मिसाल बना देश का पहला फास्ट ट्रैक फैसला, 6 घंटे में ही कोर्ट ने सुनाई आरोपी को सजा

मिसाल बना देश का पहला फास्ट ट्रैक फैसला, 6 घंटे में ही कोर्ट ने सुनाई आरोपी को सजा

उज्जैन। देश के इतिहास में यह संभवतः पहला मामला है जब किसी रेपिस्ट को 6 घंटे में ही सजा दे दी गई हो। इससे पहले भी कोर्ट ने कई मामलों में जल्द से जल्द सजा का ऐलान किया, लेकिन यह मामला अपने आप में सबसे कम समय में सजा देना का माना जा रहा है।

मध्यप्रदेश की उज्जैन जूवेनाइल कोर्ट ने सोमवार को यह फैसला सुनाया है। इतनी जल्द फैसला आने पर देशभर में इसकी सराहना हो रही है।

 

उज्जैन जिले की घट्टिया पुलिस थाने के प्रभारी एनएस कनेश के मुताबिक स्वतंत्रता दिवस के दिन बच्ची को उसके घर वाले पड़ोस में रहने वाले 14 साल के लड़के साथ खेलने के लिए छोड़ कर किसी काम से चले गए थे। इसी दौरान उस लड़के ने रेप की वारदात को अंजाम दे दिया।

रेप के बाद से फरार था आरोपी
पुलिस अधीक्षक (SP) सचिन अतुलकर के मुताबिक रेप के बाद आरोपी नाबालिग गांव से भाग गया था। 16 अगस्त की रात को उसे चौमहला क्षेत्र में एक रिश्तेदार के घर से गिरफ्तार कर लिया गया।

उसे उज्जैन की जूवेनाइल कोर्ट में पेश किया गया। जहां चार्जशीट दाखिल करने के बाद सभी के बयान लेने के 6 घंटे के भीतर ही उसे सजा का ऐलान कर दिया गया। रेप करने वाले 14 साल के आरोपी को दो साल की सजा दी गई है। इसे दुष्कर्म के किसी मामले में तेजी से ट्रायल और सबसे कम समय में सजा देने के रूप में देखा जा रहा है।

 

कोर्ट ने कायम की मिसाल
कोर्ट ने इतने कम समय में सजा देने के मामले में यह मिसाल कायम की है।
15 अगस्त के दिन बच्ची के साथ रेप की घटना हुई।
16 अगस्त को आरोपी को एक रिश्तेदार के यहां से गिरफ्तार कर लिया गया।
-कोर्ट ने 20 अगस्त को ही चार्जशीट कोर्ट में दाखिल की थी।
-दिनभर हुई सुनवाई और बयानों के बाद नाबालिग आरोपी को दो साल की सजा दे दी गई।

Manish Gite Desk/Reporting
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