video : मध्यप्रदेश के इस शहर में छाया पंजाबी रंग, गिद्दा-भांगड़ा के साथ दही-मखणी दा स्वाद...

कभी गिद्दा, तो कभी भांगड़ा, कहीं पंजाबी व्यंजनों का स्वाद, पंजाब की संस्कृति दो दिनों के लिए कालिदास अकादमी में सिमट आई थी।

By: Lalit Saxena

Published: 10 Feb 2018, 11:20 AM IST

उज्जैन. कभी गिद्दा, तो कभी भांगड़ा, कहीं पंजाबी व्यंजनों का स्वाद, पंजाब की संस्कृति दो दिनों के लिए कालिदास अकादमी में सिमट आई थी। अवसर था पंजाबी साहित्य अकादमी मप्र शासन, पंजाबी समाज और राष्ट्रीय सिख संगत के संयुक्त तत्वावधान में देश भर में गुरु गोविंदसिंह 350 वें प्रकाश पर्व के तहत हो रहे आयोजनों की शृंखला में उज्जैन में तीन दिनी आयोजन का। कालिदास अकादमी के मुक्ताकाशी मंच पर आयोजित इस कार्यक्रम में पंजाबी इतिहास और संस्कृति की रंगत के साथ गिद्दा, भांगड़ा और पंजाबी व्यजंनों का स्वाद भी था। इसी कार्यक्रम के तहत ११ फरवरी को नाटक का मंचन भी किया जाएगा।

सांस्कृतिक कार्यक्रमों की प्रस्तुति
कार्यक्रम संयोजक इकबालसिंह गांधी और जत्थेदार सुरेंद्रसिंह अरोरा ने बताया कि तीन दिवसीय पंजाबी लोकोत्सव का आयोजन ९,१० और ११ फरवरी को किया जा रहा है, जिसका शुभारंभ शुक्रवार शाम को किया गया। इसमें पंजाब दे रंग के अंतर्गत मुक्ताकाशी मंच पर पंजाबी लोकनृत्य भांगड़ा, गिद्दा की प्रस्तुति दिल्ली की चन्नी मस्ताना एवं पार्टी की ओर से पंजाबी और हिंदी गीतों की प्रस्तुति दी गई। देश भक्ति और पंजाबी गीतों के मध्य वहां उपस्थित हर व्यक्ति के कदम थिरकते नजर आ रहे थे। कार्यक्रम के दौरान पंजाबी व्यंजनों के मेले का आयोजन भी किया गया, जिसका लोगों ने भरपूर स्वाद लिया। इसी प्रकार शनिवार को भी सांस्कृतिक कार्यक्रमों की प्रस्तुति होगी।

११ को मंच पर नजर आएंगे गुरु गोविंद सिंह
गुरु गोविंदसिंह के 350वें प्रकाश पर्व के समापन पर ११ फरवरी को शाम ६.३० बजे एक विशेष कार्यक्रम का आयोजन होगा। शहीद पार्क पर आयोजित कार्यक्रम में पटियाला की संस्था पंजाबी रंगमंच के ३५ कलाकार गुरु गोविंदसिंह के जीवन पर आधारित नाटक साहिबे कलाम का मंचन करेंगे।

श्रवेणबेलगोला की तीर्थ यात्रा ट्रेन के जिला क्रम में परिवर्तन
उज्जैन पत्रिका. मुख्यमंत्री तीर्थ दर्शन योजना अन्तर्गत जैन तीर्थ श्रवेणबेलगोला को जाने वाली विशेष ट्रेन के जिलों के क्रम और अनुरक्षकों की संख्या में परिवर्तन किया गया है। यह ट्रेन शाजापुर से 27 फरवरी को प्रारंभ होकर इंदौर, उज्जैन, भोपाल से होते हुए श्रवेणबेलगोला जाने वाली थी। अब यह यात्रा इसी तारीख को शाजापुर से प्रारंभ होकर इंदौर उज्जैन हबीबगंज (भोपाल) होते हुए श्रवेणबेलगोला जाएगी।

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