पांच करोड़ से संवरेगा इस मंदिर का शिखर, देखने को मिलेगा नया स्वरूप

सिंहस्थ में करोड़ों रुपए खर्च कर संवारे गए मंगलनाथ मंदिर में एक बार फिर विकास कार्य होंगे। इस बार मंदिर में करीब 5 करोड़ रुपए से विभिन्न कार्य करवाए जाएंगे।

By: Lalit Saxena

Published: 29 May 2019, 07:45 AM IST

उज्जैन। सिंहस्थ में करोड़ों रुपए खर्च कर संवारे गए मंगलनाथ मंदिर में एक बार फिर विकास कार्य होंगे। इस बार मंदिर में करीब 5 करोड़ रुपए से विभिन्न कार्य करवाए जाएंगे। इसमें मंदिर के शिखर का नया रूप के साथ ऊंचाई बढ़ाने तथा मंदिर में ऊपर दो हाल के निर्माण, वीआइपी रास्ता तथा मंदिर के नीचे बनी दुकानों के दरवाजे सड़क की ओर किए जाने से कार्य होंगे।

रिपोर्ट तैयार करने को कहा था

सिंहस्थ के दौरान लोक निर्माण विभाग ने मंगलनाथ मंदिर का विकास कार्य किया था। मंदिर के चारों ओर लाल पत्थर के साथ नया मार्ग बनाया गया था। उस दौरान सिंहस्थ नजदीकी के चलते मंदिर के शिखर, यहां खुली जगह को ढंक नहीं पाने चलते कुछ काम छूट गए थे। पिछले दिनों कलेक्टर शशंाक मिश्र ने इन्हीं कामों को पूरा करने के लिए उज्जैन विकास प्राधिकरण को रिपोर्ट तैयार करने को कहा था। प्राधिकरण की ओर से मंदिर का मुआयना कर यहां होने वाले कामों के लिए डीपीआर बनाना शुरू किया है। यूडीए कार्यपालन यंत्री केसी पाटीदार के मुताबिक मंदिर के शिखर को बगैर छेड़े इसके ऊपर एक और शिखर बनाने की योजना है। इससे मंदिर के शिखर की ऊंचाई बढ़ जाएगी, जो दूर से ही दिखाई देगा। वहीं शिखर में कलात्मकता भी दिखाई देगा। इसके अलावा मंदिर में ऊपर खुली पड़ी जगह को ढंककर यहां दो हाल बनाए जाएंगे। ताकि श्रद्धालु सहित अन्य कार्यों में इनका उपयोग हो सके। मंदिर में एक वीआइपी गेट बनाना है, यहां एक ऑफिस भी तैयार किया जाएगा। इसके अलावा मंदिर में जो दुकानें बनाई गई है उसका मुंह अंदर की ओर रखा गया है। इन दुकानों का मुंह बाहर की तरफ किया जाएगा। वहीं मंदिर के आसपास लैंड स्केपिंग भी की जाएगी। इन सब कार्यों में करीब ५ करोड़ रुपए की रािश खर्च होने को अनुमान है। अगले सप्ताह में डीपीआर तैयार कर प्रशासन को सौंपी जाएगी।

धर्मस्व विभाग की मद से होगा निर्माण

मंगलनाथ मंदिर में विकास कार्य में खर्च की जाने वाली ५ करोड़ की राशि धर्मस्व विभाग की ओर से खर्च की जाएगी। हालांकि मंदिर विकास के लिए तृतीय चरण होना है पूर्व में भी इसके लिए राशि के प्रावधान किए जाने की बात सामने आई थी। वहीं मंदिर विकास के लिए भी शासन की ओर से मदद मिल सकती है।

Lalit Saxena
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