कपड़ों पर खून के निशान और शर्ट के बटन ने खोला तीन साल पहले की गई हत्या का राज...जानें क्या है मामला...

कपड़ों पर खून के निशान और शर्ट के बटन ने खोला तीन साल पहले की गई हत्या का राज...जानें क्या है मामला...

Lalit Saxena | Publish: Mar, 14 2018 12:03:41 PM (IST) Ujjain, Madhya Pradesh, India

तीन साल पहले उज्जैन में हुए मर्डर मामले में कोर्ट ने आरोपियों को सुनाई है आजीवन कारावास की सजा...

उज्जैन. तीन साल पहले उज्जैन में हुए मर्डर मामले में कोर्ट ने आरोपियों को सुनाई है आजीवन कारावास की सजा...
करीब तीन साल पहले फाजलपुरा क्षेत्र में महालक्ष्मी अपार्टमेंट के बाहर एक युवक की हत्या के मामले में कोर्ट ने दो आरोपियों को आजीवन कैद की सजा सुनाई है। आरोपियों के खिलाफ कोर्ट में गवाहे के मुकरने पर परिस्थितिजन्य साक्ष्य के आधार पर फैसला लिया गया। इमसें आरोपियों के कपड़े में मिले खून के निशान व घटनास्थल पर बरामद हुए शर्ट के बटन के आधार पर आरोपियों का अपराध साबित हुआ। कोर्ट ने मामले में एक आरोपी के साक्ष्य नहीं मिलने पर बरी कर दिया गया।

रुपए मांगने के विवाद में चाकू मारकर हत्या कर दी गई थी

फाजलपुरा स्थित महालक्ष्मी अपार्टमेंट के बाहर २८ मई २०१५ की शाम ७.१५ बजे संजू उर्फ संजय शर्मा की रुपए मांगने के विवाद में चाकू मारकर हत्या कर दी गई थी। मामले में पुलिस ने सोनिया उर्फ सुनील पिता मदनलाल व गौरव उर्फ गौरु पिता अशोक शर्मा व सतीश उर्फ बंटी पिता शैलेंद्र निगम को गिरफ्तार किया था। चिमनंगजमंडी पुलिस द्वारा कोर्ट में आरोपियों के खिलाफ चालान पेश किया गया। कोर्ट में चली सुनवाई के दौरान गवाह पलट गए। लिहाजा परिस्थितिजन्य साक्ष्य के आधार पर सुनवाई हुई। इसमें बताया गया कि सोनिया और गौरव के कपड़े पर जो खून मिला वह मृतक का था।

मौके से मिले दो बटन

मौके से मिले दो बटन, उसमें गुथे धागे का रंग आरोपी सोनिया के शर्ट से मिलता है। सुनवाई के दौरान दोनों आरोपियों ने परिस्थितिजन्य साक्ष्य के खिलाफ कुछ साबित नहीं कर पाए। द्वितीय अपर सत्र न्यायाधीश एलडी सोलंकी ने धारा ३०२/३४ के तहत सोनिया व गौरव को आजीवन सश्रम कारावास की सजा सुनाई। आरोपी सतीश उर्फ बंटी के खिलाफ साक्ष्य नहीं मिलने पर बरी कर दिया गया। मामले शासन की ओर से अतिरिक्त डीपीओ राजकुमार नैन ने पैरवी की। वहीं बरी हुए सतीश के लिए अभिभाषक हरदयालसिंह ठाकुर ने कोर्ट में पक्ष रखा।

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