सावधान: कहीं बीमार न कर दे यह फल

सावधान: कहीं बीमार न कर दे यह फल
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aashish saxena | Updated: 02 Aug 2019, 11:02:22 PM (IST) Ujjain, Ujjain, Madhya Pradesh, India

जो सेहत के लिए खतरनाक, उसी कैल्शियम कार्बाइट से पका रहे थे पपीता, खाद्य औषधि प्रशासन ने की कार्रवाई, नमूना लेने के साथ 10 कैरेट पपीता नष्ट किया

उज्जैन. कच्चे फलों को जल्द पकाने और अधिक विक्रय कर मुनाफा कमाने के लिए शहर में लोगों के स्वास्थ्य से खिलवाड़ करने में भी गुरेज नहीं किया जा रहा है। शुक्रवार को खाद्य औषधि प्रशासन टीम की कार्रवाई में एसे ही मामले सामने आए। दुकानदारों द्वारा पपीता पकाने के लिए कैल्शियम कार्बाइट का उपयोग किया जा रहा था, जो मानव स्वास्थ्य के लिए काफी खतरनाक है।

छत्रीचौक बड़ी सब्जी मंडी जामा मस्जिद स्थित पाकीजा पपीता सेंटर व वारसी फ्रूट्स सप्लाई पर संयुक्त टीम ने छापामार कार्रवाई की। यहां बड़ी मात्रा में कैल्शियम कार्बाइट व इससे पके पपीते मिले। पूछने पर दुकानदार ने बताया, इंदौर से हर चौथे-पांचवें दिन १० क्विंटल पपीते मंगवाकर बेचते हैं। दल ने कैल्शियम कार्बाइट के नमूने लेने के साथ ही १० कैरेट पपीते नष्ट किए। इसके बाद दल ने बडऩगर में भी विभिन्न दुकानों पर कार्रवाई की। दल में जिला खाद्य आपूर्ति अधिकारी एमएल मारू, वरिष्ठ खाद्य सुरक्षा अधिकारी शैलेष गुप्ता, बीएल देवलिया, वर्षा व्यास आदि शामिल थे।

खर्च बचाने स्वास्थ्य से खिलवाड़

फलों को पकाने के लिए एथिलिन गैस का उपयोग किया जा सकता है। इसके लिए प्लांट स्थापित करना पड़ता है, जिसमें बड़ा खर्च भी आता है। शहर में कुछ व्यापारी हैं, जो इस प्रक्रिया का उपयोग करते हैं। नियमानुसार यह प्रक्रिया मान्य है। इसके विपरित कुछ व्यापारी कम खर्च में अधिक मुनाफा कमाने के लिए कैल्शियल कार्बाइट का इस्तेमाल करते हैं, जो 70-80 रुपए किलो मिल जाता है। मुख्य रूप से इसका उपयोग वेल्डिंग करने का ईंधन बनाने में होता है। कैल्शियम कार्बाइट से एसिटिलिन गैस निकलती है, जो सेहत के लिए खतरनाक होती है। जानकारों के अनुसार इसे कैल्शियम कार्बाइट को कैंसर कारक रसायन भी माना गया है। इससे निकलने वाली गैस से आंख की परेशानी, सांस लेने में परेशानी, शुगर की समस्या, लीवर पर असर आदि नुकसान हो सकते हैं।

बडऩगर में लिए घी व पनीर के नमूने लिए

दल ने बडऩगर में भी विभिन्न प्रतिष्ठानों पर छापामार कार्रवाई की। नायब तहसीलदार रूपकला परमार की मौजूदगी में मामा दूध डेरी पर जांच करते हुए दही व कमल डेरी से पनीर का नमूना लिया। कमल डेरी से एक घरेलू गैस सिलेंडर भी जब्त किया गया। गोपाल डेरी पर जांच के दौरान श्रीमंत ब्रांड का घी व खुला घी मिला। अधिकारियों के अनुसार व्यापारी इंदौर से श्रीमंत घी लाता और फुटकर में विक्रय व गोपाल ब्रांड से रीपेकिंग कर बैचता था। दल ने ब्रांड के घी व खुले घी का नमूना लिया।

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