होर्डिंग से पटा शहर, लगाने में मनमानी, न डिवाइडर देखे, न चौराहे, वाहन चालक परेशान

Lalit Saxena

Publish: Jul, 13 2018 05:38:31 PM (IST)

Ujjain, Madhya Pradesh, India
होर्डिंग से पटा शहर, लगाने में मनमानी, न डिवाइडर देखे, न चौराहे, वाहन चालक परेशान

शनिवार को आयोजित सीएम की जनआशीर्वाद यात्रा के प्रचार के लिए शहर को पोस्टर और होर्डिंग से पाट दिया गया है।

उज्जैन. शनिवार को आयोजित सीएम की जनआशीर्वाद यात्रा के प्रचार के लिए शहर को पोस्टर और होर्डिंग से पाट दिया गया है। पोस्टर और होर्डिंग लगाने के दौरान चौराहों पर ट्रैफिक सुरक्षा का भी ध्यान नहीं रखा गया। बीच चौराहों पर बड़े-बड़े पोस्टर और कट आउट लगाए गए हैं, जिससे दूसरी ओर से आने वाले वाहन दिखाई नहीं दे रहे और लोगों के लिए यह परेशानी कारण बन रहे हैं। लोगों का कहना है कि सरकार मनमानी पर उतर आई है।

चौराहे के सिग्नल नहीं दिखाई दे रहे
जनआशीर्वाद यात्रा के प्रचार के लिए पोस्टर शहर भर में बेतरतीब तरीके से लगाए गए हैं। खासकर चौराहों पर पोस्टर की रोटरी बनाकर ढंक दिया है। पोस्टर लगे होने से न तो दूसरी ओर का सिग्नल दिखाई दे रहा है और न ही दूसरी ओर से आने वाले वाहन। यह सब ट्रैफिक पुलिस की आंखों के सामने पिछले तीन चार दिनों से हो रहा है बावजूद ट्रैफिक पुलिस मौन है।

बस अधिग्रहण : पहले 650 था, बाद में बढ़ाकर 800 किया
पहले जिला प्रशासन ने उज्जैन जिले से कुल 650 बसों के अधिग्रहण का लक्ष्य रखा था, लेकिन बाद में संख्या बढ़ाकर 800 कर दी गई। इस कारण परिवहन अमले ने कोई भी स्कूल बसें नहीं छोड़ी, सभी ले ली गई। इसके अलावा उज्जैन संभाग से 1500, इंदौर जिले से 900 बसों का अधिग्रहण हो रहा है। इन बसों से भी लोगों को सभास्थल लाना ले जाना किया जाएगा।

3.50 करोड़ रुपए के खर्च का अनुमान
अधिगृहीत बसों को 40 रुपए प्रति किमी के मान से भुगतान करने का शासन का सर्कुलर है। जो बस जहां से जहां तक आएगी-जाएगी उस दूरी के मान से संबंधित बस मालिक को भुगतान किया जाएगा। सभा में ली जाने वाली ३ हजार बसों के परिवहन बंदोबस्त पर करीब 3.50 करोड़ रुपए खर्च होने का अनुमान है। इन बसों में आने वाले लोगों को भोजन पैकेट भी बांटे जाएंगे।

स्कूल प्रबंधन नाखुश
सीएम जनआशीर्वाद यात्रा शुभारंभ को सरकारी तौर पर आयोजित किया जा रहा है। इसी कारण जिला प्रशासन व अन्य विभाग इसकी तैयारियों में जुटे हैं। कलेक्टर के निर्देश पर परिवहन अमले ने स्कूल बसों का भी अधिग्रहण करवाया। इसके कारण करीब 30 हजार विद्यार्थियों की पढ़ाई प्रभावित होगी। स्कूल प्रबंधन भी इस अधिग्रहण से नाखुश है, लेकिन प्रशासन के आगे कुछ भी बोलने से बच रहे हैं। अधिगृहीत स्कूल बसों को जिले की तहसीलों में रवाना किया जाएगा। शनिवार सुबह इन बसों में लोगों को नानाखेड़ा स्टेडियम सभा स्थल पर लाया जाएगा।

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