चौथी पेशवाई में जमी पर उतर आए चांद-सूरज

शस्त्र लहराते और ध्वज पताकाओं की छाया में करतब करते निकले नागा संन्यासी

उज्जैन. आनंद अखाड़ा की पेशवाई में चांद और सूरज भी जमीं पर उतर आए हैं। पेशवाई के पूर्व सुबह 4 बजे नीलगंगा स्थित पड़ाव स्थल पर अखाड़े के आनंद पीठाधीश्वर गहनानंद महाराज व अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष नरेंद्रगिरि महाराज सहित अन्य पदाधिकारियों ने निशान देवता और ईष्ट देवता सूर्यनारायण का पूजन किया।


अखाड़ा अध्यक्ष श्रीमहंत जगदीशगिरि महाराज ने बताया देवताओं को चांदी की पालकी में विराजित कर हजारों नागा संन्यासी शस्त्रों के साथ पताका फहराते हुए नगर भ्रमण करते छावनी स्थल पहुंचे।


अखाड़े के मेला प्रबंधक श्रीमहंत धनराजगिरि महाराज ने बताया कि पेशवाई में आनंद पीठाधीश्वर एसी बग्घी में विराजित होकर भक्तों को आशीर्वाद देते चल रहे हैं। महामंडलेश्वर सुरेंद्रगिरि, ललितगिरि, कल्याण गिरि, कालूगिरि, ओमकार भारती, स्वामी नारदानंद चांदी के हौदे पर विराजित हुए। 
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पेशवाई कब-कहां
9 बजे नीलगंगा से शुरू होकर पेशवाई 10 बजे भारतीय ज्ञानपीठ, 11 बजे तीन बत्ती चौराहा, 11.30 बजे टावर चौक, 12 बजे चामुंडा माता, 12.20 बजे देवासगेट, 12.30 बजे मालीपुरा, 1.00 बजे दौलतगंज, 2.00 बजे कंठाल, 2.30 बजे गोपाल मंदिर, 3 बजे ढाबा रोड, 4.00 बजे दानीगेट, 4.15 बजे छोटी रपट बडऩगर रोड, 4.30 बजे छावनी स्थल पहुंचेगी।

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एक नजर 
पेशवाई मार्ग 8 किमी, नगर भ्रमण 7 घंटे, साधु संत 2 हजार, बड़ी ध्वजा 2, हाथी 2, एसी रथ 1, बैंड 7, घोड़े 8, रथ बग्घियां 2, हौदे 10
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Lalit Saxena
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