नेताओं के नीचे महाकाल का चित्र, सोशल मीडिया इमेज पर उठी आपत्ति

Lalit Saxena

Publish: Jul, 13 2018 11:34:11 PM (IST)

Ujjain, Madhya Pradesh, India
नेताओं के नीचे महाकाल का चित्र, सोशल मीडिया इमेज पर उठी आपत्ति

उर्जा मंत्री कि आइडी से फेसबुक, ट्वीटर पर हुआ पोस्ट

उज्जैन. जनआर्शीवाद यात्रा को लेकर उर्जा मंत्री पारस जैन कि ओर से बनवाई गई सोशल मीडिया इमेज पर नेताओं के नीचे महाकालेश्वर शिवलिंग का चित्र लगा दिया गया। जब ये वायरल हुआ तो कांग्रेस के पूर्व विधायक राजेंद्र भारती ने इसे महाकालेश्वर भगवान का अपमान बताया। दरअसल इस इमेज में ऊपर पीएम नरेंद्र मोदी, अमित शाह, सीएम शिवराजसिंह व राकेश सिंह का फोटो है। इनके नीचे महाकाल का फोटो है। मामला जानकारी में आने पर पारस जैन की फेसबुक आइडी से उक्त पोस्ट एडिट कर दी गई और दूसरी इमेज में महाकाल का फोटो हटा लिया गया। लेकिन के ऑफिशियल ट्वीटर अकाउंट पर पुरानी फोटो ही अपलोड है। जिस पर कांग्रेस ने आपत्ति उठाई है। खबर लिखे जाने तक ट्वीटर पर आपत्तिजनक चित्र पोसट था, जबकि फेसबुक से इस चित्र को हटा दिया गया था।

पिछले वादे अधूरे, प्रदेश का खजाना लूट रहे, महाकाल से भी धोखा कर रहे हैं मुख्यमंत्री
उज्जैन. जनआशीर्वाद यात्रा से पहले शुक्रवार को कांग्रेस ने सरकार की वादाखिलाफी व प्रदेश के हालातों को मुद्दा बनाया। प्रदेश कांग्रेस कमेटी अध्यक्ष कमलनाथ का लिखा पत्र लेकर पीसीसी मीडिया कॉऑर्डिनेटर नरेंद्र सलूजा महाकालेश्वर मंदिर पहुंचे। यहां गर्भगृह में जाकर उन्होंने ये पत्र बाबा महाकाल को भेंट किया।
इसके बाद मीडिया से चर्चा में उन्होंने कहा कि साल 2013 में भी शिवराज सिंह ने उज्जैन से ही जनआशीर्वाद यात्रा शुरू की थी, तब उनके किए वादे अब तक अधूरे हैं। शिवराज ने प्रदेश की जनता ही नहीं स्वयं महाकाल महाराज से भी धोखा किया। वे कैसा आर्शीवाद देने निकले हैं उनकी सरकार को १४ साल हो गए, उन्हें तो जनता को हिसाब देना चाहिए। प्रदेश में आराजकता का माहौल है, हर कहीं दुष्कर्म की घटनाएं हो रही हैं। कानून नाम की चीज इस मप्र में नहीं बची। आज किसानों की आत्महत्या, अवैध खनन, भ्रष्टाचार, घोटालों में मप्र अव्वल है, जिन भाजपा कार्यकर्ताओं के पास टूटी मोपेड नहीं थी, वे लग्जरी कारों में घूम रहे हैं। सलूजा ने कहा कि चुनावी सभा के नाम पर सरकारी मशनरी का दुरुपयोग, करोड़ों के धन की बर्बादी और सरकारी अधिकारियों के जरिए भीड़ जुटाई जा रही है। इस खर्च व कार्यक्रम को लेकर हम चुनाव आयोग से शिकायत करेंगे। उनके साथ शहर कांग्रेस अध्यक्ष महेश सोनी, जिपं अध्यक्ष महेश परमार, कार्यकारी अध्यक्ष रवि राय, रवि भदौरिया, पूर्व विधायक राजेंद्र भारती, मीडिया पेनलिस्ट रवि शुक्ला आदि मौजूद रहे।
गुटबाजी नहीं, कार्यकारी अध्यक्ष से ऊर्जा मिली
कांग्रेस में गुटबाजी के चलते कार्यवाहक अध्यक्ष बनाना पड़े के सवाल पर सलूजा ने कहा कि पूरी कांगे्रस सरकार के खिलाफ एकजुट हैं। प्रदेश बड़ा है, शहरों में भी काम अधिक रहता है। कार्यकारी अध्यक्षों से संगठन को नई ऊर्जा मिली है। इसके सकारात्मक परिणाम चुनाव में देखने को मिलेंगे।

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