500 रुपए भावांतर की राशि को लेकर किसानों में असमंजस, नहीं मिला तो 26 के बाद किसान संघ करेगा आंदोलन

छह हजार से अधिक किसानों ने बेची एक लाख 27 हजार क्विंटल सोयाबीन

By: Gopal Bajpai

Published: 19 Jan 2019, 08:02 AM IST

नागदा. शहर की कृषि उपज मंडी में इस सीजन में छह हजार से अधिक किसानों एक लाख 27 हजार क्विंटल सोयाबीन की उपज को तोला है। भाजपा की तात्कालिक सरकार ने घोषणा की थी कि वह किसानों को पांच सौ रुपए क्विंटल का बोनस देगी, लेकिन सरकार बदलने के बाद अब किसानों में असमंजस की स्थिति है कि नई सरकार से उन्हें बोनस का लाभ मिलेगा या नहीं।
शनिवार को खरीदी का अंतिम दिन है। इधर इस मामले को लेकर किसान संघ ने साफ किया है कि सरकार 26 जनवरी तक अपना रूख साफ करें, नहीं तो प्रदेशभर में चरणबद्व आंदोलन किया जाएगा। कृषि उपज मंडी समिति से मिले आंकड़ों के अनुसार खरीदी का यह आंकड़ा शुक्रवार तक का है, जिसे मंडी कर्मचारियों ने कम्प्यूटर में फीड किया है। किसानों में असमंजय की स्थिति इसलिए है, क्योंंकि तात्कालिक सीएम शिवराजसिंह चौहान ने तो सोयाबीन पर पांच सौ रुपए प्रति क्विंटल बोनस की घोषणा कर दी थी, लेकिन इसके बाद प्रदेश में बनी कमलनाथ सरकार के किसी मंत्री का इस बारे में कोई बयान नहीं आया है। इसे लेकर किसानों में ऐसी स्थिति बनी हुई है। किसानों की चिंता इसलिए भी बढ़ गई है, क्योंकि आज भावांतर खरीदी का अंतिम दिन है।
किसान संघ करेगा प्रदेशभर में आंदोलन
किसान संघ के प्रांताध्यक्ष कमलसिंह आंजना से साफ किया है कि पुरानी सरकार की घोषणा को वर्तमान सरकार को पूरा करना चाहिए। यदि ऐसा नहीं हुआ तो किसान संघ किसानों के हित में उतरकर आंदोलन करेगा, क्योंकि पहले सूखे व बाद में पाले के कारण वैसे ही परेशान है ऐसे में यदि सरकार ने भी किसानों को उसके हक के लिए परेशान किया तो ये ठीक नहीं होगा। 26 जनवरी तक सरकार ने यदि अपना रूख स्पष्ट नहीं किया तो उसके बाद किसान संघ तहसील केंद्रों पर ज्ञापन देगा। इसके बाद भी यदि सरकार ने रूख स्पष्ट नहीं किया तो 5 फरवरी के बाद जिला व तहसील केंद्रों पर धरना प्रदर्शन किया जाएगा।

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Gopal Bajpai Editorial Incharge
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