व्यापमं घोटाले की जांच की आंच अब विक्रम परिसर तक, सीबीआइ ने छह कर्मचारियों को भोपाल बुलाया....

व्यापमं घोटाले की जांच की आंच अब विक्रम परिसर तक, सीबीआइ ने छह कर्मचारियों को भोपाल बुलाया....

Lalit Saxena | Publish: May, 18 2018 11:28:54 AM (IST) Ujjain, Madhya Pradesh, India

व्यापमं घोटाले की टीम कर रही जांच, बिना डीएमइ की अप्रूवल सूची के लिए कर दिए नामांकन

उज्जैन. व्यापमं घोटाले की जांच की आंच अब विक्रम विश्वविद्यालय परिसर तक पहुंच चुकी है। सीबीआइ ने विवि के छह कर्मचारियों को पूछताछ के लिए भोपाल दफ्तर में बुलाया है। इस सूचना के बाद विवि कर्मचारियों में हड़कंप मचा हुआ है। हालांकि कर्मचारी पूरी प्रक्रिया को हल्का दर्शाने की कोशिश कर रहे हैं, लेकिन सभी परेशान हैं और एक-दूसरे को कोस रहे हैं। बता दें, आरडी गार्डी मेडिकल कॉलेज में वर्ष २०१३ में बिना डायरेक्टर ऑफ मेडिकल एजुकेशन (डीएमइ) की अप्रूवल सूची के लिए छह विद्यार्थियों के प्रवेश हुए। विवि के जिम्मेदारों ने बिना डीएमइ सूची को जांचे इन विद्यार्थियों के नामांकन कर दिए और परीक्षा ले ली। मामले की जांच सीबीआइ कर रही है। कुछ माह पूर्व सीबीआइ ने प्रक्रिया से जुड़े दस्तावेज व अधिकारियों के नाम मांगे थे। अब इन लोगों से पूछताछ हो रही है। इसमें ऑनलाइन के सहायक कुलसचिव अशफाक हुसैन, कमल जोशी पात्रता, राकेश खोती व रघु नरवरिया ऑनलाइन विभाग आदि शामिल हैं।

एडमिशन प्रक्रिया को लेकर सवाल
आरडी गार्डी मेडिकल कॉलेज ने प्रवेश के अंतिम दिन कॉलेज स्तर की काउंसलिंग आयोजित कर रिक्त सीट पर प्रवेश दिए हैं। कॉलेज प्रबंधन इसके लिए विभिन्न नियमों का हवाला दे रहा है और सब कुछ नियमानुसार बता रहा है, लेकिन डीएमइ ने इन सभी विद्यार्थियों को अप्रूव नहीं किया। विक्रम विवि को डीएमइ की तरफ से जो सूची उपलब्ध करवाई गई। उसमें इन लोगों के नाम नहीं हैं। हालांकि कॉलेज प्रबंधन के तरफ से कुछ न्यायालय से जुड़े निर्णय प्रस्तुत किए गए हैं। इन सभी बिंदुओं को ही सीबीआई जांच रही है।

कॉलेज ने झाड़ा विवि पर पल्ला
सीबीआइ जांच में हर कोई एक-दूसरे पर पल्ला झाडऩे की कोशिश कर रहा है। कॉलेज प्रबंधन ने विश्वविद्यालय की नामांकन प्रक्रिया और परीक्षा लेने के आधार पर प्रवेश को सही बताने की कोशिश कर रहा हैं, जबकि विश्वविद्यालय प्रशासन का कहना है कि उन्होंने डीएमइ की सूची नहीं देखी। कॉलेज ने एडमिशन सूची उपलब्ध करवाई। इसके आधार पर नामांकन कर दिया। अब सवाल यह है एडमिशन प्रक्रिया के जांच पर है। यह पूरी जांच सीबीआई कर रही है।

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