छात्रों को स्मार्ट बनाने के लिए स्मार्ट फोन नहीं अब ये मिलेगी

माधव विज्ञान महाविद्यालय में उच्च शिक्षा मंत्री ने कहा, विकास के लिए 22 करोड़ उपलब्ध कराएंगे

By: rishi jaiswal

Published: 03 Dec 2019, 10:00 AM IST

उज्जैन. उच्च शिक्षा, खेल एवं युवा कल्याण मंत्री जीतू पटवारी ने शासकीय माधव विज्ञान स्नातकोत्तर महाविद्यालय में साफ कहा कि हम बच्चों को बेहतर और सर्वसुविधा संपन्न शिक्षा देने के लिए दृढ़संकल्पित है। सरकार स्मार्ट फोन नहीं, मार्ट क्लासेस देंगी। माधव विज्ञान महाविद्यालय में अधोसंरचना विकास के लिए 22 करोड़ रुपए उपलब्ध कराए जाएंगे
शासकीय माधव विज्ञान स्नातकोत्तर महाविद्यालय में सोमवार को बायोटेक्नालॉजी एवं माइक्रोबायोलॉजी नवीन भवन लोकार्पण कार्यक्रम और युवा संवाद में शामिल होने आए उच्च शिक्षा मंत्री पटवारी से एक छात्रा ने कॉलेज के विद्यार्थियों को पूर्व सरकार की योजना के तहत स्मार्ट फोन नहीं मिलने पर प्रश्न करते हुए पूछा था कि उन्हें स्मार्ट फोन कब तक मिलेंगे? मंत्री पटवारी ने कहा कि स्मार्ट फोन चले कितने दिन थे, सब चायना के थे। सरकार स्मार्टफोन के बजाय छात्रों के बेहतर भविष्य के लिए स्मार्ट क्लासेस लगाए जाने पर विशेष ध्यान दे रही है। पटवारी ने छात्रों एवं शिक्षकों से सीधा संवाद किया। छात्र-छात्राओं एवं शिक्षकों से महाविद्यालय की समस्याओं एवं शिकायतों को सुनकर उनका निराकरण किया। उच्च शिक्षा मंत्री पटवारी ने महाविद्यालय परिसर में बायोटेक्नालॉजी एवं माइक्रोबायोलॉजी के नवीन भवन का लोकार्पण किया। प्रभारी प्राचार्य अर्पण भारद्वाज ने महाविद्यालय की गतिविधियों और विभिन्न समस्याओं से अवगत कराया। इस अवसर पर विधायक महेश परमार ने सामाजिक सेवा शिविर लगाने पर विचार करने का सुझाव दिया है। जनभागीदारी समिति के अध्यक्ष असलम लाला ने बताया कि महाविद्यालय का सीमांकन के लिए जिला कलेक्टर से अनुरोध किया है। माधव विज्ञान महाविद्यालय का मास्टर प्लान बनाने की प्रक्रिया भी चल रही है। इस अवसर पर साहिल देहलवी, सोनू शर्मा, जनप्रतिनिधि, कांग्रेस नेता, शिक्षक, छात्र-छात्राएं उपस्थित थे।
ये भी कहा

सभी महाविद्यालयों में विद्यार्थियों को किसी न किसी खेल में अनिवार्य रूप से भाग लेना होगा। अलग से कालखण्ड निर्धारित किया जाएगा।
महाविद्यालयों में कार्यरत किसी भी अतिथि विद्वान को सेवा से पृथक नहीं किया जाएगा। राज्य शासन सहायक प्राध्यापकों की भर्ती कर रहा है। इसमें अतिथि विद्वान को प्राथमिकता दी जाएगी।
छात्रों एवं शिक्षकों द्वारा महाविद्यालय को लेकर बताई गई कमियों को राज्य सरकार दूर करेगी।
निजी महाविद्यालयों की तर्ज पर शासकीय महाविद्यालयों में रोजगार शिविर पर भी बल दिया जाएगा।
महाविद्यालयों में मांग के अनुसार सीटें बढ़ाई जाती हैं। इसी प्रकार छात्रावासों में भी सीटें बढ़ाई जाएंगी।
मातृ प्रणाम योजना में और अच्छा नवाचार किया जाएगा। इस लिए नया प्रोग्राम शासन द्वारा बनाया जा रहा है।
महाविद्यालयों में व्यवस्थित खेल मैदान होना चाहिए। इस दिशा में प्रयास किया जा रहा है।

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