जन्में प्रभु, छाया उल्लास, झूला झुलाने उमड़ा समाज...

पर्युषण पर्व अंतर्गत बुधवार को शहर के २० से अधिक श्वेतांबर जैन मंदिरों में प्रभु के जन्मवाचन का उल्लास बिखरा।

By: Gopal Bajpai

Published: 22 Aug 2017, 10:05 PM IST

उज्जैन। पर्युषण पर्व अंतर्गत बुधवार को शहर के २० से अधिक श्वेतांबर जैन मंदिरों में प्रभु के जन्मवाचन का उल्लास बिखरा। साधु-सतों की निश्रा में माता त्रिशला के १४ स्वपनों की बोली लगी और जन्म की खुशी में समाजजनों ने केसरिया छापे लगाए। जन्म प्रसंग का वाचन होने पर लोगों ने अपने आराध्य पर अक्षत वर्षा की और रजत पालना झुलाकर आरती की। बाद में लाभार्थी परिवारों के घर बैंड बाजों से पालना जी को ले गए।

पर्युषण पर्व के आठ दिनों में से जन्मवाचन व सवंत्सरी पर्व का विशेष महत्व होता है। बड़ा उपाश्रय में गच्छाधिपति आचार्य दौलतसागर जी ने तीर्थंकरों के जन्म दौरान की गृह दशा व काल का शास्त्रोक्त वर्णन किया। इधर स्थानक भवनों में भी बुधवार को जन्मवाचन समारोह मनाकर केसरिया छापे लगाए गए। पर्युषण पर्व में २५ अगस्त को सवंत्सरी पर्व मनेगा। जिसमें समाजजन वर्षभर में हुई गलतियों के लिए क्षमायाचना करेंगे।

ऋषभदेव पेढ़ी मंदिर खाराकुआं

श्री ऋषभदेव छगनीराम पेढ़ी ट्रस्ट खाराकुंआ मंदिर पर आचार्य नंदीवर्धनसागर व युवा मुनि हीरसागर की निश्रा में जन्मवाचन हुआ। १४ स्वपनों सहित कुल ८७ हजार मन की बोलियां लगी। लक्ष्मी जी की बोली लक्ष्मीदेवी अनुपुकुमार जैन परिवार ने लिया। पालना जी का लाभ राजेंद्र सिरोलिया ने लिया। ट्रस्ट अध्यक्ष महेंद्र सिरोलिया, सचिव जयंतीलाल तेलवाला, दिलीप सिरोलिया, संजय ज्वेलर्स, नरेंद्र तरसिंग, प्रकाश पावेचा सहित बड़ी संख्या में समाजजन मौजूद रहे।

हीर विजय सूरी बड़ा उपाश्रय

गच्छाधिपति सहित आचार्य हर्षसागर की निश्रा में जन्मवाचन मना। लक्ष्मी जी की बोली राजेंद्रकुमार सुनील कुमार ओरा ने ली। दिलीप ओरा के अनुसार समाजजनों ने १४ स्वप्नों की बोली का बढ़-चढ़कर लाभ लिया। वाचन उपरांत पालना जी का जूलूस निकाला।

हासामपुरा तीर्थ में भी उत्सव
श्री आलौकिक पाश्र्वनाथ तीर्थ हासामपुरा में भी जन्मवाचन का उत्सव मना। यहां कुल १५ हजार मन की बोली लगी। रजत पालना में प्रभु को विराजमान कर समाजजनों ने आरती की। ट्रस्टी अशोक जैन, जयंतीलाल फाफरिया, अरुण जैन, डॉ. रवि जैन, अशोक मिर्चीवाला, सुनील चौपड़ा, नगीन नलवाया सहित अन्य मौजूद रहे।

Gopal Bajpai Editorial Incharge
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