नकली घी बनाने वाले के घर रात डेढ़ बजे धमकी पुलिस...

डॉक्टर पिता बोले-इतनी रात में क्यों आए, पुलिस ने कहा- कलेक्टर ने आपके बेटे के नाम भेजा है नोटिस

By: Lalit Saxena

Published: 02 Aug 2019, 10:02 AM IST

उज्जैन. नकली घी के कारोबार में फंसे कीर्तिवर्धन केलकर को पकडऩे में पुलिस को खासी मशक्कत करना पड़ी। बुधवार रात 1.30 बजे घर पहुंची पुलिस को कीर्तिवर्धन के पिता डॉक्टर गणेश केलकर ने रोके रखा। उनका कहना था आखिर ऐसा क्या हो गया कि इतनी रात को मेरे बेटे को लेने आए। पुलिस का कहना था कलेक्टर ने आपके बेटे के नाम नोटिस भेजा है, उसकी तामीली करवाना है। करीब आधा घंटा तक पुलिस और डॉ केलकर के बीच बेटे को नहीं बुलाने को लेकर बहस होती रही। आखिरकार पुलिस को समझाने पर वे अपने बेटे को बुलाने पर राजी हुए। जैसे ही कीर्तिवर्धन आया पुलिस उसे गाड़ी में बैठाकर थाने ले आई और बताया कि आपको राष्ट्रीय सुरक्षा कानून के तहत गिरफ्तार किया है।

कोतवाली पुलिस रात 1.30 बजे के करीब बहादुरगंज स्थित ब्राह्मणगली में केलकर परिसर स्थित कीर्तिवर्धन के घर पहुंची। कोतवाली टीआई जितेंद्र भास्कर के साथ देवासगेट, महाकाल और चिमनगंजमंडी थाने के जवान सहित करीब २२ पुलिसकर्मी दल में शामिल थे। रात में ही केलकर परिसर स्थित घर की घंटी बजाई तो कोई नहीं आया। इस पर पुलिसकर्मी ने आवाज लगाकर भी घरवालों को जगाने की कोशिश। करीब १५-२० मिनट की कोशिश के बाद डॉ गणेश केलकर ने दरवाजा खोला। उन्होंने इतने सारे पुलिसकर्मियों को देखते ही पूछा कि इतनी रात क्यों आए। टीआई भास्कर ने बताया कि आपके बेटे कीर्तिवर्धन के नाम कलेक्टर का नोटिस है। डॉ केलकर ने कहा यह कोई समय है नोटिस तामील करवाने का। पुलिस का कहना था जरूरी है, इसलिए रात में आना पड़ा। इस बीच डॉ कलेकर ने अपने परिचितों को फोन भी लगाया। इस पर पुलिस ने कहा कि अभी ही नोटिस देना है, आप रोकेंगे तो हमें सख्ती से कार्रवाई करना होगी। आखिरकार आधे घंटे की मशक्कत डॉ केलकर ने घर में ही सो रहे कीर्तिवर्धन को बुलाया। पुलिस ने उसे लोअर और टीशर्ट में ही जीप में बैठाया और थाने ले आए। यहां पर कीर्तिवर्धन को बताया कि उसके खिलाफ कलेक्टर ने राष्ट्रीय सुरक्षा कानून के तहत कार्रवाई की है। चूंकि कलेक्टर के रासुका के पत्र में इंदौर सेंट्रल जेल भेजने के आदेश थे। लिहाजा पुलिस रात में ही केलकर को इंदौर ले गई और सुबह ६ बजे जेल में छोड़कर वापस में आ गई।

भाग न जाए इसलिए रात में की कार्रवाई

कीर्तिवर्धन के खिलाफ रात में कार्रवाई के पीछे पुलिस का तर्क है कि आरोपी भाग न जाए इसलिए रात में पकडऩे गए। टीआई जितेंद्र भास्कर के मुताबिक पूर्व में रासुका के आरोपी को पकड़ा था तो वह बीमार हो गया और बाद में अस्पताल से भाग गया। लिहाजा ऐसी कोई घटना न हो इसके लिए रात में कार्रवाई की। वहीं यह भी ध्यान रखा कि रात में उसे पकडऩे के बाद सीधे इंदौर सेट्रल जेल पहुंचा दिया जाए। ताकि कहीं कोई गड़बड़ न हो।
कलेक्टर ने रात 10.30 बजे रासुका लगाई, तीन घंटे बाद पुलिस ने उठा लिया

नकली घी निर्माण में आरोपी कीर्तिवर्धन के खिलाफ कलेक्टर शशांक मिश्र ने राष्ट्रीय सुरक्षा कानून के तहत रात 10.30 बजे आदेश जारी किए थे। इससे पहले एसपी सचिन अतुलकर ने प्रस्ताव बनाकर कलेक्टर को भेजा था। रात करीब 11 बजे पुलिस को कलेक्टर के आदेश मिले। इस पर कार्रवाई के लिए कोतवाली टीआई जितेंद्र भास्कर को कहा गया। टीआई रात 1.30 बजे करीब दलबल के साथ केलकर परिसर पहुंचे और करीब 2.30 बजे कीर्तिवधन को पकड़ लिया।

यह पकड़ाया था नकली घी का सामान
- 450 किलो वनस्पति घी

- 102 बोतल शॉर्टनिंग
- 4 लीटर घी का एसेंस

- 800 किलो नकली घी बनाने की सामग्री

तो बोला था-मैं बेकरी आयटम बना रहा हूं
खाद्य विभाग की टीम ने जब केलकर परिसर में नकली घी बनने की सूचना पर कार्रवाई की थी तो कीर्तिवर्धन ने सफाई दी थी कि वह तो बेकरी का आयटम बना रहा है। हालांकि खाद्य विभाग के अधिकारियों ने जो सामान बरामद किया था उसमें कुछ बेकरी में मिलाने लायक नहीं था। अधिकारियों ने इसे मिलावटी घी तैयार करने के उपयोग में माना था।

 

Lalit Saxena
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