राम नाम का घाट, फिर भी ये हालात

राम नाम का घाट, फिर भी ये हालात
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aashish saxena | Updated: 11 Oct 2019, 11:02:59 PM (IST) Ujjain, Ujjain, Madhya Pradesh, India

घाट से सटे मंदिर व कुंड में गंदा पानी जमा, आवारा मवेशियों के कारण जगह-जगह गंदगी, गंदे कपड़े और कचरों के ढेर भी नहीं उठे

उज्जैन. पृथक टीम की तैनाती और नियमित सफाई के दावों के बावजूद रामघाट व आसपास गंदगी का आलम है। कुछ बारिश की मार तो कुछ नगर निगम की लापरवाही के कारण घाटों की सूरत गंदगी से दागदार हो रही है। आवारा मवेशियों के जमावडे़ और गंदगी के बीच ही श्रद्धालुओं को पूजन-अर्चन व क्षिप्रा स्नान करना पड़ रहा है।

अतिवृष्टि से क्षिप्रा का जलस्तर बढऩे के कारण घाटों पर बार-बार गंदगी की स्थिति बन रही है। जलस्तर कम होते ही निगम अमले को घाटों पर जमी गाद हटाने में जुटना पड़ रहा है। इसके बावजूद घाटों पर पर्याप्त सफाई नहीं है। घाटों की सफाई के बाद दोबारा जलस्तर बढऩे से तो बार-बार गंदगी की समस्या बन ही रही है। निगम अमले द्वारा ठीक से सफाई नहीं करने से भी घाटों की सूरत बिगड़ी हुई है। शुक्रवार सुबह भी निगम ने घाटों की सफाई की लेकिन दोपहर में जलस्तर बढऩे से फिर घाट से सटे मंदिर, कुंड आदि में पानी जमा हो गया। मंदिरों में ताले, नहीं हो रही सफाईनदी में बाढ़ आने से घाट के साथ ही यहां के मंदिरों में भी बड़ी मात्रा में कीचड-गाद जमा हो जाती है। जलस्तर कम होने पर निगम फायर फाइटर के जरिए इस गाद को हटाता है। बड़ा उदासीन अखाड़ा के नजदीक रामघाट पर करीब आधा दर्जन मंदिर एेसे हैं, जहां लंबे समय से गाद जमी हुई है लेकिन इसे साफ नहीं किया गया। निगम कर्मियों का तर्क है कि पुजारियों द्वारा मंदिर के दरवाजे नहीं खोलने के कारण ठीक से सफाई नहीं हो पाती है। शुक्रवार को भी जलस्तर बढऩे से उक्त मंदिरों के सामने जलभराव हो गया था।

एेसी बिगड़ रही घाटों की हालत

आवारा मवेशी-

घाट पर बड़ी संख्या में आवारा मवेशियों का जमावड़ा है। मवेशी घाट विचरण करने के साथ गोबर आदि कर देते हैं, जिससे जगह-जगह गंदगी फैली रहती है। हल्की बारिश में यह गंदगी और बढ़ जाती है।

कपड़े व कचरा-

नदी में सिक्के निकालने वाले पानी के अंदर कपड़े आदि की गंदगी घाट के एक कोने में रख देते हैं। इसी तरह कई श्रद्धालु भी अपने पुराने कपड़े यही छोड़ देते हैं। कर्मचारी नदी व घाट से निकलने वाले मलबे, निर्माल्य के कचरे आदि के ढेर लगा देते हैं। कपड़े, कचरे, मलबे, निर्माल्य आदि के ढेंरों को कई बाद दोपहर तक उठाया नहीं जाता है। इसके कारण दिनभर घाट पर गंदगी के ढेर नजर आते हैं।

बढ़ता पानी-

नदी का जलस्तर बढऩे से बड़ी मात्रा में गाद आदि घाट पर जमा हो जाती है। घाट से सटे मंदिर, कुंड आदि में भी दो-तीन फीट तक पानी जमा हो जाता है, जो लंबे समय तक नहीं निकलता। जमे पानी के कारण भी गंदगी बढ़ती है।

फिर डूबा छोटा पुल

इस बार बारिश के मौसम में अधिकांश दिन रामघाट छोटा पुल जलमग्न रहा। वर्तमान में स्थित यह है कि नदी में पानी की थोड़ी-सी आवक में ही छोटा पुल जलमग्न हो जाता है। शुक्रवार सुबह क्षिप्रा का पानी छोटे पुल के नीचे से बह रहा था। इंदौर में बारिश होने के कारण क्षिप्रा नदी का जलस्तर बढऩे लगा और सुबह करीब ११ बजे छोटा पुल फिर जलमग्न हो गया। एहतियातन पुल से आवाजाही बंद करना पड़ी।

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