ये कैसी मनमानी, शासकीय अस्पताल से भगा दिया इस दिव्यांग गर्भवती को...

80 फीसदी दिव्यांग गर्भवती को भगाया निजी अस्पताल में दो घंटे में डिलिवरी, बीते वर्ष कलेक्टर ने कराई थी शादी, ३० हजार आया खर्च

By: Lalit Saxena

Published: 16 May 2018, 01:19 PM IST

उज्जैन. चरक अस्पताल में महिला चिकित्सकों की मनमानी देखिए। ८० प्रतिशत दिव्यांग जिस महिला की चिकित्सकों ने सुविधाओं के अभाव में डिलिवरी करवाने से साफ इंकार कर दिया। उसी महिला की निजी अस्पताल में दो घंटे के भीतर डिलिवरी हो गई। अब महिला का पति जो ४० प्रतिशत दिव्यांग है डिलिवरी में आए खर्च के इंतजाम में लगा हुआ है। खास बात तो ये है कि घटना की जानकारी तक वरिष्ठ अधिकारियों को नहीं है।

संजय नगर निवासी निशा पति विशाल जैन रविवार को प्रसूता पीड़ा के चलते चरक अस्पताल पहुंची। पति विशाल ने बताया कि वहां पहुंचने के बाद ड्यूटी डॉक्टर ने उसे भर्ती कर लिया। सोमवार को जांच आदि करवाने के लिए लिखा। लेकिन सोमवार को अस्पताल पहुंची डॉ.अनिता जोशी और डॉ.निधि जैन ने सुविधाओं के अभाव में डिलिवरी करवाने से साफ इंकार करते हुए ओटी में चली गई। वार्ड में नर्साें ने उन्हें डिस्चार्ज नहीं किया। प्रसव पीड़ा बढऩे पर वे जैसे तैसे पत्नी को लेकर दोपहर २ बजे फ्रीगंज स्थित एसएस हॉस्पिटल पहुंचे। वहां शाम ४ बजे निशा सीजर से बेटे को जन्म दिया। हास्पिटल संचालक ने सीजेरियन द्वारा डिलिवरी का खर्च ३० हजार और दवाइयोंं को खर्च अलग से बताया। लेकिन आर्थिक स्थिति का हवाला देने के बाद उन्होनें कुल ३० हजार रुपए देने की बात कही। अब राशि का इंतजाम करने में लगे हैं।

सप्ताहभर पहले भी किया था रैफर
निशा ने बताया कि सप्ताहभर पहले भी पेट में दर्द होने के चलते वे चरक अस्पताल पहुंची थी, लेकिन उन्हें डॉ. जोशी ने आरडी-गार्डी रैफर कर दिया था। आर्डी-गार्डी में भी डिलिवरी करवाने से इंकार कर दिया। आर्थिक परिस्थति कमजोर होने से चरक में डिलेवरी करवाना चाहते थे, लेकिन वहां महिला चिकित्सकों ने साफ इंकार कर दिया।

रविवार को मैं अस्पताल नहीं पहुंच सकी थी। सोमवार को बैठक के चलते अस्पताल नहीं पहुंच सकी थी। मामले की जानकारी नहीं है। संबंधित महिला चिकित्सक से बात कर बताती हूं। डॉ.संध्या पंचौली,
प्रभारी चरक अस्पताल

दुकानदारों से गंदगी पर वसूला जुर्माना
उज्जैन. नगर निगम स्वास्थ्य अमले ने मंगलवार को विभिन्न क्षेत्रों में खान-पान दुकानों व अन्य जगह गंदगी पाई जाने पर २० दुकानदारों पर १२ हजार रुपए का जुर्माना किया। इन जगहों पर डस्टबिन नहीं मिले, सामाग्री ढंककर नहीं रखी गई व आसपास गंदगी फैली हुई मिली। साथ ही सब्जी मंडी के आसपास फल बेचने वालों से २० किलो खराब फल नष्ट कराएं। टीम ने १0 किलो अमानक पॉलिथिन भी जब्त की। कार्यवाही दौरान स्वास्थ्य निरीक्षक पुरूषोत्तम दुबे, दरोगा मुकेश भाटी, गय्यूर खान, अवंतिलाल आदि मौजूद रहे।

Lalit Saxena
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