश और दर्शन व्यवस्था
भस्म आरती: आम श्रद्धालुओं को ऑनलाइन एवं ऑफलाइन में सशुल्क प्रवेश दिया जा रहा है। भस्म आरती दर्शन के लिए ऑफलाइन आवेदन एक दिन पहले देना होता है। इसका शुल्क प्रति व्यक्ति २०० रुपए है। ऑनलाइन अनुमति एक-ड़ेढ महीने पहले ले सकते हैं। फिलहाल यह बंद है।
सामान्य दर्शन- आम श्रद्धालु सुबह 4 से रात 11 बजे तक प्रवेश कर सकते हैं। सामान्य दर्शन में प्रोटोकॉल शुल्क 100 रुपए प्रति व्यक्ति है। वीआइपी के लिए 250 रुपए शुल्क लगता है।
फेसिलिटी सेंटर से प्रवेश: सामान्य दर्शनार्थियों को शंख द्वार, फेसिलिटी सेन्टर से प्रवेश दिया जा रहा है। यहां वैक्सीन प्रमाण पत्र देखा जा रहा है, यहां से सभी को मास्क पहनना तथा सैनिटाइजर का प्रयोग अनिवार्य किया गया है। श्रद्धालु मंदिर परिसर, कार्तिकेय मंडपम से रैम्प उतरकर गणेश मंडपम् की बैरिकेडस से नंदी मंडपम होते हुए गर्भगृह अथवा नंदी हॉल में प्रवेश करके निर्गम रैम्प से बाहर निकलेंगे।
गर्भगृह में प्रवेश बंद के दौरान ये व्यवस्था: गर्भगृह में प्रवेश बंद के दौरान 1500 रुपए की रसीद पर 2 श्रद्धालु, लघु रूद्र की रसीद पर 3 और महारुद्र की रसीद पर 5 श्रद्धालुओं को गर्भगृह से दर्शन करने की अनुमति रहेगी। यदि श्रद्धालु परिवार के तीन सदस्यों को गर्भगृह में जल चढ़ाना है, तो उन्हें 1500 की रसीद के अलावा 1000 रुपए एक अतिरिक्त रसीद भी कटवाना होगी। इन श्रद्धालुओं को मंदिर के 4 नंबर गेट से प्रवेश दिया जा रहा है। रसीद लेकर दर्शन करने वाले श्रद्धालुओं को ड्रेस कोड का पालन करना अनिवार्य होगा। पुरुषों को सोला व महिलाओं को साड़ी में ही गर्भगृह में प्रवेश दिया जा सकेगा।
वृद्ध, असहायों और दिव्यांगों के लिए नि:शुल्क व्यवस्था
वृद्धों, असहायों और दिव्यांग श्रद्धालुओं को गेट नं. 4 से नि:शुल्क प्रवेश दिया जा रहा है।
ऐसे चमकेगा बाजार
होटल: बाहरी श्रद्धालुओं के आने से होटल व्यवसाय अच्छा चलेगा। शहर में छोटे-बड़े मिलाकर करीब 250 होटल, सराय, लॉज और धर्मशालाएं हैं। कोरोना काल के कारण अधिकतर बंद ही रहे। होटल संचालक जय सिंह के अनुसार शहर की होटलों में कोरोना गाइड लाइन का पालन किया जाता है। उज्जैन में न्यूनमम 400 रुपए से 5000 रुपए प्रतिदिन के किराये में होटल में कमरे उपलब्ध हैं।
रेस्टारेंट: मालवा के उम्दा स्वाद के लिए मशहूर उज्जैन के रेस्टोरेंट भी श्रद्धालुओं की मेजबानी के लिए तैयार हैं। यहां पारंपरिक मालवा के भोजन के साथ ही अन्य कई स्वाद भी चखने को मिलते हैं। रेस्टोरेंट संचालक विजय पंडित के अनुसार बाहर से आने वाले श्रद्धालु हमारे मेहमान हैं। ऐसे में उनकी खातिर करने से पीछे नहीं हटते। भोजन में शुद्धता का पूरा ध्यान रखा जाता है। उज्जैन में प्रति थाली न्यूनतम 60 रुपए में सात्विक भोजन उपलब्ध हो जाता है।
लोक परिवहन: शहर में अभी सिटी बस बंद हैं। ऐसे में ऑटो, मैजिक ही आने-जाने का सहारा है। ऑटो संचालक गुलरेज के अनुसार देवासगेट बस स्टैंड और रेलवे स्टेशन से श्रद्धालुओं को न्यूनतम 40 रुपए किराये में महाकाल मंदिर तक छोड़ा जाता है। रात में आते हैं तो नाइट चार्ज लगता है। अब श्रद्धालुओं की संख्या बढऩे से ज्यादा भाड़ा मिलने की उम्मीद है।
अन्य सामग्री: उज्जैन आने वाले भोले के भक्त यादगार के तौर पर यहां से बाबा की तस्वीर, शिवलिंग, कपड़े, भैरवगढ़ के बटिक प्रिंट, डमरू, मालाएं, मेहंदी, कुमकुम, नमकीन सहित अन्य वस्तुएं अपने साथ ले जाते हैं। ऐसे में इन व्यापारियों ने भी व्यापक तैयारियां कर रखी हैं।
उज्जैन के अन्य दर्शनीय स्थल
महाकाल मंदिर के अलावा शहर में त्रिवेणी स्थित शनि मंदिर, इस्कॉन मंदिर, चिंतामण गणेश मंदिर, मंगलनाथ मंदिर, अंगारेश्वर मंदिर, कालभैरव मंदिर, हरसिद्धि मंदिर, बड़ा गणेश मंदिर, रामघाट, भूखी माता मंदिर, गेबी हनुमान मंदिर, विक्रमादित्य टीला,गढ़कालिका मंदिर, भर्तृहरि गुफा, राम जनार्दन मंदिर सहित ढेरों रमणीय स्थल हैं। ऐसे में उज्जैन घूमना पर्यटकों को काफी पसंद आता है।

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