नागदा में ग्रेसिम और ग्रामीण आमने-सामने, बांध की ऊंचाई बढ़ाने को लेकर हो रहा विवाद

नागदा में ग्रेसिम और ग्रामीण आमने-सामने, बांध की ऊंचाई बढ़ाने को लेकर हो रहा विवाद
grasim dam

Ujjain Desk | Updated: 23 Apr 2017, 12:24:00 AM (IST) ujjain

 गांव पिपलौदा बांगला में चंबल नदी पर बने डैम की उंचाई बढ़ाने पर ग्रामीणों भड़क गए। ग्रामीणों का कहना है की डैम की ऊंचाई बढऩे से कई किसानों की जमीन डूब में चली जाएगी। उक्त निर्माण कार्य बीते 8 दिनों से लगातार जारी है। 

नागदा. गांव पिपलौदा बांगला में चंबल नदी पर बने डैम की उंचाई बढ़ाने पर ग्रामीणों भड़क गए। ग्रामीणों का कहना है की डैम की ऊंचाई बढऩे से कई किसानों की जमीन डूब में चली जाएगी। उक्त निर्माण कार्य बीते 8 दिनों से लगातार जारी है। 
शनिवार दोपहर को ग्रामीणों के सब्र का बांध टूट गया और ग्रामीणों ने मौके पर पहुंचकर नारेबाजी कर विरोध जताया। दूसरी ओर मामले की शिकायत क्षेत्र के विधायक सतीश मालवीय को की गई। जिसके बाद विधायक मालवीय ने उद्योग प्रबंधन से चर्चा कर कार्य रुकवा भी दिया व उद्योग प्रबंधन से ऊंचाई बढ़ाने की अनुमति मांगी है। विधायक मालवीय ने मामले में सीएम शिवराजसिंह चौहान व जल संसाधन मंत्री से चर्चा करने की बात कही। मामले को लेकर गुस्साए ग्रामीणों ने रविवार को डैम के समीप धरना प्रदर्शन करने की चेतावनी दी है। मामला बढऩे से एसडीएम एसडीएम ऋजु बाफना ने सिंचाई विभाग से पूरी जानकारी मांगी है। ग्रामीणों का आरोप है उद्योग प्रबंधन हर 3-4 वर्ष में बांध की ऊंचाई बढ़ा रहा है। अनुमति लेता है 1 फीट की, लेकिन निर्माण 2 से 3 फीट ïकर दिया जाता है। 

यह है मामला
ग्राम पिपलौदा बांगला में चंबल नदी पर ग्रेसिम उद्योग ने एक बांध का निर्माण किया था। उद्योग ने इसके अलावा चंबल नदी पर तीन और स्थान नागदा, गांव नायन मार्ग व गांव अमलावदिया बिका पर भी डैम का निर्माण किया है। वर्तमान में डैम में मट्टी जमने से उसकी ऊंचाई कम हो गई। अब उद्योग प्रबंधन डैम को 30 मीटर अर्थात 1 फीट ऊंचाई बढ़ा रहा है। 
3 वर्ष पहले डूबी थी हजारों बीघा जमीन: लगभग तीन वर्ष पूर्व 2013 में चंबल नदी में अचानक भाव आने से गांव पिपलौदा के सैकड़ों किसानों की  लगभग 1200 बीघा जमीन डूब गई थी। जिस पर उग रही सोयाबीन की फसल नष्ट हो गई थी। उस समय भी ग्रामीणों ने विरोध प्रदर्शन किया था। लेकिन उन को आज तक मुआवजा नहीं मिला। 

मुझे ग्रामीणों ने बताया की ग्रेसिम उद्योग बांध की ऊंचाई बढ़ा रहा है। जिस पर मेने उद्योग प्रबंधन से चर्चा कर कार्य रुकावने की बात कही है। सोमवार को जल संसाधन मंत्री से चर्चा कर आगे की कार्रवाई की जाएगी। हम किसानों के साथ है। 
सतीश मालवीय, विधायक 

उद्योग प्रबंधन हर तीन से चार वर्ष में डेम की ऊंचाई बढ़ाता है। अनुमति से अधिक कार्य किया जाता है। तीन वर्ष पूर्व भी हजारों बीघा जमीन डूब गई थी। ऊंचाई बढऩे से कई जमीन प्रभावित होगी। इस कारण हमारे द्वारा विरोध किया जा रहा है। 
बलबहादुरसिंह डोडिया, जनपद सदस्य

हमने बांध की ऊंचाई बढ़ाने की अनुमति जल संसाधन विभाग से ली है। ऊंचाई बढऩे से कई ग्रामीणों को वर्षभर पानी भी मिलेगा व आसपास के क्षेत्रों का जल स्तर बढ़ेगा। 
राजेश शर्मा, जनसंपर्क अधिकारी, ग्रेसिम उद्योग, नागदा 

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