गंभीर मामलों में कोताही बरतने वाले थाना प्रभारियों को मिलेगी सजा

रिकॉर्ड मेटेंन से लेकर भवन व आवास परीक्षण की स्थिति का भी लिया जायजा

By: Lalit Saxena

Published: 18 Dec 2018, 08:02 AM IST

उज्जैन. जिले में गंभीर अपराधों की विवचेना में थाना प्रभारियों की लेतलाली सामने आई है। जिले में करीब 150 गंभीर अपराधों की या तो विवेचना पूरी नहीं हुई है या उनपे काम भी अधूरा है। अब इन टीआइ को स्पष्टीकरण के लिए नोटिस दिया जाएगा वहीं गलती पाए जाने पर सजा भी मिलेगी।
गंभीर अपराधों को लेकर यह निर्देश डीआइजी रमणसिंह सिकरवार ने दिए हैं। वे सोमवार को एसपी कार्यालय का निरीक्षण करने पहुंचे थे। जांच के दौरान सामने आया कि जिले में करीब 150 गंभीर अपराध हैं, जिनकी विवचेना पूरी नहीं हुई। डीआइजी ने इसे गंभीरता से लेते हुए कार्रवाई करने के निर्देश एसपी को दिए। करीब छह घंटे तक चले निरीक्षण में डीआइजी सिकरवार ने पुलिस विभाग के रिकॉर्ड रखरखाव की व्यवस्था देखी। साथ ही कहा कि इन रिकॉर्ड की प्रोबेशनरी अधिकारियों से जांच करवा करे टीप ले ली जाए कि सही है या नहीं। उन्होंने कर्मचारियों के जीपीएफ पासबुक की जांच करने के साथ पुलिस विभाग के भवन व आवास का भी परीक्षण करने को कहा। डीआइजी का कहना था कि कई पुलिसकर्मी ऐसे भी हैं, जिन्हें आवास तो आवंटित है लेकिन रहते कोई ओर है या फिर वे खाली पड़े हैं। उन्होंने ऐसे आवास की जांच कर रिपोर्ट बनाने को कहा। हालांकि निरीक्षण के दौरान कई जगह संतोषजनक स्थिति भी मिली। डीआइजी ने एसपी अतुलकर से मुख्यालय या आइजी स्तर से आने वाले निर्देशों के पालन की स्थिति भी जानी। उन्होंने कहा कई बार निर्देश आते हैं लेकिन उनका पालन नहीं होता, उन्होंने ऐसे निर्देशों का परीक्षण कर दिखवाने को कहा जिनका पालन नहीं हुआ है।
शिकायत की फाइल फिर खोलें
डीआइजी ने निरीक्षण के दौरान पुलिसकर्मियों की शिकायतों को लेकर भी जांच की। उन्होंने कहा कि पुलिसकर्मियों की शिकायतें जांच के बाद झूठी मानकर बंद कर दी जाती है। ऐसे में रेंडमली किसी पुलिसकर्मी की जांच उपरांत शिकायत बंंद कर दी गई है उसे दोबारा से खोलकर देखें कि जांच सही हुई है या नहीं। डीआइजी का कहना है कि कई बार शिकायत करने वाले आरोप लगाते हैं कि फलां पुलिसकर्मी की शिकायत की जांच विभाग ने बंद नहीं की और उसे दबा दिया। ऐसे में बंद शिकायतों की जांच दोबारा से होती है तो शिकायतकर्ता को संतुष्टि मिलेगी वहीं विभाग को सही जांच करने के लिए प्रेरित होंगे। सिकरवार एक-दो दिन में पुलिस लाइन का निरीक्षण भी करेंगे।

Lalit Saxena
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