इस मंडी में सब्जी नहीं, मजदूरों की बस्ती

इस मंडी में सब्जी नहीं, मजदूरों की बस्ती

Gopal Bajpai | Publish: Feb, 15 2018 11:57:28 AM (IST) Ujjain, Madhya Pradesh, India

मंडी के ओटले मालिकों को नोटिस देकर भूला... प्राधिकरण शुरू नहीं करवा पाया महानंदानगर स्थित ज्योतिबा फुले सब्जी मंडी, सड़क पर बिक रही सब्जी,

उज्जैन. उज्जैन विकास प्राधिकरण की ओर से महानंदानगर में लाखों रुपए खर्च कर बनाई गई ज्योतिबा फुले सब्जी मंडी दिहाड़ी मजदूरों की बस्ती बनकर रह गई है। यहां सब्जी बिकने की बजाय मजदूर परिवारों का डेरा डला हुआ है। वहीं सब्जी दुकानें मंडी की बजाय सड़कों पर बिक रही है। मंडी की यह हालत तब है, जब यूडीए ने पिछले दिनों दुकानदारों को नोटिस जारी कर दुकानें खोलने के निर्देश दिए थे, बावजूद इसका कोई असर नहीं हुआ।


नानाखेड़ा क्षेत्र के रहवासियों के लिए कॉसमॉस मॉल के सामने यूडीए ने ओपन सब्जी मंडी शेड निर्मित किया था। उद्देश्य था कि लोगों को व्यवस्थित सब्जी मंडी मिले, लेकिन बीते सालों से मंडी शुरू ही नहीं हो पाई। जुलाई-अगस्त २०१७ में मंडी को शुरू करने की कवायद स्थानीय पार्षद के सहयोग से शुरू हुई थी। सप्ताह में एक दिन दुकानें मंडी में लगने लगी थी। उस समय यूडीए ने भी मंडी के ओटले मालिकों को नोटिस भेजकर दुकानें लगाने का कहा था। वहीं मंडी में जमे दिहाड़ी मजदूरों के परिवारों को भी हटाया था। बीते महीनों में वापस से मंडी में दुकानें लगना बंद कर दी। दोबारा से मंडी शेड में मजदूर परिवारों का बसेरा हो गया। दुकानें सड़क पर लग रही हैं।


अफसर ढीले, महापौर का प्रयास अधूरा
महानंदा सब्जी मंडी को शुरू करवाने के लिए स्थानीय जनप्रतिनिधियों ने पूरी कोशिश की, लेकिन प्राधिकरण के अधिकारियों का साथ नहीं मिला। यूडीए सीईओ अभिषेक दुवे ने भी इसमें रुचि नहीं दिखाई। वहीं महापौर मीना जोनवाल ने भी मंडी को शेड में लगाने के प्रयास किए थे। उन्होंने क्षेत्र का दौरा कर समझाइश भी दी थी। बावजूद इसके मंडी शुरू नहीं हो पाई।


सड़कों पर फैली रहती है गंदगी
महानंदा नगर सब्जी मंडी के शुरू नहीं होने पर सड़कों पर सब्जी की दुकानें लगती हैं। मंगलवार हाट के चलते पूरे मार्ग पर सब्जी व्यापारियों की दुकान लग जाती है। इससे रास्ता जाम तो होता ही है वहीं शाम को हाट खत्म होने पर चारों और सब्जियों के कचरा-कूड़ा फैला रहता है। वहीं क्षेत्र की सुंदरता भी बिगड़ रही है।

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