बेधड़क दौड़ रही बिना नंबर व स्टाइलिश प्लेट की गाडियां

बुलेट के कानफाड़ू सायलेंसर बने शहरवासियों के लिए परेशानी

आगर-मालवा. इन दिनों शहर में बगैर नंबर के दोपहिया वाहनों का अंबार नजर आता है। ये वाहन शहर की सड़कों पर बेखौफ दौड़ते हुए नजर आ रहे हैं। अनेक वाहन ऐसे हैं जिन पर स्टाइलिश नंबर अंकित है। पुलिस द्वारा तमाम अभियान चलाने के बावजूद धरातल पर बाइक सवारों द्वारा नियम कायदे ताक में रखे जा रहे हैं। युवा वर्ग में मची बुलेट चलाने की होड़ किसी दिन शहर में अप्रिय स्थिति का कारण बन सकती है। बुलेट वाहन के सायलेंसर ऐसे बनाए गए जो कि ध्वनि प्रदूषण तो करते ही है साथ ही इनकी वजह से हादसों का अंदेशा भी बना रहता है। शहर में दौडऩे वाली अधिकांश बुलेट पर नंबर ही दर्ज नही है। पिछले दिनों भोपाल, इंदौर सहित अन्य बड़े जिलों से बुलेट चोरी होने और उनकी खपत आगर में होने के संबंध में जब पुलिस ने अपनी कार्रवाई आरंभ की तो शहर में बुलेट वाहन की आवाजाही ही कम हो गई। कोतवाली थाने पर 5 बुलेट चोरी की जब्त की जा चुकी है।
शहर में वाहन चालकों द्वारा बिना नंबर के वाहन तथा स्टाइलिश नंबर के वाहन धड़ल्ले से दौड़ाए जा रहे हैं, लेकिन उन पर कोई कार्रवाई नहीं हो पा रही है। कुछ वाहन चालकों द्वारा वाहनों पर इस प्रकार नंबर लिखवाए जाते हैं कि उनको थोड़ी दूर से भी देखने पर नंबर पढऩा मुश्किल हो जाता है। ऐसी स्थिति में कोई भी दुर्घटना हो जाने पर वाहन मालिक तथा उस पर सवार लोगों की पहचान करना मुश्किल हो जाता है। एक ओर जहां लापरवाह वाहन चालक बिना नंबर के वाहन दौड़ाते नजर आते हैं, वहीं दूसरी ओर जवाबदार भी नियमों की अवहेलना करते हुए आसानी से देखे जा सकते हैं। यदि ऐसे ही हाल रहे तो आम जनता कैसे नियमों का पालन करेगी। वाहन चालक नंबरों के स्थान पर अपना व परिजनों के नाम स्टाइलिश अक्षरों में लिखवाकर वाहन चलाते हैं। कुछ वाहनों पर तो राजनीतिक दल के झंडे के रंग मे ही नंबर प्लेट दिखाई देती है। ऐसे लापरवाह वाहन चालकों द्वारा कोई घटना घटित कर फरार हो जाने पर वाहन चालक की पहचान करना मुश्किल हो जाती है। नए वाहन खरीदी के कुछ समय बाद आरटीओ द्वारा वाहन के नंबर तो जारी कर दिए जाते हैं लेकिन वाहन चालकों द्वारा अपने वाहन पर नंबर अंकित नहीं करवाए जाते हैं।
नहीं होती है कार्रवाई
शहर में बेधड़क घूम रहे इन वाहनों के विरुद्ध जवाबदारों द्वारा कोई कार्रवाई नहीं की जाती है। जवाबदारों की इस लापरवाही के चलते दुर्घटनाग्रस्त हुए ऐसे वाहनों के चालक पर पहचान करना मुश्किल हो जाता है तथा दुर्घटना घटित करने वाले लापरवाह वाहन चालक अधिकांश समय बचकर निकल जाते हैं।
नाबालिग करते हैं हादसों को आमंत्रित
स्कूल तथा ट्यूशन वाहनों से जाने वाले नाबालिग वाहन चालक भी आए दिन हादसों को आंत्रित करते हुए देखे जा सकते है। नियमों से अनजान ये नाबालिग भी अपने वाहन पर दो से अधिक सवार होकर शहर में मनमाने अंदाज में वाहन दौड़ाते हुए दिखते है। ऐसे में कोई हादसा घटित हो जाने पर परिजनों द्वारा मामले को वहीं रफा-दफा कर दिया जाता है तथा नाबालिग वाहन चालकों पर कोई कार्रवाई नहीं हो पाती है। शहर में इस प्रकार नियमों को तोडऩे वाले इन नाबालिगों पर भी जवाबदारों का ध्यान नहीं है।
प्रेस लिखी गाडिय़ों का अंबार
शहर में कई लोगों ने अपने-अपने अंदाज में गाडिय़ों पर प्रेस शब्द लिखा रखा है, जिनका पत्रकारिता से दूर-दूर तक का कोई नाता नहीं है, फिर भी पेे्रस लिखकर पुलिस के सामने अपना रौब झाडऩे से बाज नहीं आ रहे है। यही हालात मप्र शासन लिखे वाहनों के भी है।
पुलिस द्वारा निरंतर वाहन चेकिंग की जाती है। यदि कोई वाहन चालक निर्धारित मापदंडों के विपरित एवं अस्पष्ट रूप से प्रदर्शित होती यदि कोई नंबर प्लेट अपने वाहन पर लगवाता है तो वह नियमों के विपरीत है। निश्चित रूप से कार्रवाई की जाएगी।
अजीत तिवारी, कोतवाली थाना प्रभारी

Mukesh Malavat
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