यूकेजी की दो किताब खरीदने के लिए भेजा तो दुकानदार ने कहा- पूरा सेट खरीदना होगा, बनाया पंचनामा

बीआरसी ने पंचनामा बनाकर कार्रवाई के लिए एसडीएम को रिपोर्ट सौंपी

By: Mukesh Malavat

Published: 04 Apr 2019, 08:02 AM IST

नागदा. नवीन शिक्षण सत्र प्रारंभ होते ही निजी स्कूल संचालकों की मनमानी भी सामने आने लगी है। खास बात यह है कि जिला कलेक्टर के स्पष्ट निर्देश के बाद भी स्टेशनरी एवं यूनिफार्म नियत दुकान से खरीदने के लिए स्कूल संचालकों की मनमानी जारी है। स्कूल संचालकों की इसी मनमानी पर रोक लगाने के लिए एसडीएम आरपी वर्मा ने टीम का गठन किया। जांच की जिम्मेदारी क्षेत्र के बीआरसी प्रणव द्विवेदी एवं बीओ अनसिंह बघेल को सौंपी थी। पहले दिन स्कूल संचालक के खिलाफ तो कोई कार्रवाई नहीं हुई लेकिन टीम ने शहर के नामी कॉपी-किताब विक्रेता को जरूर मनमानी करते रंगे हाथ पकड़ लिया हैं। दोनों अधिकारियों ने जिला कलेक्टर के आदेश की अवेहलना करने का दोषी पाते हुए इसके खिलाफ पंचनामा बनाकर कार्रवाई के लिए एसडीएम वर्मा को जांच रिपोर्ट सौंपी है। इसके पूर्व बीआरसी एवं बीओ ने आदित्य बिरला समूह के निजी स्कूलों की जांच के लिए पहुंचे थे। जहां पर उन्होंने मौजूद अभिभावकों से स्कूल प्रबंधन द्वारा किसी प्रकार का दबाव या मनमानी करने की बात भी पूछी लेकिन सभी ने इससे मना कर दिया। उसके बाद दोनों अधिकारी स्कूल प्रसिंपल से कलेक्टर के आदेश की प्रति नोटिस बोर्ड पर चस्पा करने की बात कह कर वहां से निकल गए।
ऐसे धराया दुकानदार
नवीन शिक्षण सत्र प्रारंभ होते ही एसडीएम को यह शिकायतें मिल रही थी कि, निजी स्कूल संचालकों द्वारा विद्यार्थियों की यूनिफार्म से लेकर कॉपी-किताबों तक के लिए नियत दुकान फिक्स कर रखी है। जहां पर दुकानदार एनसीआरटी द्वारा जारी किताबों के अलावा अतिरिक्त किताबों को भी खरीदने के लिए अभिभावकों एवं विद्यार्थियों पर दबाव बनाया जा रहा है। जिसके कारण अतिरिक्त आर्थिक भार अभिभावकों को उठाने पर मजबूर होना पड़ रहा है। इतना ही नहीं अगर कोई ग्राहक दुकानदार से किसी भी कक्षा की जरूरत के हिसाब से किताबों की मांग की जाती है तो दुकानदार ग्राहक को एक या दो किताब देने से मना कर देता है और उस पर पूरा सेट लेने का दबाव बनाता है। यहां तक की निजी स्कूल संचालकों ने कोर्स के लिए दुकानें फिक्स कर रखी है। जिसकी जांच के लिए एसडीएम वर्मा ने पहले तो बीआरसी द्विवेदी और बीओ बघेल के साथ दुकानदार को रंगे हाथ पकडऩे की योजना बनाई। योजना के मुताबिक एसडीएम ने अपने कार्यालय के एक कर्मचारी को ग्राहक बनाकर महात्मा गांधी मार्ग स्थित मनीष जनरल स्टोर पर भेजा। जहां उसके साथ ग्राहक के रूप में बीआरसी एवं बीओ भी मौजूद थे। तीनों ने दुकानदार से एबीएसएसएस यूकेजी क्लास की दो बुक की मांग की गई। जिस पर दुकानदार ने खुली किताब देने से मना कर दिया और पूरा सेट खरीदने को कहा गया। टीम के सदस्यों ने दुकानदार से पूरा सेट खरीद कर उसका बिल मांगा। दुकानदार ने जैसे ही बिल बनाकर जांच दल के सदस्यों के हाथ में दिया। दोनों अधिकारियों ने दुकानदार को कलेक्टर के आदेश की अवेहलना करते रंगे हाथ पकड़ कर उसका पंचनामा बनाकर एसडीएम वर्मा को सौंप दिया है।
निजी स्कूल संचालकों की मनमानी की शिकायतें मिल रही थी। जिस पर जांच दल गठित कर महात्मा गांधी मार्ग स्थित मनीष जनरल स्टोर्स पर कार्रवाई की गई है। जांच दल ने दुकानदार को सेट बनाकर कॉपी किताब बेचते रंगेहाथ पकड़ा है। जिसका पंचनामा बनाकर मुझे कार्रवाई के लिए दिया हैं। मामले मे जिला कलेक्टर से अभीमत मांगा गया है। जैसा आदेश मिलेगा वैसी कार्रवाई की जाएगी।
आरपी वर्मा, एसडीएम नागदा

Mukesh Malavat
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