महाकाल मंदिर में उड़ेगा भक्ति का गुलाल, सबसे पहले जलेगी होली

Ujjain News: भगवान महाकाल करेंगे शीतल जल से स्नान, बदलेगा आरतीयों का समय

By: Lalit Saxena

Published: 01 Mar 2020, 07:08 AM IST

उज्जैन। हर त्योहार और पर्व की शुरुआत बाबा महाकाल के आंगन से की जाती है। यह परंपरा वर्षों से चली आ रही है। इसी क्रम में 9 मार्च को मंदिर प्रांगण में सबसे पहले होलिका का पूजन और दहन किया जाएगा। साथ ही भगवान महाकाल को गर्मी में शीतलता प्रदान करने के लिए उन्हें ठंडे जल से स्नान कराया जाएगा। होली के बाद यह क्रम आरंभ होगा। मंदिर में होने वाली प्रमुख आरतीयों के समय में भी बदलाव होगा। शीतल जल से स्नान कराए जाने का क्रम चैत्र कृष्ण प्रतिपदा से अश्विन पूर्णिमा तक रहेगा।

बाबा के दरबार में धूमधाम के साथ मनाया जाता है

होली का पर्व बाबा के दरबार में धूमधाम के साथ मनाया जाता है। इस बार भी भक्ति का गुलाल यहां उड़ेगा। मंदिर में चैत्र कृष्ण प्रतिपदा से प्रतिदिन होने वाली आरतियों के समय में परिवर्तन होता है। पुजारी आशीष गुरु ने बताया बाबा की आरतीयों के समय में आधा घंटा समय का परिवर्तन होता है।

सबसे पहले महाकाल मंदिर में होली
होली पर संध्या आरती के बाद दहन होगा। बाबा को गुलाल अर्पित की जाएगी। इसी दिन मंदिर के पुजारी-पुरोहितों द्वारा मिलन समारोह एवं फूलों की होली का आयोजन भी किया जाएगा। संध्या आरती व सुबह भस्म आरती के दौरान बाबा महाकाल रंग-गुलाल और फूलों से होली खेलेंगे।

आरतीयों के समय में यह होगा बदलाव
प्रथम भस्म आरती सुबह 4 से 6 बजे तक, द्वितीय दद्योदक आरती सुबह 7 से 7.45 तक, तृतीय भोग आरती सुबह 10 से 10.45 बजे तक, चतुर्थ संध्याकालीन पूजन सायं 5 से 5.45 बजे तक, पंचम संध्या आरती शाम 7 से 7.45 बजे तक, शयन आरती रात 10.30 से 11 बजे तक। भस्म आरती एवं शयन आरती अपने निर्धारित समय पर ही होगी।

Lalit Saxena
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