script महाकाल की खुदाई में निकला एक हजार साल पुराना मंदिर | Parmar period temple will be built again in Mahakal in Ujjain | Patrika News

महाकाल की खुदाई में निकला एक हजार साल पुराना मंदिर

locationउज्जैनPublished: Dec 11, 2023 03:46:27 pm

Submitted by:

deepak deewan

उज्जैन में महाकाल परिसर को संवारा जा रहा है। इसके लिए महाकालेश्वर मंदिर परिसर में स्मार्ट सिटी के तत्वावधान में काम चल रहा है। स्मार्ट सिटी द्वारा की जा रही खुदाई के दौरान यहां एक और मंदिर निकला था। यह प्राचीन मंदिर परमारकालीन बताया गया। पुरातत्वविदोें ने इसे करीब एक हजार वर्ष पुराना मंदिर बताया था।

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खुदाई के दौरान यहां एक और मंदिर निकला

उज्जैन में महाकाल परिसर को संवारा जा रहा है। इसके लिए महाकालेश्वर मंदिर परिसर में स्मार्ट सिटी के तत्वावधान में काम चल रहा है। स्मार्ट सिटी द्वारा की जा रही खुदाई के दौरान यहां एक और मंदिर निकला था। यह प्राचीन मंदिर परमारकालीन बताया गया। पुरातत्वविदोें ने इसे करीब एक हजार वर्ष पुराना मंदिर बताया था।

खुदाई में निकले परमारकालीन मंदिर को दोबारा संवारने की बात कही गई थी पर यह काम अब तक अधूरा है। दो साल पहले निकले मंदिर को संवारने का काम अभी तक पूरा नहीं हो सका है। मंदिर के साथ कुछ अन्य प्राचीन वस्तुएं भी निकलीं थीं

महाकाल मंदिर परिसर में खुदाई के दौरान एक हजार वर्ष प्राचीन परमारकालीन मंदिर निकला जिसको अभी तक संवारा नहीं गया।
महाकालेश्वर मंदिर परिसर में स्मार्ट सिटी द्वारा की जा रही खुदाई के दौरान निकले इस मंदिर के प्रति शहरवासियों सहित अन्य पर्यटकों ने भी काफी रुचि दिखाई थी। संत— महामंडलेश्वरों ने इसे पुरातात्विक विभाग को जल्द संवारने को कहा था, लेकिन यह काम अब तक अधूरा है।

सती माता मंदिर के नीचे की तरफ स्मार्ट सिटी द्वारा खुदाई की जा रही थी। 16 फरवरी 2022 को बड़े-बड़े पत्थरों से जेसीबी का पंजा टकराया तो तुरंत खुदाई रुकवाई। वहां मंदिर के अवशेष नजर आए। तब डॉ. वाकणकर पुरातत्व शोध संस्थान भोपाल द्वारा खुदाई में निकले इस मंदिर की जांच की गई थी।

खुदाई में शिवलिंग भी निकला था:
महाकाल मंदिर में खुदाई के दौरान प्राचीन मंदिर के साथ अन्य अहम वस्तुएं भी मिलीं थीं। इतना ही नहीं, यहां खुदाई में 9वीं सदी का विशाल शिवलिंग और विष्णुजी की मूर्ति भी प्राप्त हुई थी।

खुदाई में निकले इस मंदिर का निर्माण और संवारने का काम शुरु किया गया लेकिन बाद में इसे रोक दिया गया। दरअसल महाकाल मंदिर में जो अन्य निर्माण कार्य चल रहे थे, उनको जल्द से जल्द पूरा करने के लिए इस मंदिर का कार्य रुक गया। इस प्राचीन मंदिर को अब जीएसआई द्वारा पुरातत्व की धरोहर मानकर संवारने का प्रयास किया जा रहा है।

इस मामले में महाकालेश्वर मंदिर समिति के प्रशासक संदीप सोनी ने बताया कि मंदिर प्रांगण में निकले प्राचीन मंदिर की जीएसआई द्वारा देखरेख की जा रही हे। इसके नवनिर्माण के लिए वर्क ऑर्डर हो गया है। जल्द ही इसे मूर्तरूप देकर संवारा जाएगा।

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