पुरी शंकराचार्य के आगमन पर बिखेरे आस्था और भक्ति के फूल

नगर आगमन, पुष्पवर्षा से स्वागत, व्यास धर्मशाला में आयोजित संगोष्ठी में वेद, विज्ञान व गणित पर दिया व्याख्यान

By: rishi jaiswal

Published: 08 Dec 2019, 08:04 AM IST

उज्जैन. गोवर्धन मठ पुरी शंकराचार्य स्वामी निश्चलानंद सरस्वती शनिवार सुबह उज्जैन पहुंचे। स्टेशन पर उनका अभिनंदन कर अगवानी की गई और पुष्पवर्षा से स्वागत किया।

पीठ परिषद आदित्य वाहिनी आनंद वाहिनी के अध्यक्ष पं. अमित शर्मा, सुधीर चतुर्वेदी, अखिल भारतीय ब्राह्मण समाज अध्यक्ष सुरेन्द्र चतुर्वेदी, सचिव शैलेंद्र द्विवेदी, अखिल भारतीय ब्राह्मण समाज अधिकारी-कर्मचारी संगठन अध्यक्ष अशोक दुबे, संभागीय अध्यक्ष राजेश पुरोहित, अवन्तिका सनाढ्य ब्राह्मण परिषद अध्यक्ष हेमेन्द्र कुमार शर्मा, कालिदास अकादमी के उपनिदेशक डॉ. संतोष कुमार पंड्या, विनोद कुमार पंड्या, नितिन शर्मा, निपुण पालीवाल, महाकालेश्वर मंदिर समिति के पूर्व सहायक प्रशासक एसपी दीक्षित सहित समस्त सनातन धर्मावलंबी, ब्राह्मणजन आदि अगवानी एवं स्वागत करने पहुंचे और स्वामीजी से आशीर्वाद प्राप्त किया।

वेद, विज्ञान व गणित सहित अनेक विषयों पर व्याख्यान

शंकराचार्यजी ने पं. सूर्यनारायण व्यास धर्मशाला में आयोजित संगोष्ठी में वेद, विज्ञान व गणित सहित अनेक विषयों पर व्याख्यान दिया। ज्योतिर्विद पं. आनंदशंकर व्यास द्वारा अंत्येष्टी संबंधी प्रश्न पर विस्तार से व्याख्या की। आरके तिवारी द्वारा पूछे गए वैदिक गणित के वर्तमान संदर्भ में उपयोग व बच्चों को प्रशिक्षित किए जाने के संबंध में बताया कि यदि कोई विद्यार्थी प्रतिदिन 3 से 4 घंटे गणित का अध्ययन कर जो ज्ञान वर्तमान शिक्षण पद्धति से 12-13 वर्षों में प्राप्त करता है, वह वैदिक विधि से एक से दो वर्ष के भीतर ही प्राप्त कर सकता है। इस संबंध में उनका एक ग्रंथ शीघ्र प्रकाशित हो रहा है। स्वामी जी द्वारा अब तक 182 से अधिक ग्रथों की रचना की गई है, जिसमें 10 वैदिक गणित पर आधारित हैं। 120 देशों के गणितज्ञों ने स्वामीजी से वैदिक गणित सीखा। शंकराचार्य स्वामी निश्चलानंद सरस्वती महाराज 8 दिसंबर को गीता जयंती के उपलक्ष्य में शाम 5 बजे महाकाल प्रवचन हॉल में धर्मसभा का आयोजन करेंगे।

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